Khasiyat Lyrics in Hindi – Amitabh Bhattacharya
जचदा नी, जचदा नी
कोई भी तेरे सिवा
मिर्ज़ा मैं मिर्जे दी
तुहियो तुहियो साहिबा
जचदा नी, जचदा नी
कोई भी तेरे सिवा
मिर्ज़ा मैं मिर्जे दी
तुहियो तुहियो साहिबा
देखती है बंद पलकों से भी सूरत आपकी
अब रही न मेरी आँखें को जरूरत ख्वाब की
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
खुद से बढ़के चाहें दीवाना
ख़ैरियत जनाब की
खुद से बढ़के चाहें दीवाना
ख़ैरियत जनाब की
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
जचदा नी, जचदा नी
कोई भी तेरे सिवा
मिर्ज़ा मैं मिर्जे दी
तुहियो तुहियो साहिबा
जचदा नी, जचदा नी
कोई भी तेरे सिवा
मिर्ज़ा मैं मिर्जे दी
तुहियो तुहियो साहिबा
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
जीना है क्या
तेरे बिना जीना भी क्या है जीना
नज़र से तेरी देखती हूँ तो
लगती हूँ मैं और भी खूबसूरत मुझे
किसी भी साज या श्रृंगार की
अब क्या जरूरत मुझे
सजन तेरी बाहों में बीते जो हर पल
वो मेरे लिए एक त्यौहार है
ना अब देखना तारीख
या दिन या मुहूर्त मुझे
हो मखमली आवाज़
जैसे गूँज हो रबाब की
अब रही ना मेरी आँखें को
जरूरत ख्वाब की
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
हां यही तो
हां यही तो खासियत है आपकी
जचदा नी, जचदा नी
कोई भी तेरे सिवा
मिर्ज़ा मैं मिर्जे दी
तुहियो तुहियो साहिबा
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
तेरे बिना, तेरे बिना, बिना
जीना है क्या..
तेरे बिना साहिबा जीना भी क्या है जीना
तेरे बिना जीना भी क्या है जीना
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