Movie: Zubeidaa
Year: 2001
Director: Shyam Benegal
Music: A.R. Rahman
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Alka Yagnik
मेहेंदी है रचनेवाली, हाथों में गेहरी लाली
कहे सखियाँ, अब कलियाँ हाथों में खिलनेवाली हैं
तेरे मन को, जीवन को नयी खुशियाँ मिलनेवाली है
मेहेंदी है रचनेवाली, हाथों में गेहरी लाली
कहे सखियाँ, अब कलियाँ हाथों में खिलनेवाली हैं
तेरे मन को, जीवन को नयी खुशियाँ मिलनेवाली है
ओ हरियाली बन्नो
ले जाने तुझको गुइय्याँ आने वाले है सैय्याँ
थामेंगे आके बैय्याँ, गूंजेगी शेहनाई, अंगनाई, अंगनाई
मेहेंदी है रचनेवाली, हाथों में गेहरी लाली
कहे सखियाँ, अब कलियाँ हाथों में खिलनेवाली हैं
तेरे मन को, जीवन को नयी खुशियाँ मिलनेवाली है
गाये मैया और मौसी, गाये बहना और भाभी
के मेहँदी खिल जाए, रंग लाये हरियाली बननी
गाये फूफी और चाची, गाये नानी और दादी
के मेहँदी मन भाये, सज जाये हरियाली बननी
मेहँदी रूप सँवारे, ओ मेहँदी रंग निखारे, हो
हरियाली बननी के आँचल में उतरेंगे तारें
मेहेंदी है रचनेवाली, हाथों में गेहरी लाली
कहे सखियाँ, अब कलियाँ हाथों में खिलनेवाली हैं
तेरे मन को, जीवन को नयी खुशियाँ मिलनेवाली है
गाजे बाजे बाराती, घोडा, गाडी और हाथी को
लायेंगे साजन तेरे आँगन, हरियाली बननी
तेरी मेहेंदी वो देखेंगे तो अपना दिल रख देंगे वो
पैरों में तेरे चुपके से, हरियाली बननी
मेहेंदी रूप सँवारे ओ मेहेंदी रंग निखारे, हो
हरियाली बननी के आँचल में उतरेंगे तारें
मेहेंदी है रचनेवाली, हाथों में गेहरी लाली
कहे सखियाँ, अब कलियाँ हाथों में खिलनेवाली हैं
तेरे मन को, जीवन को नयी खुशियाँ मिलनेवाली है
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