श्यामा श्याम रचल हमर मनमे / मैथिली लोकगीत
श्यामा श्याम रचल हमर मनमे केओ कहय मीरा भय गेली बावरी, क्यो कहय कुलनाशी केओ कहय मीरा रूप-गुण सुन्दरि, केओ कहय श्याम सखी मातु कहथि मीरा भय गेली बावरी, पिता कहय कुलनाशी भाई कहय मीरा रूप-गुण सुन्दरि, स्वामी कहय श्याम सखी हमर मन श्यामहि श्याम रसी, हमर मन श्यामहि श्याम रसी अन्य मैथिली लोकगीत प्रिये हम जाइत छी वनवास / मैथिली लोकगीत सून भवन भेल भोर / मैथिली लोकगीत किछु ने रहल मोरा हाथ / मैथिली लोकगीत प्राणसँ प्रिय राम, हमरो प्राणसँ प्रिय राम / मैथिली लोकगीत जाइ छी ताही देश दधि-सुत, जाइ छी ताही देश / मैथिली लोकगीत नइया लाबऽ किनारा / मैथिली लोकगीत जुनि करू राम विरोग हे जननी / मैथिली लोकगीत हम ने जीअब बिनु राम हे जननी, हम ने जीअब बिनु राम / मैथिली लोकगीत वचन प्रिय ई गोट मानल जाय / मैथिली लोकगीत अँटकि जाहु एहिठाम / मैथिली लोकगीत दरसन दीअ भगवान / मैथिली लोकगीत राम लेता बास, ओही वन राम लेता बास / मैथिली लोकगीत कोइलिया नीको ने लागय तोहर बोल / मैथिली लोकगीत जाय दीअ यदुवीर, कृष्ण जाय दीअ यदुवीर / मैथिली लोकगीत नया शहर कलकत्ता हो राजा, जहाँ बिराजे महाकाली / मैथिली लोकगीत कओने वन बाजय मुरली / मैथिली लोकग...