Wednesday, April 28, 2021

संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा। LYRICS

संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
उसकी विपदा टारी तूने, जिसने तुझे पुकारा॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

लंकपुरी मेँ जाकर पता सिया का लगाया।
बड़े बड़े असुरोँ को तूने मार गिराया।
फल खाये, बाग उजाड़े, अक्षय को मारा॥१॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

लखन को मूर्छा आई रामचन्द्रजी घबराये।
गये उड़के लंका मेँ वैद्य सुषेन को लाये।
महल सहित उठाया लाकर वन मेँ उतारा॥२॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

कहा वैद्यजी ने ये बूँटी संजीवन लानी है।
सूरज उगने से पहले लखन को पिलानी है।
हे पवनसुत करो तुम्हीँ काम ये हमारा॥३॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

द्रोणागिरि जाके बाला तुरन्त औषधि लाये।
जाग उठे शेष अवतारी जब घोल पिलाये।
कहा राम ने बजरंग तू है प्रिय भ्रात हमारा॥४॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

हे महावीर बलकारी रणधीर तुम हो।
भक्तोँ की बनाते बिगड़ी तकदीर तुम हो।
‘खेदड़’ पे कृपा दृष्टि रखना है दास तुम्हारा॥५॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
उसकी विपदा टारी तूने, जिसने तुझे पुकारा॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

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