Chand Se Phool Se / चाँद से फूल से या मेरी जुबां से सुनिये

 चाँद से फूल से या मेरी जुबां से सुनिये
हर तरफ़ आपका किस्सा है जहां से सुनिये

सब को आता नहीं दुनिया को सजाकर जीना
ज़िंदगी क्या है मोहब्बत की जुबां से सुनिये

मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चेहरे का
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ मुझको वहाँ से सुनिये

क्या ज़रूरी है के हर पर्दा उठाया जाये
मेरे हालात भी अपनी ही मकाँ से सुनिये


 गीतकार : निदा फाज़ली, गायक : जगजित सिंग, संगीतकार : जगजित सिंग, गीत संग्रह/चित्रपट : इनसाईट (१९९४) / Lyricist : Nida Fazli, Singer : Jagjit Singh, Music Director : Jagjit Singh, Album/Movie : Insight (1994)

Comments

Popular Lyrics / Posts

आ लौट के आजा हनुमान तुम्हे श्री राम बुलाते हैं aa laut ke aaja hanuman tumheshree ram bulate hain

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ

जिस भजन में राम का नाम ना हो jis bhajan me ram ka naam na ho us bhajan ko gana na chahiye