Lukka Chhupi – Rang De Basanti
Movie: Rang De Basanti
Year: 2006
Director: Rakeysh Omprakash Mehra
Music: A.R. Rahman
Lyrics: Prasoon Joshi
Singers: Lata Mangeshkar, A.R. Rahman
लुक्का छुप्पी बहोत हुयी सामने आ जा ना
कहाँ कहाँ ढूंडा तुझे थक गयी है अब तेरी माँ
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
क्या बताऊँ माँ कहाँ हूँ मैं
यहाँ उडने को मेरे खुला आसमान है
तेरे किस्सों जैसा भोला सलोना जहाँ हैं
यहाँ सपनो वाला मेरी पतंग हो बेफिक्र उड़ रही है माँ
डोर कोई लुटे नहीं बीच से काटे ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
तेरी राह ताके अंखियाँ जाने कैसा कैसा होए जिया
तेरी राह ताके अंखियाँ जाने कैसा कैसा होए जिया
धीरे धीरे आँगन उतरे अँधेरा मेरा दीप कहाँ
ढलके सूरज करे इशारा चंदा तू है कहाँ
मेरे चंदा तू है कहाँ
लुक्का छुप्पी बहोत हुयी सामने आ जा ना
कहाँ कहाँ ढूंडा तुझे थक गयी है अब तेरी माँ
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
कैसे तुझको दिखाऊ यहाँ है क्या
मैंने झरने से पानी माँ तोड़ के पिया है
गुच्छा गुच्छा कई ख्वाबों का उचल के छुवा है
छाया लिए भली धुप यहाँ है
नया नया सा है रूप यहाँ
यहाँ सब कुछ है माँ फिर भी
लगे बिन तेरे मुझको अकेला
Year: 2006
Director: Rakeysh Omprakash Mehra
Music: A.R. Rahman
Lyrics: Prasoon Joshi
Singers: Lata Mangeshkar, A.R. Rahman
लुक्का छुप्पी बहोत हुयी सामने आ जा ना
कहाँ कहाँ ढूंडा तुझे थक गयी है अब तेरी माँ
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
क्या बताऊँ माँ कहाँ हूँ मैं
यहाँ उडने को मेरे खुला आसमान है
तेरे किस्सों जैसा भोला सलोना जहाँ हैं
यहाँ सपनो वाला मेरी पतंग हो बेफिक्र उड़ रही है माँ
डोर कोई लुटे नहीं बीच से काटे ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
तेरी राह ताके अंखियाँ जाने कैसा कैसा होए जिया
तेरी राह ताके अंखियाँ जाने कैसा कैसा होए जिया
धीरे धीरे आँगन उतरे अँधेरा मेरा दीप कहाँ
ढलके सूरज करे इशारा चंदा तू है कहाँ
मेरे चंदा तू है कहाँ
लुक्का छुप्पी बहोत हुयी सामने आ जा ना
कहाँ कहाँ ढूंडा तुझे थक गयी है अब तेरी माँ
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
कैसे तुझको दिखाऊ यहाँ है क्या
मैंने झरने से पानी माँ तोड़ के पिया है
गुच्छा गुच्छा कई ख्वाबों का उचल के छुवा है
छाया लिए भली धुप यहाँ है
नया नया सा है रूप यहाँ
यहाँ सब कुछ है माँ फिर भी
लगे बिन तेरे मुझको अकेला
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