Dil Apni Haddon Se Lyrics in Hindi from Virgin Bhanupriya, sung by Jyotica Tangri. This song is written by Manoj Yadav and music composed by Chirantan Bhatt. Music label Zee Music Company.
Singer: Jyotica Tangri
Lyrics: Manoj Yadav
Music: Chirantan Bhatt
Featuring Artists: Urvashi Rautela, Gautam Gulati
Producer: Shreyans Mahendra Dhariwal
Director: Ajay Lohan
Choreography: Shabina khan
Label: Zee Music Company
तेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है..
दिल अपनी हदों से निकल कर
तेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है..जा बैठा है..
बस इसी ज़िद में उलझकर
हर हाल तू.. तू मेरा है
तू मेरा है
तू मुझको ओह जीने ना दे
में तुझको ओह जीने ना दूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूं
मैं मुझको ओह खोने ना दूं
तू ही तू ओ होने लगूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूँ
दिल अपनी हदों से निकल कर
तेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है
दरिया सी बह ना जाऊँ
तेरा मैं किनारा चाहूँ
थाम ले आ थाम ले तू मुझको
खुद को गवाना चाहूँ
तुझमें समाना चाहूँ
भर ले ना बाहों में मुझको
दरिया सी बह ना जाऊँ
तेरा मैं किनारा चाहूँ
थाम ले आ थाम ले तू मुझको
खुद को गवाना चाहूँ
तुझमें समाना चाहूँ
भर ले ना बाहों में मुझको
हाँ मौका भी है
मर्ज़ी भी है दोनों भी है
मन तेरा भी है मेरा भी है
पागलपन करें चल
तू मुझको ओह जीने ना दे
में तुझको ओह जीने ना दूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूँ
Song Title: Dil Apni Haddon Se
Movie: Virgin BhanupriyaSinger: Jyotica Tangri
Lyrics: Manoj Yadav
Music: Chirantan Bhatt
Featuring Artists: Urvashi Rautela, Gautam Gulati
Producer: Shreyans Mahendra Dhariwal
Director: Ajay Lohan
Choreography: Shabina khan
Label: Zee Music Company
Dil Apni Haddon Se Lyrics in Hindi
दिल अपनी हदों से निकल करतेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है..
दिल अपनी हदों से निकल कर
तेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है..जा बैठा है..
बस इसी ज़िद में उलझकर
हर हाल तू.. तू मेरा है
तू मेरा है
तू मुझको ओह जीने ना दे
में तुझको ओह जीने ना दूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूं
मैं मुझको ओह खोने ना दूं
तू ही तू ओ होने लगूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूँ
दिल अपनी हदों से निकल कर
तेरी हद्द में जा बैठा है
जा बैठा है
दरिया सी बह ना जाऊँ
तेरा मैं किनारा चाहूँ
थाम ले आ थाम ले तू मुझको
खुद को गवाना चाहूँ
तुझमें समाना चाहूँ
भर ले ना बाहों में मुझको
दरिया सी बह ना जाऊँ
तेरा मैं किनारा चाहूँ
थाम ले आ थाम ले तू मुझको
खुद को गवाना चाहूँ
तुझमें समाना चाहूँ
भर ले ना बाहों में मुझको
हाँ मौका भी है
मर्ज़ी भी है दोनों भी है
मन तेरा भी है मेरा भी है
पागलपन करें चल
तू मुझको ओह जीने ना दे
में तुझको ओह जीने ना दूं
ये इश्क़ है तो इश्क़ है
और कुछ भी होने ना दूँ
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