Socha Hai – Rock On
Movie: Rock On!
Year: 2008
Director: Abhishek Kapoor
Music: Shankar-Ehsaan-Loy
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Farhan Akhtar
आसमान है नीला क्यूँ, पानी गीला गीला क्यूँ
गोल क्यों है ज़मीन, सिल्क में है नरमी क्यूँ
आग में है गर्मी क्यूँ, दो और दो पांच क्यूँ नहीं
पेड़ हो गए कम क्यूँ, तीन हैं ये मौसम क्यूँ
चाँद दो क्यूँ नहीं, दुनिया में है जंग क्यूँ
बहता लाल रंग क्यूँ, सरहदें हैं क्यूँ हर कहीं
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
बहती क्यूँ है हर नदी, होती क्या है रौशनी
बर्फ गिरती है क्यूँ, दोस्त क्यूँ हैं रूठते
तारे क्यूँ हैं टूटते, बादलों में बिजली है क्यूँ
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
सन्नाटा सुनाई नहीं देता और हवाएं दिखाई नहीं देती
सोचा है क्या कभी, होता है ये क्यूँ
आसमान है नीला क्यूँ, पानी गीला गीला क्यूँ
गोल क्यों है ज़मीन, सिल्क में है नरमी क्यूँ
आग में है गर्मी क्यूँ, दो और दो पांच क्यूँ नहीं
पेड़ हो गए कम क्यूँ, तीन हैं ये मौसम क्यूँ
चाँद दो क्यूँ नहीं, दुनिया में है जंग क्यूँ
बहता लाल रंग क्यूँ, सरहदें हैं क्यूँ हर कहीं
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
Year: 2008
Director: Abhishek Kapoor
Music: Shankar-Ehsaan-Loy
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Farhan Akhtar
आसमान है नीला क्यूँ, पानी गीला गीला क्यूँ
गोल क्यों है ज़मीन, सिल्क में है नरमी क्यूँ
आग में है गर्मी क्यूँ, दो और दो पांच क्यूँ नहीं
पेड़ हो गए कम क्यूँ, तीन हैं ये मौसम क्यूँ
चाँद दो क्यूँ नहीं, दुनिया में है जंग क्यूँ
बहता लाल रंग क्यूँ, सरहदें हैं क्यूँ हर कहीं
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
बहती क्यूँ है हर नदी, होती क्या है रौशनी
बर्फ गिरती है क्यूँ, दोस्त क्यूँ हैं रूठते
तारे क्यूँ हैं टूटते, बादलों में बिजली है क्यूँ
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
सन्नाटा सुनाई नहीं देता और हवाएं दिखाई नहीं देती
सोचा है क्या कभी, होता है ये क्यूँ
आसमान है नीला क्यूँ, पानी गीला गीला क्यूँ
गोल क्यों है ज़मीन, सिल्क में है नरमी क्यूँ
आग में है गर्मी क्यूँ, दो और दो पांच क्यूँ नहीं
पेड़ हो गए कम क्यूँ, तीन हैं ये मौसम क्यूँ
चाँद दो क्यूँ नहीं, दुनिया में है जंग क्यूँ
बहता लाल रंग क्यूँ, सरहदें हैं क्यूँ हर कहीं
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
सोचा है ये तुमने क्या कभी
सोचा है की हैं ये क्या सभी
सोचा है सोचा नहीं तो सोचो अभी
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