विनोद अग्रवाल भजन लिरिक्स लिखित : Vinod Agarwal Bhajan Lyrics 3
हे गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद भजन लिरिक्स

हे गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद।।
रसना पे जो तेरा नाम रहे
जग में फिर नाम रहे ना
मन मंदिर में मेरा श्याम रहे
झुठा संसार रहे ना रहे
झुठा संसार रहे ना रहे
दिन रैन हरि का ध्यान रहे
कोई ओर फिर ध्यान रहे ना रहे
तेरी कृपा का अभिमान रहें
कोई ओर अभिमान रहें ना रहे
हे गोंपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद।।
मेरा यार नंद नंदन हो चुका है
वो जा हो चुका है जिगर हो चुका है
ये सच जानिए जो भी बतला रहा हूँ
जो कुछ पास था सब नजर हो चुका है
जगत की सभी खूबियाँ मेने छोडी
जो दिल था इधर अब उधर हो चुका है
वह उस मस्त की खुद ही लेता खबर है
जो उसके लिए बेखबर हो चुका है
हे गोंपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद।।
हे गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद
कृष्ण गोविंद गोविंद।।
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने भजन लिरिक्स : Meri Lagi Shyam Sang Preet Lyrics

मेरी लगी श्याम संग प्रीत
ये दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मन का मीत
ये दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
छवि लखि मैंने श्याम की जब से
भई बावरी मैं तो तब से
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से
नाता तोड़ा मैंने जग से
ये कैसी निगोड़ी प्रीत
ये दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
मोहन की सुन्दर सूरतिया
मन में बस गई मोहनी मूरतिया
जब से ओढ़ी श्याम चुनरिया
लोग कहे मैं भई बावरियां
मैंने छोड़ी जग की रीत
ये दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
हर दम अब तो रहूँ मस्तानी
रूप राशि अंग अंग समानी
हेरत हेरत रहूँ दीवानी
मैं तो गाऊँ ख़ुशी के गीत
ये दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
मोहन ने ऐसी बंसी बजाई
गोप गोपियाँ दौड़ी आई
सब ने अपनी सुध बिसरायी
लोक लाज कुछ काम न आई
फिर बाज उठा संगीत
ये दुनिया क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
मेरी लगी श्याम संग प्रीत
ये दुनिया क्या जाने
मुझे मिल गया मन का मीत
ये दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मेरी लगी श्याम संग प्रित
ये दुनिया क्या जाने।।
गोपाल मुरलिया वाले नंदलाल मुरलिया वाले भजन लिरिक्स : Gopal Muraliya Wale Lyrics

गोपाल मुरलिया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
गोपाल मुरलीया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
श्री राधा जीवन नीलमणि
गोपाल मुरलिया वालें
गोपाल मुरलीया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
श्री राधा जीवन नीलमणि
गोपाल मुरलिया वाले।।
जिन्हे देखने के लिए हम
जिए जा रहे है
वे परदे पे पर्दा
किए जा रहे है
मैं मर तो लिया होता
कबका मुरारी
तेरे वादे सहारा
किए जा रहे है
उठालोगे पर्दा
कभी रहम खाकर
इसी आस पर
हम जिए जा रहे
मेरी ज़िंदगानी
अमानत है तेरी
तेरे नाम अर्पण
किए जा रहे है
कन्हैया मेरा दिल
हिफाजत से रखना
तुम्हे अपना समझकर
दिए जा रहे है
गोपाल मुरलीया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
श्री राधा जीवन नीलमणि
गोपाल मुरलिया वाले।।
गोपाल मुरलीया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
गोपाल मुरलिया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
श्री राधा जीवन नीलमणि
गोपाल मुरलीया वाले
गोपाल मुरलीया वाले
नंदलाल मुरलिया वाले
श्री राधा जीवन नीलमणि
गोपाल मुरलिया वाले।।
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना भूल जाने के काबिल नहीं है भजन…

मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है
चोट खाई है जो दिल पे मैंने
वो दिखाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
जबसे देखा है जलवा तुम्हारा
कोई आँखों को जचता नहीं है
यूँ तो देखे बहुत नूर वाले
सारे आलम में तुझसा नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
मोहब्बत का तकाजा यही है
ना तुम बदलो हमसे
ना हम बदले तुमसे
तुम तो ऐसे बदलने लगे हो
आज तक कोई बदला नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
तेरी सूरत पे कुर्बान जाऊं
तेरी आँखे है या मय के प्याले
जिनको नजरो से तुमने पिलाई
होश आने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
मैंने पूछा की अब कब मिलोगे
पहले मुस्काए फिर तन के बोले
सबके दिल में समाए हुए है
आने जाने के जरुरत नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
जबसे देखा है जलवा तुम्हारा
कोई आँखों को जचता नहीं है
यूँ तो देखे बहुत नूर वाले
सारे आलम में तुझसा नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है
चोट खाई है जो दिल पे मैंने
वो दिखाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है।।
तुम पास पास रहना तुम साथ साथ रहना भजन लिरिक्स

तुम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना
राही नया नया हूँ
राही नया नया हूँ
हमराही बन कर रहना।।
राहे है टेढ़ी मेढ़ी
गलीया बड़ी अँधेरी
ना कोई आशिया है
वीरान दुनिया मेरी
दिल के करीब रहना
मन के हबीब रहना
राही नया नया हूँ
हम राही बनके रहना
तूम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना।।
जीवन के इस सफर में
भूली हुई डगर में
काफ़िल न हो मैं जाऊं
माया के इस नगर में
तुम यार बनके रहना
गमख्वार बनके रहना
राही नया नया हूँ
हम राही बनके रहना
तूम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना।।
जाने बहार तुम हो
दिल का करार तुम हो
खमोश जिंदगी के
साजो का तार तुम हो
मेरे लबो पे हरदम
तुम नगमा बनके रहना
राही नया नया हूँ
हम राही बनके रहना
तूम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना।।
तुम मेरी जिंदगी हो
तुम मेरी बंदगी हो
मैं तुम में ही खो जाऊं
एक तुम में रूह जमी हो
नित नव मिलन के रोज
पैगाम देते रहना
राही नया नया हूँ
हम राही बनके रहना
तूम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना।।
तुम पास पास रहना
तुम साथ साथ रहना
राही नया नया हूँ
राही नया नया हूँ
हमराही बन कर रहना।।
तमन्ना फिर मचल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ भजन लिरिक्स

तमन्ना फिर मचल जाये
अगर तुम मिलने आ जाओ
मेरी ज़िन्दगी सवर जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
तमन्ना फिर मचल जाये
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
मुझे ग़म है के मैंने ज़िन्दगी में
कुछ नहीं पाया
हाँ मैंने कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
ये दुनिया भर के सब झगड़े
और विश्वास पर घाते
विश्वास पर घाते
बला हर एक टल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
मेरे अपनों ने ही मुझको
दिए है घाव जो गहरे
दिए है घाव जो गहरे
मरहम का काम हो जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
मेरे जीवन के गुलशन की
बहारो पर खिजा छाई
बहारो पर खिजा छाई
ये मौसम भी बदल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
नहीं मिलते हो तुम मुझसे
तो मोह दुनिया से होता है
तो मोह दुनिया से होता है
कटे सारे ये भव बंधन
अगर तुम मिलने आ जाओ।
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
तमन्ना फिर मचल जाये
अगर तुम मिलने आ जाओ
मेरी ज़िन्दगी सवर जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
तमन्ना फिर मचल जाये
अगर तुम मिलने आ जाओ।।
हम प्रेम दीवानी है वो प्रेम दीवाना है भजन लिरिक्स

हम प्रेम दीवानी है, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
तन मन जीवन श्याम का, श्याम हमारा काम
रोम रोम में राम रहा, वो मतवाला श्याम
इस तन में तेरे योग का, नहीं कोई ठिकाना
हम प्रेम दिवानी है, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
उधो इन असुवान को, हरी सनमुख ले जाओ
पूछे हरी कुशल तो, चरणों में दीयो चढाओ
कहियो जी इस प्रेम का, यह तुच्छ नजराना
हम प्रेम दिवानी है, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
प्रेम डोर से बंध रहा, जीवन का संयोग
सुमिरन में डूबी रहें, यही हमारा योग
कानो में गूंजता करे, बंशी का तराना
हम प्रेम दिवानी हैं, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
एक दिन नैन के निकट, रहते थे आठों याम
अब बैठे है विसार के, वो निर्मोही श्याम
कैसा वो जमाना था, और अब ये जमाना
हम प्रेम दिवानी हैं, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना है
उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना।।
क्यों आ के रो रहा है गोविन्द की गली में भजन लिरिक्स

क्यों आ के रो रहा है
गोविन्द की गली में
हर दर्द की दवा है
गोविन्द की गली में।।
तू खुल के उनसे कह दे
जो दिल में चल में चल रहा है
वो जिंदगी के ताने
बाने जो बुन रहा है
हर सुबह खुशनुमा है
गोविन्द की गली में।।
तुझे इंतज़ार क्यों है
इस रात की सुबह का
मंजिल पे गर निगाहें
दिन रात क्या डगर क्या
हर रात रंगनुमा है
गोविन्द की गली में।।
कोई रो के उनसे कह दे
कोई ऊँचे बोल बोले
सुनता है वो उसी की
बोली जो उनकी बोले
हवाएं अदब से बहती
गोविन्द की गली में।।
दो घुट जाम के हैं
हरी नाम के तू पी ले
फिकरे हयात क्यों है
जैसा है वो चाहे जी ले
साकी है मयकदा है
गोविन्द की गली में।।
इस और तू खड़ा है
लहरों से कैसा डरना
मर मर के जी रहा है
पगले यह कैसा जीना
कश्ती है ना खुदा है
गोविन्द की गली में।।
क्यों आ के रो रहा है
गोविन्द की गली में
हर दर्द की दवा है
गोविन्द की गली में।।
तुम अगर बक्श देने का वादा करो भजन लिरिक्स

तुम अगर बक्श देने का वादा करो
मै सदा आपके गीत गाया करूँ।।
तुम अगर बक्श देने का वादा करो
मै सदा आपके गीत गाया करूँ
तुम हमेशा नज़र के रहो सामने
मै सदा आपकी दीद पाता रहूँ।।
तुम चरणों का चाकर बना लो मुझे
तुम गले से प्रभु गर लगा लो मुझे
भुल जाऊँगा सारे ज़माने के ग़म
उम्र भर फ़िर सदा मुस्कुराता रहूँ
तुम अगर बख्श देने का वादा करो।।
मै द्वारे पे जीवन बीताउ तेरे
हर घड़ी गीत प्यारे मै गाऊँ तेरे
ख़त्म हो ना प्रभु कभी सिलसिला
तुम बुलाते रहो और मै आता रहूँ
तुम अगर बख्श देने का वादा करो।।
दील को आजाद कोई भी हसरत नही
अब मुझे भी किसी से मौहब्बत नही
मेरे होंठों पे हरदम तेरा नाम हो
मै सदा तेरी ज्योती जगाता रहूँ
तुम अगर बख्श देने का वादा करो।।
मेरे सतगुरू तेरी नौकरी सबसे बढ़िया है सबसे खरी भजन लिरिक्स

मेरे सतगुरू तेरी नौकरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी।।
मेरे सतगूरू तेरी नौकरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी
तेरे दरबार की हाजरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
खुशनसीबी का जब गुल खिला
तब कही जाके ये दर मिला
हो गई अब तो रहमत तेरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
मै नही था किसी काम का
ले सहारा तेरे नाम का
बन गई अब तो बिगड़ी मेरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
जबसे तेरा गुलाम हो गया
तबसे मेरा भी नाम हो गया
वरना औकात क्या थी मेरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
मेरी तनख्वाह भी कूछ कम नही
कूछ मिले ना मिले ग़म नही
होगी ऐसी कहाँ दुसरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
इक वीयोगी दीवाना हूँ मै
खाक चरणों की चाहता हूँ मै
आखरी ईल्तेजा है मेरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
मेरे सतगूरू तेरी नौकरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी
तेरे दरबार की हाजरी
सबसे बढ़िया है सबसे खरी॥॥
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