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दिल्ली सहर से पति खद्दर मंगा द्यों जी / हरियाणवी लोकगीत

दिल्ली सहर से पति खद्दर मंगा द्यो जी हिन्दी लीलगर पै पीला रंग द्यो जी अल्यां तै पल्यां मोर पपीहे घूंघट पै ओउम सान्ती लिखा द्यो जी पति प्यारे जी जुग जुग जीओ सास ससुर जी जिनने अमर बेल फेलाई जी

दरद हमने सहे ये सैयां के लाल कैसे कहाये / हरियाणवी

दरद हमने सहे ये सैयां के लाल कैसे कहाये आओ सास रानी बैठो पलंग पर हमारा न्याव चुकाओ सैयां के लाल कैसे कहाये चाहे बहू मारो चाहे बहू छोड़ो लाल तो बेटे के कहाये, तुम्हारे लाल कैसे कहाये आओ नणद रानी बैठो पलंग पर हमारा न्याव चुकाओ सैयां के लाल कैसे कहाये चाहे भाभी मारो चाहे गरियाओ लाल तो भैया के कहाये, तुम्हारे लाल कैसे कहाये मैं पड़ीसूं वीर की कैद लाल मेरी कैद छुड़ाओ जी महाराज मां मैं क्यूँकर जनम जे ल्यू टुटी खटिया फटी गुदड़िया छोरड़ा कह कै बोलो जी महाराज जो लाला थम जनम ले ल्यो, सूतो के पिलंगा मखमल के गद्दा किरसन कह कै बोलें हर कह कै बोलें जी महाराज आधी सी रात अर खुले हैं किवाड़ पहरेदार सोये जी महाराज

तेरा दादा घढ़ावै अटल पलना / हरियाणवी

तेरा दादा घढ़ावै अटल पलना तेरी दादी झुलावै तू झूल ललना मेरा छोटा सा झूलै अटल पलना मेरा बाला सा झूलै अटल पलना तेरा ताऊ घढ़ावै अटल पलना तेरी ताई झूलावै तू झूल ललना मेरा छोटा सा झूलै अटल पलना मेरा बाला सा झूलै अटल पलना तेरा चाचा घढ़ावै अटल पलना तेरी चाची झुलावै तू झूल ललना मेरा छोटा झूलै अटल पलना मेरी बाला सा झूलै अटल पलना

नणन्द भावज का था प्यार दोनों रल कातती / हरियाणवी

नणन्द भावज का था प्यार दोनों रल कातती काढो नणन्द लाम्बे लाम्बे तार दोनों रल बतलावती जै नणन्दल हो जायगी धी दयांगे गल का झालरा जै नणदल हो ज्यागा पूत दयांगे री जगमोतियां दर्द ऊठे आधी रात सुरत सुरत गई नणन्द मैं नाई बेटा बेग बला ल्यादे रे मेरी नणन्द नै कै रै नेाई के बात क्या मिस आ गया थारे जीजी होया सै भतीजा तनै लेण आ गया उठी नणन्द आधी रात ने दिन लिकाड्या आपणे देस मैं देख नणन्द जी का रूप भावज मेरी हंस पड़ी आरी नणन्द मेरी बैठ मूढ़ा री घालूं बैठण नै मुड़ तुड़ लागूं तेरे पाएं भतीजा तेरी गोद मैं ले ल्यो नणन्द गल का झालरा लिखो कोले साथियां झालरे ने पहरै मेरी भावज ल्यांगे री जगमोतियां लै ल्या नणन्द हार सिंगार लिखो री कोले साथियां सिंगार करैगी मेरी भावज ल्यांगें री जगमोतियां ले ल्यो नणन्द रूंढी भैंस लिखो कोले साथियां रूंढी ने दुवै मेरा भाई ल्यांगे री जगमोतियां ले ल्यो नणन्दल ठाडी घोड़ी लिखो कोले साथियां घोड़ी पै चढ़ैगा मेरा बाबल ल्यांगे री जगमोतियां ले ल्यो नणन्दल धौले नारे लिखो कोले साथियां नार्यां ने जोड़े मेरा बीर ल्यांगे री जगमोतियां जलाओ हठीली का बीर, हठीली हठ कर रही तड़क धड़क बोल्या सै बीर द...

दूर दिसावर सै आई नणंदिया, भाई भतीजे के चाव / हरियाणवी

दूर दिसावर सै आई नणंदिया, भाई भतीजे के चाव हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ दस के तो हंसली दस क कडूले यो ही री भाभी नेग मेरा हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ टाट की अंगिआ मूंज की तगिआ, यो ही बीबी जी नेग तेरा हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ लेणा होए तो ले ले नणंदिया, नहीं तो करूंगी बुरा हाल हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ मेरी री आंगण गां का खूंटा, उसमें पड़या है मोटा रस्सा हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ रस्से से बांधूं नणद हठीली, रेसम से बांधूं तेरा भइआ हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ कस कर बांधूं नणद हठीली, ढीला सा बांधूं तेरा भइआ हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ आधी सी रात निकल रहे तारे, नणद गई है खूंटा पाड़ हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ सास नणद की पूछण लागी, क्या कुछ बहुअड़ नेगी हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ संग की सहेली पूछण लागी, के कुछ ल्याई भैण नेग हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ गां बांधण नै ल्याई हूं खूंटा, सामण झूलण नै रस्सा हाल मेरा जा सुनरे से कहिओ

पायां में पैजणियां लाला छुन्नक डोलेगा / हरियाणवी

पायां में पैजणियां लाला छुन्नक डोलेगा। हरी जरी की टोपली बजार तक डोलेगा। दादा कह के बोलेगा दादी की गोद खेलेगा। पाया में पैजणियां लाला छुन्नक छुन्नक डोलेगा। ताऊ कहके बोलेगा ताई की गोद खेलेगा। पाया में पैजणियां लाला छुन्नक छुन्नक डोलेगा।

पांच मोहर का साहबा! पीला मंगाद्यो जी / हरियाणवी

पांच मोहर का साहबा! पीला मंगाद्यो जी। कोई पांच पचीसी गढ़ बी सी गाढा मारू जी। गाढा मारू जी पीला रं गद्यो जी। किन म्हारी भोली साधण ल्याय दिखाया जी। किन थारे आल लगाई जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। छोटी सी नणदल, साहबा! आल लगाई जी। अल्ले तै पल्ले साहबा! मोर पपेया जी। बीच बीच लाल हजारी जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। कोए सास नणद मुख जोड्या जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। आंख ना खोले जच्चा मुख तै ना बोले जी। कोए जच का राजन कुम्हला डोले जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। दिल्ली सहर तै साहबा! बैद बुलाद्यो जी। कोए जच की नाड़ी दिखाद्यो जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। झाडै तो झाडै रे बैदा रोक रुपैया जी। कोए जच्चा के जीव की बधाई जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी। आंख्यां भी खोले जच्चा मुख से भी बोले जी। कोई जच्चा का राजन हंसता डोले जी मैं मन ल्यूं थी म्हारा सुघड़ साहबे का जी। कोए प्यारी सू के दुप्यारी जी। गाढा मारू जी पीला रं गाद्यो जी।

पलंग पर खेल रहो मेरो नन्दलाल / हरियाणवी

पलंग पर खेल रहो मेरो नन्दलाल आओ दाई माई तुम भी खेलाओ ये दाई माई बोल रहो मेरो नन्दलाला आरो री सासु राणी तुम भी खेलाओ ये दादी दादी बोल रहो मेरा नन्दलाल आओ री जेठाणी राणी तुम भी खेलाओ ये ताई ताई बोल रहो मेरो नन्दलाला आओ री देवराणी राणी तुम भी खेलाओ ये चाची चाची बोल रहो मेरो नन्दलाला आओ भी नणद राणी तुम भी खेलाओ ये बूआ बूआ बोल रहो मेरो नन्दलाला

बड़ए बगड़तै सती राणी नीसरी भर गोबर की हेल / हरियाणवी

बड़ए बगड़तै सती राणी नीसरी भर गोबर की हेल गोबर छिड़का भोली रााी भोंपड़ी धरती में हुवाए लिपाव बड़ए बगड़तै सती रानी नीसरी भर गीव्हां की हेल गीहव छिड़का भोली राणी भोंपड़ी धरती में राख्यो ए बीज बड़ाए बगड़तै सती राणी नीसरी भर लोटा जल नीर गड़वा तो छिटका भोंपड़ी धरती हुयाए सिलाव

पड़दा ओल्है जच्चा बोलै राजन उरै बुलाओ जी / हरियाणवी

पड़दा ओल्है जच्चा बोलै राजन उरै बुलाओ जी राजन उरै बुलाओ जी झूमदा झामदा राजन आया हम नै क्या फरमाओ जी हम नै क्या फरमाओ जी सूंठ तो सठवा की ल्यावो खांड तो खंडवा की ल्यावो घीव तो सुरही का ल्यावो मेवा तो काबुल का ल्यावो गून्द तो अजमेरी ल्यावो इतना सौदा ल्यावो जी इतना सौदा ल्यावो जी सौदा ल्याय आंगण बिच ऊम्या सौदा किसने सौंपा जी सौदा किसनै सौंपा जी सास नणद का नहीं भरोसा भीतर ही लै जाओ जी भीतर ही लै जाओ जी दोनूं मिलकै फोड़न लाग्गै सूंठ भड़ाभड़ फोड़ी जी सूंठ भड़ाभड़ फोड़ी जी दोनूं मिलके पीसण लाग्गै भारी चाकी फेरी जी भारी चाकी फेरी जी दोनूं मिलकै लाडू बांधै बड़े बड़े लाडू बांधै जी बड़े बड़े लाडू बांधै जी लाडू बान्धै (पति) जीभ सम्भालै इक लाडू दबकावै जी इक लाडू दबकावै जी सुन सुण जी म्हारे राजदिवाने चोरी ना खट्टयावै जी चोरी ना खट्टयावै जी राजा जी जाय बजार में बैठे आ आ लड़ैं बिलाई जी आ आ लड़ैं बिलाई जी प्यार मित्तर न्यू उठ बोले या के कुबध कमाई जी या के कुबध कमाई जी म्हारी धण नै बेटा जाया लाडूडा बन्धवाया जी लाडूडा बन्धवाया जी ये लडै मेरी सुसरी बिलाई हमनै ना चखाया जी हम नै ना चखाया जी

पीला तै ओढ म्हारी जच्चा पाणी नै चाली जी / हरियाणवी

पीला तै ओढ म्हारी जच्चा पाणी नै चाली जी सास नणद मुख मोड्या जी पीला तै ओढ म्हारी जच्चा पानी नै चाली जी सारै सहर नै सराई जी के पीला तेरी माय रंगाया जी के ननसालै तै आया जी ना पीला मेरी माये पुचाया जी ना मेरी ननसालै ते आया जी म्हारी सासू का जाया जी म्हारी नणदी का बीरा जी ऊं नै म्हारी साध पिराई जी पीला तै ओढ म्हारी जच्चा मुढ़लै पै बैठी जी जच्चा आंखा ना खोलै जी दिल्ली सहर तै साएबा बैद बुला द्यो जी जच्चा की नाड़ी दिखा द्यो जी जच्चा का राजन बिलक्या डोलै जी ताप नहीं इसके सिरवा नहीं सै जी छठै महीने इसनै आसा बन्धी सै जी पड़दे के औले जच्चा बोले क्यूं लुटाओ सारे घर नै जी पीला तै ओढ म्हारी जच्चा पानी नै चाली जी

मैं तो थारा हाजिर बन्दा जी, हमारी धन रूस क्यों गई / हरियाणवी

मैं तो थारा हाजिर बन्दा जी, हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो अम्मां बुलावैं जी, कहो तो चढ़वा हमीं चढ़ावैं जी हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो भाभी बुलावै जी, कहो तो मंज्जा हमीं बिछावैं जी हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो दौरानी बुलावैं जी, कहो तो दिया हमीं जलावैं जी हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो बीबी बुलावैं जी, कहो तो सतिये हमीं धरावैं जी हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो दाई बुलावैं जी, कहो तो बच्चा हमीं जनावैं जी हमारी धन रूस क्यों गई कहो तो बांदी बुलावैं जी, कहो तो पोतड़े हमीं धौवैं जी हमारी धन रूस क्यों गई

रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री / हरियाणवी

रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री री जच्चा राणी सोच मत करणा दाईये बुलावैगा जेठ तुम्हारा री जच्चा राणी फिकर मत करणा दीवला बालेगी सास तुम्हारी री जच्चा राणी सोच मत करना पीलंग बिछावैगी जेठाणी तुम्हारी री जच्चा राणी सोच मत करना थाल बजावैगी दुराणी तुम्हारी री जच्चा राणी सोच मत करना चूची धुवावैगी नणन्द तुम्हारी री जच्चा राणी सोच मत करना सथिये लगावैगी बामणी तुम्हारी री जच्चा राणी सोच मत करना होम करावैगा ससुरा तुम्हारा री जच्चा राणी सोच मत करना

मैं आई थी मीठियां की लालच / हरियाणवी

मैं आई थी मीठियां की लालच फीकी दे भुला दई। मैं आई थी गेहुआं की खात्तर बाजरा की दे भुला दई। मैं आई थी घणियां की खात्तर दो दो दे भुला दई।

मेरा भंवर ने भेजी निसानी एक ताला एक छुरी। / हरियाणवी

मेरा भंवर ने भेजी निसानी एक ताला एक छुरी। मेरा दिल मांगे हरी हरी फली सास, दिल मांगे हरी हरी फली ताला तो मेरा घर रखवाला छुरी बनारै फली। मेरा दिल मांगे हरी हरी फली सास, दिल मांगे हरी हरी फली सास दिल मांगे ताजा फली। जब उन फलियां नै चीरण बैठी सास नगोड़ी जली। जब उन फलियां ने जीमण बैठी, दुराणी जिठानी जली। मेरा दिल मांगे हरी हरी फली खेतां तै घरवाला आया खूब दड़ाहड़ दई। दुराणी जिठानी बोली मारै, फिर भी खागी फली। मेरा दिल मांगे हरी हरी फली

राजा जी जे थारै जन्मैगा पूत / हरियाणवी

राजा जी जे थारै जन्मैगा पूत मोहर हम पचास लेवां -- हां जी हां। राजा जी जै थारे जन्मैगी घी ओढां हम चुंदड़िया -- हां जी हां। राजा जी कौल बचन कर लो जी याद मोहर पचास हम लेवां -- हां जी हां। दाइए! पूत जन्मा हमारी नार, तेरा दाई क्या रे लेया -- हां जी हां। राजा जी दोए बरस की सै बात दाई कै पैरां फेर पड़ो -- हां जी हां। राजा जी मेंह अन्धेरोड़ी रात चतर दाई कैसे चले -- हां जी हां। दाइए! छिन्न भिन्न बरसैं मेह, ओढो थारी घाघरी -- हां जी हां।

मांगो मांगो म्हारी नणन्द थारा मांगण का ब्योहार / हरियाणवी

मांगो मांगो म्हारी नणन्द थारा मांगण का ब्योहार ऐसी चीज मत मांगो म्हारे गैणे का सिंगार इस गैणे में की गूठिया नणदिया नै द्यो इस गुट्ठी का नगीना राजा काढ क्यूंनां ल्यो मांगो मांगो म्हारी नणदी थारा मांगण का ब्योहार ऐसी भैंस ना मांगो जिससै म्हारा लैंडा बिगड़ै इन भैंस्यां मां का काटड़ा म्हारी नणदिया ने द्यो काटडे का जेवड़ा राजा काढ क्यूंनां ल्यो मांगो मांगो म्हारी नणदी थारा मांगण का ब्योहार ऐसी तील मत मांगो म्हारे पणघट का सिंगार इन तीलां कै मां का घागरा नणदिया ने द्यो इस घाघरे का लामण राजा पाड़ क्यूंनां ल्यो

मन्नै भावें कराले के बेर रुपये सेर, मेरा री मन बेरां नै / हरियाणवी

मन्नै भावें कराले के बेर रुपये सेर, मेरा री मन बेरां नै। मन्नै सुसरा घाल्या री लेण ने, वोह तो चौधर आया जितवाए, कराले के बाग में। मन्नै जेठा घाल्या री लेण ने, वोह् तो घोड़ी आया जितवाए, कराले के बाग में। मन्नै देवर घाल्या री लेण ने, वोह तो खुलिया आया जितवाए, कराले के बाग में। मन्नै कन्ता घाल्या री लेण ने, वोह् तो गोरी आय जितवाए, कराले के बाग में। मन्नै भावें कराले के बेर रुपये के सेर, मेरा री मन बरां नै।

मेरा पिरस चढन्ता सुसरा न्यू कवै / हरियाणवी

मेरा पिरस चढन्ता सुसरा न्यू कवै बहुवड़ एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का सुसरा फोडूं तै दूखै मेरी आंगली साबत दिया ना जा लाडूडा चरचरी सूंठ का मेरा धार कढन्ता जेठा न्यूं कवै बहुवड़ एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का जेठा फोडूं तै दूखै आंगली साबत दिया ना जा लाडूडा चरचरी सूंठ का मेरा खुलिया खेलन्ता देवर न्यू कवै भावज एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का देवर फोडूं तै दूखै आंगली साबत दिया ना जा लाडूडा चरचरी सूंठ का मेरा महल चढन्ता कन्था न्यूं कवै गौरी एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का पीया कोठी नीचै झाकरा मन मांगै जीब खा बगड बखेरूं तेरा झाकरा मेरे बाबल का मार्या सै मान मेरे भाई का मार्या सै मान लाडूडा चरचरी सूंठ का

राजे गंगा किनारे एक तिरिया सू ठाड़ी अरज करे / हरियाणवी

राजे गंगा किनारे एक तिरिया सू ठाड़ी अरज करे गंगे एक लहर हमें देऊ कि जा में डूब जाइयों कै दुख री तोहे सासुरी सुसर को कै तेरे पिया परदेस के दुख री तेरे मात पिता को के मां जाये बीर काहे दुख डूबियो ना दुख री मोहे सासुरी सुसर कऊ ना मेरे पिया परदेस ना दुख री मोहे मात पिता को ना मा जाये बीर सासु बहु कहि नाए बोले ननद भाभी ना कहे ना हो राजे वे मोहे बांझ कहीं टेरै सो काटो गई