Rimjhim Rimjhim – 1942: A Love Story
Movie: 1942: A Love Story
Year: 1994
Director: Vidhu Vinod Chopra
Music: R.D. Burman
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Kavita Krishnamurthy, Kumar Sanu
Kumar
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
Kavita
बजता है जलतरंग तीन की छत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे
Kumar
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी जिसके लिए हम तरसे
Kavita
हो हो हो बजता है जलतरंग तीन की छत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे
Kumar
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी जिसके लिए हम तरसे
Kavita
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
Kumar
हो चलते हैं, चलते हैं
Kumar
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ, सारी दिशायें सोयी हैं
Kavita
सपनों के गाँव में भीगी सी छाओं में दो आत्माएं खोयी हैं
Kumar
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ, सारी दिशायें सोयी हैं
Kavita
सपनों के गाँव में भीगी सी छाओं में दो आत्माएं खोयी हैं
Kumar
रिमझिम रिमझिम (Kavita ला ला) रुमझुम रुमझुम (Kavita ला ला)
भीगी भीगी रुत में (Kavita हा हा) तुम हम हम तुम
Kavita
हो चलते हैं, चलते हैं
Kavita
आयी हैं देखने झीलों के आईने, बालों को खोले घटाएं
Kumar
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ, आओ यहीं रह जायें
Kavita
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने, बालों को खोले घटाएं
Kumar
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ, आओ यहीं रह जायें
Kavita
रिमझिम रिमझिम (Kumar रिमझिम) रुमझुम रुमझुम (Kumar रुमझुम)
भीगी भीगी रुत में (Kumar हे हे) तुम हम हम तुम
Kumar
हो चलते हैं, चलते हैं
Kumar रिमझिम रिमझिम
Kavita रिमझिम रिमझिम
Kumar रुमझुम रुमझुम
Kavita रुमझुम रुमझुम
Kumar भीगी भीगी रुत में
Kavita भीगी भीगी रुत में
Both हो चलते है, चलते है
Year: 1994
Director: Vidhu Vinod Chopra
Music: R.D. Burman
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Kavita Krishnamurthy, Kumar Sanu
Kumar
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
Kavita
बजता है जलतरंग तीन की छत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे
Kumar
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी जिसके लिए हम तरसे
Kavita
हो हो हो बजता है जलतरंग तीन की छत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे
Kumar
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी जिसके लिए हम तरसे
Kavita
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
Kumar
हो चलते हैं, चलते हैं
Kumar
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ, सारी दिशायें सोयी हैं
Kavita
सपनों के गाँव में भीगी सी छाओं में दो आत्माएं खोयी हैं
Kumar
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ, सारी दिशायें सोयी हैं
Kavita
सपनों के गाँव में भीगी सी छाओं में दो आत्माएं खोयी हैं
Kumar
रिमझिम रिमझिम (Kavita ला ला) रुमझुम रुमझुम (Kavita ला ला)
भीगी भीगी रुत में (Kavita हा हा) तुम हम हम तुम
Kavita
हो चलते हैं, चलते हैं
Kavita
आयी हैं देखने झीलों के आईने, बालों को खोले घटाएं
Kumar
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ, आओ यहीं रह जायें
Kavita
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने, बालों को खोले घटाएं
Kumar
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ, आओ यहीं रह जायें
Kavita
रिमझिम रिमझिम (Kumar रिमझिम) रुमझुम रुमझुम (Kumar रुमझुम)
भीगी भीगी रुत में (Kumar हे हे) तुम हम हम तुम
Kumar
हो चलते हैं, चलते हैं
Kumar रिमझिम रिमझिम
Kavita रिमझिम रिमझिम
Kumar रुमझुम रुमझुम
Kavita रुमझुम रुमझुम
Kumar भीगी भीगी रुत में
Kavita भीगी भीगी रुत में
Both हो चलते है, चलते है
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