पूजा शुरु करने के पहले - गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी, बाहर ऊबी थारी पूजन वाली, पूजो ए पुजावो सँइयो काँई-काँई माँगा, माँगा ए म्हेँ अन-धन लाछर लिछमी जलहर जामी बाबुल माँगा, राताँ देई माँयड, कान्ह कँवर सो बीरो माँगा, राई (रुक्मणी) सी भौजाई, ऊँट चढ्यो बहनोई माँगा, चूनडवाली बहना, पून पिछोकड फूफो माँगा, माँडा पोवण भूवा, लाल दुमाल चाचो माँगा, चुडला वाली चाची, बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी, इतरो तो देई माता गोरजा ए, इतरो सो परिवार, दे ई तो पीयर सासरौ ए, सात भायाँ री जोड परण्याँ तो देई माता पातळा (पति) ए, साराँ मेँ सिरदार पूजा शुरु करते हैँ - ऊँचो चँवरो चौकुटो, जल जमना रो नीर मँगावो जी, जठे ईसरदासजी सापड्या (विराजे हैँ), बहू गोराँ ने गोर पुजावो जी, जठे कानीरामजी सापड्या बहु लाडल ने गोर पुजावो जी, जठे सूरजमलजी सापड्या, बाई रोवाँ ने गोर पुजावो जी, गोर पूजंता यूँ कैवे सायब या जोडी इभ् छल (इसी तरह) राखो जी, या जोडी इभ् छल राख...