Kya Kamaal Hai Lyrics in Hindi – Irshad Kamil
ये चेहरे महके हैं
और ये ये नग़मे बिखरे हैं
और ये दिलफ़रेब सी है रौनक-ए-जहां
दिलफ़रेब है ये सारी चाहत-ए-जहां
ना कोई ख़फ़ा, ना बेवफ़ा है यहाँ
ना कोई जुदा, ना गुमशुदा है यहाँ
क्या कमाल है
क्या कमाल है
ना मुसीबतें, ना मलाल है
सारा जग ये लगता दुख से खाली
रंगा ली खुशियों में खुशहाली
सारे सदमे रहते अपनी हद में
ये कद में छोटे फूलों से भी छोटे
दुखों वाले सिक्के खोटे
छोटे फूलों से भी छोटे
सिक्के दुखों के सभी के खोटे
ना चलते थे, ना चलने हैं यहाँ
ना कोई वहम, ना बेरहम है यहाँ
ना कोई ज़ुल्म, ना ही ज़ख्म है यहाँ
क्या कमाल है
क्या कमाल है
ना शिकायतें, ना सवाल है
यारा, सुन ले ओ यारा
झगड़ों का मारा बेवजह
सारा, जलता जहाँ ये
तेरा मेरा है मिलके बचा लें इसे
ना शराफ़तों का ज़वाल है
ना मोहब्बतों का अकाल है
हो ओ ओ क्या कमाल है, कमाल है
क्या कमाल है, कमाल है
क्या कमाल है
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