Sunday, October 11, 2020

दिल कहीं का Dil Kahi Ka Hindi Lyrics – Dino James

 Dil Kahi Ka Lyrics in Hindi, Composed, Written & Performed by Dino James.

Song Title: Dil Kahi Ka

Composed, Written & Performed by Dino James

Mixing & Mastering: Shadab Rayeen

Video Directed: Himanshu Tyagi

Concept: Dino James and Himanshu Tyagi

Label: Dino James

Dil Kahi Ka Lyrics in Hindi








अपनी मनमर्जी चलाये ना सुने ये नासपिटा

ना मरहम दे ना रहम दे

या तो फीका या है तीखा

कोई तो बताए संग रहने का सलीका

गुदगुदाए फिर रुलाये

जिद्दी साला दिल कहीं का


मजबूरियाँ थी ये पगला न जाने

मुझसे ख़फ़ा है खामखा

ज़ख़्मों को भरने में वक़्त लगे हैं

इतना ना समझे ये मुआं


मैं कैसे मिटाऊँ जो तकदीर में था लिखा

बरगलिए तिलमिलाए है इरादा खुदखुशी का


अपनी मनमर्जी चलाये ना सुने ये नासपिटा

ना मरहम दे ना रहम दे

या तो फीका या है तीखा


बिखरे वो किस्से भरके लिफाफे

भेजे पते पे क्यूँ पता नी लापता

बेचनियों के ओड़े लिहाफे


दम घुट रहा है ओर मैं दम हूँ खोजता

नया क्या मैं बताऊँ

तू तो जाने सारा किस्सा

या साल दे या सजा दे

या तो झूठा दे दिलासा


अपनी मनमर्जी चलाये ना सुने ये नासपिटा

ना मरहम दे ना रहम दे

या तो फीका या है तीखा


कोई तो बताए संग रहने का सलीका

गुदगुदाए फिर रुलाये


जिद्दी साला दिल कहीं का

जिद्दी साला दिल कहीं का



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