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इश्क़ फितूरी Ishq Fitoori Lyrics in Hindi – Mohit Chauhan

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 Ishq Fitoori Lyrics in Hindi from the movie Bhavai, sung by Mohit Chauhan, written and composed by Shabbir Ahmed. Starring Pratik Gandhi & Aindrita Ray. Ishq Fitoori song Details Song Title Ishq Fitoori Movie Bhavai Singer Mohit Chauhan Lyrics Shabbir Ahmed Music Shabbir Ahmed Music Label Zee Music Company  Ishq Fitoori Lyrics in Hindi दर खुल गये हैं जन्नत के फिर से उड़ने लगे हैं अरमान दिल के दर खुल गये हैं जन्नत के फिर से उड़ने लगे हैं अरमान दिल के उड़ते परिंदे काई बाशिंदे गफलत में पद गये ना इश्क़ फितूरी इश्क़ फितूरी सवेरे सवेरे कपड़ों अपने चंदन की खुश्बू रग़ाद के कड़क धूप सर पे चले हम तो घर से मोहब्बत की गाड़ी पकड़ के सवेरे सवेरे कपड़ों अपने चंदन की खुश्बू रग़ाद के कड़क धूप सर पे चले हम तो घर से मोहब्बत की गाड़ी पकड़ के तेरे नाम ही बहरे शरीयत लिखी ज़िंदगी की वषियात तेरे नाम ही बहरे शरीयत लिखी ज़िंदगी की वषियात उड़ते परिंदे काई बाशिंदे गफलत में पद गये ना इश्क़ फितूरी इश्क़ फितूरी बागों बगीचों में तितली का उड़ना गल गुंचे खुश्बू लुटाते खुले आसमान में खिली चाँदन...

काहे मुस्काए रे Kahe Muskay Re Lyrics in Hindi – Shreya Ghoshal

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 Kahe Muskay Re Lyrics in Hindi from the movie Bhavai, sung by Shreya Ghoshal, written and composed by Shabbir Ahmed. Starring Pratik Gandhi & Aindrita Ray. Kahe Muskay Re song Details Song Title Kahe Muskay Re Movie Bhavai Singer Shreya Ghoshal Lyrics Shabbir Ahmed Music Shabbir Ahmed Music Label Zee Music Company Kahe Muskay Re Lyrics in Hindi कोमल शीतल आयी रे मधुर बेला कोमल शीतल आयी रे मधुर बेला चंचल उज्वल आयी रे मधुर बेला धीरे धीरे काहे सताए रे तू मेरे मन को काहे जलाए रे तू छेड़े मोहे काहे तड़पाए रे काहे मुस्काए रे काहे इतराए रे काहे मुस्काए रे काहे इतराए रे चिड़चिड़े तेरे बाँवरे नयन छेड़े मोहे काहे तड़पाए रे काहे मुस्काए रे काहे इतराए रे काहे मुस्काए रे हम्म… नटखट कनहियाँ पनघट पे मइया छेड़े रे मोहे फोड़े रे गागरिया संग मेरे हाय रास रचाए पकडे जो मेरी छोड़े ना चुनरिया बइयाँ मरोड़े चूड़ियाँ तोड़े छेड़े मोहे काहे तड़पाए रे काहे मुस्काए रे काहे इतराए रे लुकछुप निहारे कंकरियां मारे छन छना नाना नान बाजे रे झांझरिया ये इश्क़दारी मत मेरी मारी अखियों से मेरी रूठे रे निंदियाँ साँझ सवेरे...