Saturday, March 10, 2018

Dil Ki Girah Khol Do – Raat Aur Din

Movie: Raat Aur Din
Year: 1967
Director: Satyen Bose
Music: Shankar-Jaikishan
Lyrics: Hasrat Jaipuri
Singers: Lata Mangeshkar, Manna Dey

Lata
दिल की गिरह खोल दो, चुप ना बैठो, कोइ गीत गाओ
आ आ आ आ महफील में अब कौन हैं अजनबी, तुम मेरे पास आओ
दिल की गिरह खोल दो, चुप ना बैठो, कोइ गीत गाओ

मिलने दो अब दिल से दिल को, मिटने दो मजबूरीयों को
हो शीशे में अपने डुबो दो, सब फासलों दूरियों को
आखों में मैं मुसकुराऊ तुम्हारे जो तुम मुस्कुराओ
आ आ आ आ महफील में अब कौन हैं अजनबी, तुम मेरे पास आओ
दिल की गिरह खोल दो, चुप ना बैठो, कोइ गीत गाओ

Manna Dey
हम तुम ना हम तुम रहे अब, कुछ और ही हो गये अब
सपनों के ज़िलामिल नगर में, जाने कहा खो गये अब
हमराह पूछे किसी से ना तुम अपनी मंज़िल बताओ
Lata
आ आ आ आ महफील में अब कौन हैं अजनबी, तुम मेरे पास आओ
Both
दिल की गिरह खोल दो, चुप ना बैठो, कोइ गीत गाओ

Lata
कल हम से पूछे ना कोइ, क्या हो गया था तुम्हे कल
Manna
मुड़कर नहीं देखते हम दिल ने कहा हैं चला चल
Both
जो दूर पीछे कही रेह गये, अब उन्हें मत बुलाओ
Lata
आ आ आ आ महफील में अब कौन हैं अजनबी, तुम मेरे पास आओ
Both
दिल की गिरह खोल दो, चुप ना बैठो, कोइ गीत गाओ
हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म
हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म

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