Naam Ada Likhna – Yahaan
Movie: Yahaan
Year: 2005
Director: Shoojit Sircar
Music: Shantanu Moitra
Lyrics: Gulzar
Singers: Shaan, Shreya Goshal
रख साइयाँ नी… रख साइयाँ नी
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
Female
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग ही ना लिखना
गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
अओना अओना, झेह्लम में बेह लेंगे
वादी के मौसम भी एक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
Male
आऊँ तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ पड़े तो बर्फ पे मेरा नाम दुआ लिखना
Both
ज़रा ज़रा आग-वाग पास रेहती है, ज़रा ज़रा कांगड़ी की आंच रेहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है (जाने बुझाने), कभी कभी आस पास शाम रहती है (रातें है रातें)
(रातें बुझाने तुम आ गए हो)
Female
जब तुम हस्ते हो, दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो, दिन सो जाता है
डोली उठाये आएगा दिन तो पास बीठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
Both
ज़रा ज़रा आस-पास धुप रहेगी, ज़रा ज़रा आस-पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस-पास धुप रहेगी, ज़रा ज़रा आस-पास रंग रहेंगे
Female
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग ही ना लिखना
गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
Male
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
Both
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
Female
कभी कभी आस पास शाम रहती है
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
Both
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
हे हे हे हे
हम्म हम्म हम्म हम्म
Year: 2005
Director: Shoojit Sircar
Music: Shantanu Moitra
Lyrics: Gulzar
Singers: Shaan, Shreya Goshal
रख साइयाँ नी… रख साइयाँ नी
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
Female
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग ही ना लिखना
गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
अओना अओना, झेह्लम में बेह लेंगे
वादी के मौसम भी एक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
Male
आऊँ तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ पड़े तो बर्फ पे मेरा नाम दुआ लिखना
Both
ज़रा ज़रा आग-वाग पास रेहती है, ज़रा ज़रा कांगड़ी की आंच रेहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है (जाने बुझाने), कभी कभी आस पास शाम रहती है (रातें है रातें)
(रातें बुझाने तुम आ गए हो)
Female
जब तुम हस्ते हो, दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो, दिन सो जाता है
डोली उठाये आएगा दिन तो पास बीठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
Both
ज़रा ज़रा आस-पास धुप रहेगी, ज़रा ज़रा आस-पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस-पास धुप रहेगी, ज़रा ज़रा आस-पास रंग रहेंगे
Female
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग ही ना लिखना
गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
Male
कभी कभी आस पास चाँद रहता है, कभी कभी आस पास शाम रहती है
Both
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
Female
कभी कभी आस पास शाम रहती है
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
रख साइयाँ नी जीवे, अब रखवाला जीवे
Both
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
हे हे हे हे
हम्म हम्म हम्म हम्म
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