Suniye To – Yes Boss
Movie: Yes Boss
Year: 1997
Director: Aziz Mirza
Music: Jatin-Lalit
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Abhijeet
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
ये शाम का दिलकश मंज़र
ये साहिल और समंदर
कहते हैं आप ना जाएँ
हम पर ये करम फरमायें
ये शाम का दिलकश मंज़र
ये साहिल और समंदर
कहते हैं आप ना जाएँ
हम पर ये करम फरमायें
सुनिए तो
कहती हैं बलखाती लहरें
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आप ज़रा कुछ देर तो ठेहरें
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
इठलाती शोख हवाएं भीगी रंगीन फिजायें
जो आपको देखे जाए तो सीखे और अदाएं
इठलाती शोख हवाएं भीगी रंगीन फिजायें
जो आपको देखे जाए तो सीखे और अदाएं
सुनिए तो
ये जुल्फें जो देखे बदल
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सारे बरस बरसे वो बादल
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हे सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
हे सुनिए तो रुकिए तो
हाँ क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
Year: 1997
Director: Aziz Mirza
Music: Jatin-Lalit
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Abhijeet
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
ये शाम का दिलकश मंज़र
ये साहिल और समंदर
कहते हैं आप ना जाएँ
हम पर ये करम फरमायें
ये शाम का दिलकश मंज़र
ये साहिल और समंदर
कहते हैं आप ना जाएँ
हम पर ये करम फरमायें
सुनिए तो
कहती हैं बलखाती लहरें
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आप ज़रा कुछ देर तो ठेहरें
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
इठलाती शोख हवाएं भीगी रंगीन फिजायें
जो आपको देखे जाए तो सीखे और अदाएं
इठलाती शोख हवाएं भीगी रंगीन फिजायें
जो आपको देखे जाए तो सीखे और अदाएं
सुनिए तो
ये जुल्फें जो देखे बदल
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सारे बरस बरसे वो बादल
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हे सुनिए तो रुकिए तो
क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
हे सुनिए तो रुकिए तो
हाँ क्यूँ हैं खफा अरे कहिये तो
ऐसी क्या जल्दी जाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
दीवाना हूँ माना
सुनिए दीवाने की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
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