उमा लहरी के भजन भक्ति गीत के बोल : Uma Lahri Bhajan Lyrics 5
वो है श्याम दीवानी मीरा भजन लिरिक्स

जो विश्वास में विष पी करके
हस के सही हर पीड़ा
वो है श्याम दीवानी मीरा
मीरा प्रेम दीवानी मीरा।।
सुख दुःख का जिसे ख्याल ना आए
बस गिरधर को मन में बसाए
जिसका दिल चन्दन सा महके
जिसका दिल चन्दन सा महके
मुख चमके ज्यूँ हिरा
वो हैं श्याम दीवानी मीरा
मीरा प्रेम दीवानी मीरा।।
कृष्ण प्रेम की पगली प्यासी
महारानी घूमे बन दासी
जिसकी आँख से हरपल छलके
जिसकी आँख से हरपल छलके
प्रेम विरह का नीरा
वो हैं श्याम दीवानी मीरा
मीरा प्रेम दीवानी मीरा।।
विरह में डूबी याद में खोई
श्याम के प्रेम में ‘लहरी’ रोई
प्रभु प्रेम में चली ‘बेधड़क’
प्रभु प्रेम में चली ‘बेधड़क’
जो बनकर के फकीरा
वो हैं श्याम दीवानी मीरा
मीरा प्रेम दीवानी मीरा।।
जो विश्वास में विष पी करके
हस के सही हर पीड़ा
वो है श्याम दीवानी मीरा
मीरा प्रेम दीवानी मीरा।।
सांवरिया ने चिट्ठी भेजी भजन लिरिक्स

सांवरिया ने चिट्ठी भेजी
सांवरिया ने डोरी खींची
दिल को मेरे चिट्ठी भेजी
मने लिखियो
टाबरिया थारी याद सतावे
यो भोग छप्पन चूरमो
कुछ भी ना भावे।।
भाव संस्कार तेरा
प्यारा प्यारा लागे रे
मांगे सारी दुनिया तू
कुछ भी ना मांगे रे
तू तो मेरे हाथां
पतवार छोड़ दी
चरणा सु मेरे
तू प्रीत जोड़ ली
तू आजा या माला
ना प्रसाद चावे
यो भोग छप्पन चूरमो
कुछ भी ना भावे।।
धन्य धन्य बाबा तेरो
मेरे माथे हाथ है
मैं अकेलो कोणी बाबा
तू जो मेरे साथ है
मेरी ओल्यू बाबा
थने आती रेवे
फुलवारी मन की
हर्षाति रेवे
मैं तो झूमूँ नाचूँ रे
तू अमृत बरसावे
यो भोग छप्पन चूरमो
कुछ भी ना भावे।।
तेरे पे भरोसो कियो
काम घणो आयो
प्रेम को संदेसो
मेरे नाम लिखवायो रे
तू तो बड़ो दयालु
घट घट की जाणे
तेरी नज़रां प्यारी
सबकुछ पहचाने
यो ‘लहरी’ चरणा में
लुळ लुळ धोक लगावे
यो भोग छप्पन चूरमो
कुछ भी ना भावे।।
सांवरिया ने चिट्ठी भेजी
सांवरिया ने डोरी खींची
दिल को मेरे चिट्ठी भेजी
मने लिखियो
टाबरिया थारी याद सतावे
यो भोग छप्पन चूरमो
कुछ भी ना भावे।।
मेरी बिगड़ी तो मेरा बाबा ही बनाएगा लिरिक्स

मेरी बिगड़ी तो
मेरा बाबा ही बनाएगा
पूरा है भरोसा मुझे
लाज वो बचाएगा
गले से लगाएगा
मेरी बिगड़ी तों
मेरा बाबा ही बनाएगा।।
मोरछड़ी लहराएगी
कैसे मुसीबत आएगी
मेरा कुछ नहीं जाएगा
लाज उसी की जाएगी
उसके भरोसे मेरा काम चले
प्यारा प्यारा मेरा परिवार पले
जिंदगी उसी की है
जो भी वो खिलाएगा
भूखा ना सुलाएगा
मेरी बिगड़ी तों
मेरा बाबा ही बनाएगा।।
खुशियां छाई दीप जले
दर्शन को ये दिल मचले
सजधज कर बैठा बाबा
जयकारे जय जय निकले
चौखट इसके भीड़ बड़ी
मुस्काए ये घडी घडी
जो भी द्वारे इसके अपनी
झोलियाँ बिछाएगा
खाली वो ना जाएगा
मेरी बिगड़ी तों
मेरा बाबा ही बनाएगा।।
बाबा लखदातार है
करता बेड़ा पार है
सांवरिया के हाथ मेरी
नैया की पतवार है
वारी जाऊं ‘लहरी’ तन मन धन
जीवन ये उसको अर्पण
हारे का सहारा है ये
दौड़ा दौड़ा आएगा
देर ना लगाएगा
मेरी बिगड़ी तों
मेरा बाबा ही बनाएगा।।
मेरी बिगड़ी तो
मेरा बाबा ही बनाएगा
पूरा है भरोसा मुझे
लाज वो बचाएगा
गले से लगाएगा
मेरी बिगड़ी तों
मेरा बाबा ही बनाएगा।।
मेलो आयो रे मेरे सांवरिया सरकार को लिरिक्स

मेलो आयो रे
मेरे सांवरिया सरकार को।।
दूर दूर से सेठ सांवरा
आया मोटा मोटा
कुटुंब कबीला सागे ल्याया
ल्याया टाबर छोटा
कोई पेट पलनिया आयो
कोई पैदल आयो
कोई आयो बाइसिकल पर
कोई मोटर ल्यायो
बाबा कोई मोटर ल्यायो
मेलो आयों रे
मेरे सांवरिया सरकार को।।
मस्ती में सब नाच रह्या है
बजा बजा के ताली
रंग चढ़्यो है सांवरिया को
आप करे रखवाली
गूंजे जय जयकार खाटू में
भक्त सभी मिल बोले
बांसुरिया की तान पे बाबा
कितना को मन डोले
बाबा कितना को मन डोले
मेलो आयों रे
मेरे सांवरिया सरकार को।।
लाख करोड़ ना चाहूँ बाबा
घर में ना हो टोटा
रखवालो तू बणजा बाबा
नैया खावे झोटा
सबकी पार लगावे बाबा
मेरी पार लगा दे
‘उमा’ थारी करे चाकरी
अपने साथ लगा ले
बाबा अपने साथ लगा ले
मेलो आयों रे
मेरे सांवरिया सरकार को।।
मेलो आयो रे
मेरे सांवरिया सरकार को।।
जब भी याद करूँ तो आना दौड़ के लिरिक्स

जब भी याद करूँ तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के
ना जाना छोड़ के
ना जाना छोड़ के
जब भी याद करूं तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के।।
संकट मोचन कहलाते हो
पवन पुत्र बजरंगबली
काम असंभव कर जाते हो
तेरी जय जय हो बजरंगबली
हमसे रखना हरदम
रिश्ता जोड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के
जब भी याद करूं तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के।।
राम प्रभु के प्यारे प्यारे
सिर पर रख दो हाथ हमारे
जीवन नैया तेरे हवाले
रोज करे गुणगान तुम्हारे
‘लहरी’ हमसे जाना ना
मुंह मोड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के
जब भी याद करूं तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के।।
जब भी याद करूँ तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के
ना जाना छोड़ के
ना जाना छोड़ के
जब भी याद करूं तो
आना दौड़ के
संकट में ना जाना
हमको छोड़ के।।
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