Dharti Mata Ro Peru Ghagro Lyrics Marwadi Traditional
धरती माता नो वालो पेरू घाघरो, में तो अमर चुनड़ी ओढू, में तो संतो रे भेली रेवू, में तो बाबो रे भेली रेवू, आठ पुरुष री चेली जी । चाँद सूरज मारे, आंगने लगाऊ, में तो चरना रो, जाँजर पेरू। में तो संतो रे भेली रेवू.. ज्ञानी ध्यानी रे, बगल में राखु, हनुमान वालो, कोंकण पेरू। में तो संतो रे भेली रेवू.. नव लख तारा, मारे आंगने लगाऊ, में तो चरना रो, जाँजर पेरू। में तो संतो रे भेली रेवू.. पारस ने सरहद कर राखु में तो डूंगर डोडी में खेलु। में तो संतो रे भेली रेवू.. नव काली नाग, मारे चोटड़े बंधाऊ, जद मारो, माथो सुखाऊ। में तो संतो रे भेली रेवू.. दोई कर जोड़, मीरा बाई बोले, में तो गुण, गोविन्द रा गाऊ। में तो संतो रे भेली रेवू.. धरती माता नो वालो पेरू घाघरो, में तो अमर चुनड़ी ओढू, में तो संतो रे भेली रेवू, में तो बाबो रे भेली रेवू, आठ पुरुष री चेली जी । Aadu Aadu Panth Nivan Pad Moto Bhajan Lyrics – बिना निवण कुण तिरिया dharti mata no valo peru ghagro, mein to amar chunadi odhu, mein to santo re bheli revoo, mein to babo re bheli revoo, aath purush ree chelee jee. chaand sooraj maare, aangane lagaoo, mein to ...