Friday, November 1, 2024

आया अयोध्या वाला कुवर दो / निमाड़ी लोकगीत

 आया अयोध्या वाला कुवर दो


(१) राजा जनक तो जग में हो ठाड़ा

    शोभा वर्णी न जाई

    उठ सभा दल देखण लागी

    उग्या भवन का तारा...

    कुवर दो...


(२) यो रे धनुष कोई सी हाले न डोले,

    लख जोधा आजमाया

    रावण सरीका पड्या खिसाणा

    भवपती गरब हरायाँ...

    कुवर दो...


(३) लक्ष्मण सुणो बंधु रे भाई,

    गुरु की नी आज्ञा पाई

    डावी भुजा सी धरणी क तोकु

    धनुष की कोण बिसात...

    कुवर दो...


(४) गुरु की आज्ञा पाई राम न,

    चरणो म शीश नमाया

    इनी रे भूमी पर है कोई योद्धा

    धनुष का टुकड़ा उड़ाया

    कुवर दो...


(५) सिता रे ब्याही न राम घर आया,

    घर-घर आनंद छाया

    माता कौशल्या न आरती सजाई

    राम बधाई घर लाया...

    कुवर दो...

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