Saturday, March 10, 2018

Jame Raho – Taare Zameen Par

Movie: Taare Zameen Par
Year: 2007
Director: Aamir Khan
Music: Shankar-Ehsaan-Loy
Lyrics: Prasoon Joshi
Singers: Vishal Dadlani

कस के जूता कस के बेल्ट
खोंस के अन्दर अपनी शर्ट
मंजिल को चली सवारी
कंधो पे ज़िम्मेदारी

हाथ में फाइल मन में दम
मीलों मील चलेंगे हम
हर मुश्किल से टकरायेंगे
तस से मस ना होंगे हम

दुनिया का नारा जमे रहो
मंजिल का इशारा जमे रहो
दुनिया का नारा जमे रहो
मंजिल का इशारा जमे रहो

ये सोते भी हैं Attention
आगे रहने की है Tension
म्हणत इनको प्यारी है
एकदम आग्यांकारी हैं (आग्यांकारी हैं)

ये ओम्लेट पर ही जीते हैं
ये टोनिक सारे पीते हैं
वक़्त पे सोते वक़्त पे खाते
तान के सीना बढ़ते जाते

दुनिया का नारा जमे रहो
मंजिल का इशारा जमे रहो
दुनिया का नारा जमे रहो
मंजिल का इशारा जमे रहो

यहाँ अलग अंदाज़ है
जैसे छिड़ता कोई साज़ है
हर काम को टाला करते हैं
ये सपने पाला करते हैं

ये हरदम सोचा करते हैं
ये खुद से पुछा करते हैं
क्यूँ दुनिया का नारा जमे रहो
क्यूँ मंजिल का इशारा जमे रहो
क्यूँ दुनिया का नारा जमे रहो
क्यूँ मंजिल का इशारा जमे रहो

ये वक़्त के कभी घुलाम नहीं
इन्हें किसी बात का ध्यान नहीं
तितली से मिलने जाते हैं
ये पेड़ों से बतियाते हैं

ये हवा बटोरा करते हैं
बारिश क बूँदें पढ़ते है
और आसमान के कैनवास पे
ये कलाकारियाँ करते हैं

क्यूँ दुनिया का नारा जमे रहो
क्यूँ मंजिल का इशारा जमे रहो
क्यूँ दुनिया का नारा जमे रहो
क्यूँ मंजिल का इशारा जमे रहो

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