Kya Khayal Hai – The Dewarists
Movie: The Dewarists (Indipop)
Year: 2012
Director:
Music: Shantanu Moitra
Lyrics: Swanand Kirkire, Haaniya
Singers: Zeb & Haniya, Shantanu Moitra and Swanand Kirkire
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
इक जहाँ छोटा सा अपना, इक जहाँ तुम्हारा
मुस्कान चाहे मीठी हो, या आंसूं एक खरा
चलो बाँट लें ग़म और ख़ुशी
थोड़ी गुफ्तगू कर लें
कहो क्या खयाल है
आप से दो बातें कर लें
यादों को जेबों में भर लें
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की सौबत में आके
धीरे से कुछ गुनगुना के
युहीं कट जाते हैं दिन और रात
मुठी में तुम भींच लाना सावन हरा
एक धनक तुम भी तोड़ लाना फलक से ज़रा
मुठी मुठी बाँट लेंगे किरणों का कतरा
इक सिक्का धुप हमसे लेना गर कम लगा
बेतुक ही बेमतलब हंस ले हम
क्यूँ ना इस लम्हें में, हाँ, जी लें हम
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
आप से दो बातें कर लें
यादों को जेबों में भर लें
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की सौबत में आके
धीरे से कुछ गुनगुना के
युहीं कट जाते हैं दिन और रात
Year: 2012
Director:
Music: Shantanu Moitra
Lyrics: Swanand Kirkire, Haaniya
Singers: Zeb & Haniya, Shantanu Moitra and Swanand Kirkire
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
इक जहाँ छोटा सा अपना, इक जहाँ तुम्हारा
मुस्कान चाहे मीठी हो, या आंसूं एक खरा
चलो बाँट लें ग़म और ख़ुशी
थोड़ी गुफ्तगू कर लें
कहो क्या खयाल है
आप से दो बातें कर लें
यादों को जेबों में भर लें
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की सौबत में आके
धीरे से कुछ गुनगुना के
युहीं कट जाते हैं दिन और रात
मुठी में तुम भींच लाना सावन हरा
एक धनक तुम भी तोड़ लाना फलक से ज़रा
मुठी मुठी बाँट लेंगे किरणों का कतरा
इक सिक्का धुप हमसे लेना गर कम लगा
बेतुक ही बेमतलब हंस ले हम
क्यूँ ना इस लम्हें में, हाँ, जी लें हम
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
धडकनों की ताल बाजे, साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठें सूरज चंदा तारा
चलो बाँट लें हम ज़िन्दगी
ज़रा आज यूँ कर लें
कहो क्या खयाल है
आप से दो बातें कर लें
यादों को जेबों में भर लें
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की सौबत में आके
धीरे से कुछ गुनगुना के
युहीं कट जाते हैं दिन और रात
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