Yeh Galiyan Yeh Chaubara – Prem Rog
Movie: Prem Rog
Year: 1982
Director: Raj Kapoor
Music: Laxmikant-Pyarelal
Lyrics: Narendra Sharma
Singers: Lata Mangeshkar
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
लेजा रंग बिरंगी यादें, हसने रोने की बुनियादें
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
मेरे हाथों में भरी भरी चूड़ियाँ
मुझे भा गयी हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी मेरी चूड़ियाँ
तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तुने पीसी वो मेहँदी रंग लायी
मेरी गोरी हथेली रच आयी
तेरी आँख क्यूँ लाडो भर आयी
तेरे घर भी बजेगी शेहनाई
सावन में बादल से केहना, परदेस में हैं मेरी बहना
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
हम आये मिलने गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आंगन में अपना बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा कल भी पंछी गायेंगे
सब तुझको दिखाई देंगे पर हम ना नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको
सपनों में भुला लेना हमको
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड सी अन्खेलियाँ,सदा पलकों भी बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जग लगने लगे खली खली
उस दम तू इतना समझना मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
Year: 1982
Director: Raj Kapoor
Music: Laxmikant-Pyarelal
Lyrics: Narendra Sharma
Singers: Lata Mangeshkar
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
लेजा रंग बिरंगी यादें, हसने रोने की बुनियादें
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
मेरे हाथों में भरी भरी चूड़ियाँ
मुझे भा गयी हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी मेरी चूड़ियाँ
तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तुने पीसी वो मेहँदी रंग लायी
मेरी गोरी हथेली रच आयी
तेरी आँख क्यूँ लाडो भर आयी
तेरे घर भी बजेगी शेहनाई
सावन में बादल से केहना, परदेस में हैं मेरी बहना
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
हम आये मिलने गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आंगन में अपना बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा कल भी पंछी गायेंगे
सब तुझको दिखाई देंगे पर हम ना नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको
सपनों में भुला लेना हमको
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड सी अन्खेलियाँ,सदा पलकों भी बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जग लगने लगे खली खली
उस दम तू इतना समझना मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
ये गलियां ये चौबारा, यहाँ आना ना दोबारा
अब हम तो भये परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं
के तेरा यहाँ कोई नहीं
Comments