Movie: Dil Chahta Hai
Year: 2001
Director: Farhan Akhtar
Music: Shankar-Ehsaan-Loy
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Shaan, Kavita Krishnamurthy
Shaan
जिससे ढूँढता हूँ मैं हर कहीं जो कभी मिली मुझे है नहीं
मुझे जिसके प्यार पर हो यकीन वो लड़की है कहाँ
जिससे सिर्फ मुझसे ही प्यार हो, जो ये कहने को भी तैयार हो
सुनो तुम ही मेरे दिलदार हो, वो लड़की है कहाँ
Kavita
जो तुम्हारे ख़्वाबों में हैं बसी वो हसीन मूर्ति प्यार की
मिलेगी तुम्हे कभी ना कभी ज़रा देखो यहाँ वहां
चलो ढूँढ़ते हैं हम तुम कहीं वो पारी वो हूर वो नाजनीन
जिससे देखो तो कहो तुम वाही अरे ये तो हैं यहाँ
Shaan
जाने क्यूं ख़याल आया मुझे के वो लड़की कहीं तुम तो नहीं
तुम में हैं वो सारी खूबियाँ था जिनको ढूँढता मैं हर कहीं
Kavita
तुम्हे धोका लगता है हो गया
मुझे हैं समझ लिया जाने क्या
ना मैं हूँ पारी, ना मैं अप्सरा
करो तुम ना ये घुमान
Shaan
जिससे ढूँढता हूँ मैं हर कहीं जो कभी मिली मुझे है नहीं
मुझे जिसके प्यार पर हो यकीन वो लड़की है कहाँ
Shaan
मान लो अगर मैं ये कहूं के मेरे ख़्वाबों में तुम ही तो हो
जान लो, मेरा अरमान है के मेरे साथ ही अब तुम रहो
Kavita
मुझे तुमने क्या यह समझा दिया
मेरा दिल को जैसे धड़का दिया
मेरे तन बदन को पिघला दिया
वो सुनाये दास्ताँ
Shaan
जिससे ढूँढता हूँ मैं हर कहीं जो कभी मिली मुझे है नहीं
मुझे जिसके प्यार पर हो यकीन
Kavita
वो लड़की है कहाँ
Shaan
वो लड़की है यहाँ
Kavita
वो लड़की है कहाँ
Shaan
वो लड़की है यहाँ
Kavita
वो लड़की है कहाँ
Shaan
वो लड़की है यहाँ
Kavita
वो लड़की है कहाँ
Shaan
वो लड़की है यहाँ
Bollywood Movie Lyrics in Hindi, Hindi Movie Song Lyrics in Hindi, Classic,Old,New Bollywood Songs Lyrics Hindi , Indian Movie Lyrics in Hindi Font हिंदी गाने - हिंदी गीत लिरिक्स हिंदी में
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो Yunhi Be-Sabab Na Fira Karo Koi Bashir Badr Ghazal
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक स...

-
बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला, पाँव में घुंगरू बांध के नाचे, जपे राम की माला, बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला।। सिया राम ही राम पुकारे, हनुमत जाए ...
-
जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी॥ जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनी दुति गाता॥ देवी पूजि पद कमल तुम्हारे। सुर नर मुनि सब होह...
-
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं। अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं॥ आग-निगम-पुरान सबै इतिहास सदा जि...
No comments:
Post a Comment