Jaan Kadd Ke Lyrics in Hindi – Devendra Kafir

 हो दिल ढीट सा अड़ियल बड़ा

तुझे पाने की जिद पे अड़ा

तेरे प्यार में पगला ये हो गया

पहले था सियाना कमला ये हो गया

तेरे बिन दिल लंगदा नहीं

तुझे करता हूं किन्ना मैं प्यार

तू बता दे करूं कैसे इजहार

तुझे करता हूं किन्ना मैं प्यार

तू बता दे करूं कैसे इजहार

बोले तो दे दूं जान कड के

बोले तो दे दूं जान कड के मेरे यार

बोले तो दे दूं जान कड के

करनी है साथ तेरे बाता लंबियां

मुलाकाता लंबियां

हो मंगदा मैं साथ तेरे राता लंबियां

बरसाता लंबियां


किस्मत में मेरी तू है

मेरी किस्मत है तू ही

आदत में तू है मेरी

आदत भी है तू ही

तुझे करता हूं किन्ना मैं प्यार

तू बता दे करूं कैसे इजहार

तुझे करता हूं किन्ना मैं प्यार

तू बता दे करूं कैसे इजहार

बोले तो दे दूं जान कड के

बोले तो दे दूं जान कड के मेरे यार

बोले तो दे दूं जान कड के


बातों में तेरी ना मैं अब आऊंगी

ना मैं पछताऊंगी

प्यार ना तेरे से मैं कर पाऊंगी

तेरी बन पाऊंगी

ऐसे ना रोक तू रास्ता

रास्ते में रोज यूं ही

पूरब का और पश्चिम का

देखा है मेल कहीं

मैंने कर दिया पक्का इनकार

नहीं चाहिए मुझे ये तेरा प्यार

चाहे तू दे दे जान कड के

चाहे तू दे दे जान कड के लख बार

चाहे तू दे दे जान कड के


बोले तो दे दूं जान कड के मेरे यार

बोले तो दे दूं जान कड के

बोले तो दे दूं जान कड के मेरे यार

बोले तो दे दूं जान कड के



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