Kya Dekhte Ho – Qurbani
Movie: Qurbani
Year: 1980
Director: Feroz Khan
Music: Kalyanji-Anandji
Lyrics:
Singers: Asha Bhosle, Mohammed Rafi
Asha क्या देखते हो, क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Mohammed
रोज़ रोज़
रोज़ रोज़ देखूं तुझे, नयी नयी लगे मुझे
अंगों में अमृत की धरा
तेरे अंगों में अमृत की धरा
Asha
दिल लेने की ढंग तेरी सीखी कोई रंग तेरे
बातों का अंदाज़ प्यारा
तेरी बातों का अंदाज़ प्यारा
Mohammed
शरारत से चेहरा चमकने लगा क्यूँ
शरारत से चेहरा चमकने लगा क्यूँ
Asha
ये रंग लायी है सांगत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha
सोचो ज़रा
सोचो ज़रा जान-ए-जिगर, बीतेगी क्या तुमपे अगर
हमको जो कोई चुरा ले
तुमसे हमको जो कोई चुरा ले
Mohammed
किसी ने जो तुम्हे छीना, नामुमकिन है उसका जीना
कैसे नज़र कोई डाले
तुमपे कैसे नज़र कोई डाले
Asha
प्यार पे अपने इतना भरोसा
प्यार पे अपने इतना भरोसा
Mohammed
इतना मोहब्बत में फितरत हमारी
Asha क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Year: 1980
Director: Feroz Khan
Music: Kalyanji-Anandji
Lyrics:
Singers: Asha Bhosle, Mohammed Rafi
Asha क्या देखते हो, क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Mohammed
रोज़ रोज़
रोज़ रोज़ देखूं तुझे, नयी नयी लगे मुझे
अंगों में अमृत की धरा
तेरे अंगों में अमृत की धरा
Asha
दिल लेने की ढंग तेरी सीखी कोई रंग तेरे
बातों का अंदाज़ प्यारा
तेरी बातों का अंदाज़ प्यारा
Mohammed
शरारत से चेहरा चमकने लगा क्यूँ
शरारत से चेहरा चमकने लगा क्यूँ
Asha
ये रंग लायी है सांगत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha
सोचो ज़रा
सोचो ज़रा जान-ए-जिगर, बीतेगी क्या तुमपे अगर
हमको जो कोई चुरा ले
तुमसे हमको जो कोई चुरा ले
Mohammed
किसी ने जो तुम्हे छीना, नामुमकिन है उसका जीना
कैसे नज़र कोई डाले
तुमपे कैसे नज़र कोई डाले
Asha
प्यार पे अपने इतना भरोसा
प्यार पे अपने इतना भरोसा
Mohammed
इतना मोहब्बत में फितरत हमारी
Asha क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
Asha क्या चाहते हो
Mohammed चाहत तुम्हारी
Asha ना हम जो केह दे
Mohammed केह ना सकोगी
Asha लगती नहीं ठीक नियत तुम्हारी
क्या देखते हो
Mohammed सूरत तुम्हारी
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