दिल की दुनिया बसा के साँवरिया
तुम न जाने खान खो गए
साथ रहना था सारी उमरिया
दूर नज़रों से क्यों हो गए
जानेवाले पता तेरा मैंने
आती जाती बहारों से पूछा
चुप रहे जब जमीन के नज़ारे
आसमान के सितारों से पूछा
सुनके बादल भी मेरी कहानी
बेबसीपर मेरी रो गए
हँस रहा है ये जालिम ज़माना
अपनी खुशियों की महफ़िल सजाए
मैं अकेली मगर रो रही हूँ
तेरी यादों को दिल से लगाए
बहते बहते ये आंसू भी हारे
आके पलकों पे है सो गए
तुम न जाने खान खो गए
साथ रहना था सारी उमरिया
दूर नज़रों से क्यों हो गए
जानेवाले पता तेरा मैंने
आती जाती बहारों से पूछा
चुप रहे जब जमीन के नज़ारे
आसमान के सितारों से पूछा
सुनके बादल भी मेरी कहानी
बेबसीपर मेरी रो गए
हँस रहा है ये जालिम ज़माना
अपनी खुशियों की महफ़िल सजाए
मैं अकेली मगर रो रही हूँ
तेरी यादों को दिल से लगाए
बहते बहते ये आंसू भी हारे
आके पलकों पे है सो गए
No comments:
Post a Comment