लखबीर सिंह लक्खा के भजन लिरिक्स : Bhajan lyrics Lakhbir Singh Lakkha Part 2
कन्हैया धरती पे आया : Kanhaiya Dharti Pe Aaya Lyrics
कन्हैया धरती पे आया
चौपाई – जब जब होई धरम के हानी
बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी।
तब तब प्रभु धरि बिबिध सरीरा
हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा।
पापियों को धरा से मिटाने
पाठ गीता का सबको पढ़ाने
कन्हैया धरती पे आया
धरती पे आया मेरा श्याम
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया घनश्याम
कानुड़ा धरती पे आया।।
देवकी माँ ने मथुरा में जाया
देवकी माँ ने मथुरा में जाया
माँ यशोदा ने गोकुल में पाला
माँ यशोदा ने गोकुल में पाला
बोझ भक्तों का स्वयं ही उठाने
ज्ञान गीता का सबको सुनाने
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया मेरा श्याम
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया घनश्याम
कानुड़ा धरती पे आया।।
रात भादो की अष्टमी सुहानी
रात भादो की अष्टमी सुहानी
अरे झूम के बोला यमुना का पानी
झूम के बोला यमुना का पानी
जिसकी आशा में बीते जमाने
पाठ गीता का सबको पढ़ाने
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया मेरा श्याम
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया घनश्याम
कानुड़ा धरती पे आया।।
छोड़ कैलाश भोले है आए
छोड़ कैलाश भोले है आए
‘लख्खा’ गोकुल में दर्शन है पाए
भोले गोकुल में दर्शन है पाए
‘बेधड़क’ मीठी मुरली बजाने
ज्ञान गीता का सबको सुनाने
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया मेरा श्याम
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया घनश्याम
कानुड़ा धरती पे आया।।
पापियों को धरा से मिटाने
पाठ गीता का सबको पढ़ाने
कन्हैया धरती पे आया
धरती पे आया मेरा श्याम
कन्हैंया धरती पे आया
धरती पे आया घनश्याम
कानुड़ा धरती पे आया।।
मेरे ह्रदय बसे श्री राम बोले बीच सभा हनुमान : Mere Hriday Base Shri Ram Bole Bich Sabha Hanuman
मेरे ह्रदय बसे श्री राम
बोले बीच सभा हनुमान
की सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए
मत लेना इम्तेहान
ना लेना इम्तेहान
बोले बजरंगी बलवान
वो सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए।।
श्री रामजी की शक्ति से ही उड़कर
मैं संजीवन ले आया
उस बूटी में राम बसे थे
तब प्राण लखन का बचाया
तब प्राण लखन का बचाया
न किया तनिक विश्राम
झट पहुँच गए हनुमान
प्रभु की महिमा गाये
मेरे ह्रदय बसें श्रीराम
बोले बीच सभा हनुमान
की सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए।।
श्री राम नाम ही लेकर
मैंने सागर पार किया था
श्री राम निशानी लेकर
मैंने सीता माँ को दिया था
तब सीता माँ को दिया था
मेरी भक्ति है निष्काम
किया सीता माँ को प्रणाम
सिया का पता लगाए
मेरे ह्रदय बसें श्रीराम
बोले बीच सभा हनुमान
की सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए।।
हम सेवक है प्रभु स्वामी
बस वो है अंतर्यामी
अपने भक्तों की भक्ति
श्री राम को सदा निभानी
मेरे राम को सदा निभानी
‘लक्खा’ जपले सुबहो शाम
‘गिरी’ भली करेंगे राम
ये भव से पार लगाए
मेरे ह्रदय बसें श्रीराम
बोले बीच सभा हनुमान
की सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए।।
मेरे ह्रदय बसे श्री राम
बोले बीच सभा हनुमान
की सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए
मत लेना इम्तेहान
ना लेना इम्तेहान
बोले बजरंगी बलवान
वो सीना चीर दिखाए
वो सीना चीर दिखाए।।
Lyrics – Sanjay Giri
जब भी सावन रुत आए भोले के दीवाने गाए : Jab Bhi Sawan Rut Aaye Lyrics
जब भी सावन रुत आए
दोहा – जब जब सावन की रुत आए.
भक्तों का दिल ललचाए
के कावर उठा के चलूं
और बम बम गा के चलूं
तो जन्म सफल हो जाए।
जब भी सावन रुत आए
भोले के दीवाने गाए
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले
नाचे कावड़िया सारे
झूम झूम कर हौले हौले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले
भोले की सुनके कहानियां
होती सफल है जिंदगानियां
रिम झिम जब बादल बरसे
मस्त पवन कानों में बोले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले।।
कोई माने या ना माने
वो है जग के रखवाले
मुंह मांगा वर देते है
भक्तों को डमरू वाले
भक्तों को डमरू वाले
वो भोला भाला मुखड़ा
वो नैना मद के प्याले
मस्तक पे चमके चंदा
गल में विषधर को डाले
गल में विषधर को डाले
भक्तों की सब हैरानियां
हर लेते है वो परेशानियां
जिनका जयकारा सारे
दुखियों का बंधन खोले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले।।
सारी दुनिया आती है
भोले जी के आंगन में
लाखों कावड़ चढ़ते है
जिनको हर दिन सावन में
जिनको हर दिन सावन में
दरबार में उनके ‘शर्मा’
जो भी फरियाद सुनाते
वो मुंह मांगा और ‘लख्खा’
शिवशंकर जी से पाते
शिवशंकर जी से पाते
कहती है भक्तों की टोलियां
भरते हैं सबकी वो झोलियां
जिनका नित डमरू सारी
दुनिया में डम डम डम डम बोले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले।।
जब भी सावन रुत आए
भोले के दीवाने गाए
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले
नाचे कावड़िया सारे
झूम झूम कर हौले हौले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले
भोले की सुनके कहानियां
होती सफल है जिंदगानियां
रिम झिम जब बादल बरसे
मस्त पवन कानों में बोले
भोले भोले भोले
बम बम भोले भोले।।
भोले बाबा हमारे मिलेंगे : Bhole Baba Hamare Milenge Lyrics
प्रेम भक्ति से मिलकर पुकारो
भोले बाबा हमारे मिलेंगे
तन में भस्मी भभुति रमाए
नाग गर्दन में धारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
वो है दाता जगत है भिखारी
सब है उनके चरण के पुजारी
उनकी चौखट पे ये दुनिया वाले
अपनी झोली पसारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
उनको चाहिए ना मिष्ठान मेवा
ना वो चाहे किसी की भी सेवा
उनको चाहे अगर कोई पाना
भक्ति रस के सहारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
जिसने सच्चे है दिल से पुकारा
उनको देते है भोले सहारा
अपने भक्तों की नैया भंवर से
‘लख्खा’ करते किनारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
राम के भेष में वो ही आए
कृष्ण बनकर के लीला रचाए
उनकी माया को ‘शर्मा’ क्या जाने
वो कई रूप धारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
प्रेम भक्ति से मिलकर पुकारो
भोले बाबा हमारे मिलेंगे
तन में भस्मी भभुति रमाए
नाग गर्दन में धारे मिलेंगे
भोले बाबा हमारें मिलेंगे।।
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में लिरिक्स : Saj Rahe Bhole Baba Lyrics
सज रहे भोले बाबा
निराले दूल्हे में
निराले दूल्हे में
मतवाले दूल्हे में
देखो भोले बाबा की
अजब है बात
चले है संग लेकर के
भूतों की बारात
सज रहें भोले बाबा
निराले दूल्हे में।।
है भेस निराला, जय हो
पीये भंग का प्याला, जय हो
सर जटा चढ़ाये, जय हो
तन भसम लगाए, जय हो
ओढ़े मृगशाला, जय हो
गले नाग की माला, जय हो
है शीश पे गंगा, जय हो
मस्तक पे चंदा, जय हो
तेरे डमरू साजे, जय हो
त्रिशूल विराजे, जय हो
भूतों की लेके टोली
चले है ससुराल
शिव भोले जी दिगंबर
हो बैल पे सवार
सज रहें भोले बाबा
निराले दूल्हे में।।
नित रहें अकेले, जय हो
शंकर अलबेले, जय हो
हैं गुरु जगत के, जय हो
नहीं किसी के चेले, जय हो
है भांग का जंगल, जय हो
जंगल में मंगल, जय हो
भूतों की पल्टन, जय हो
आ गयी है बन ठन, जय हो
ले बांग का गठ्ठा, जय हो
ले कर सिल बट्टा, जय हो
सब घिस रहें है, जय हो
हो हक्का बक्का, जय हो
पी कर के प्याले, जय हो
हो गए मतवाले, जय हो
कोई नाचे गावे, जय हो
कोई ढोल बजावे, जय हो
कोई भौं बतलावे, जय हो
कोई मुंह पिचकावे, जय हो
भोले भंडारी, जय हो
पहुंचे ससुरारी, जय हो
सब देख के भागे, जय हो
सब नर और नारी, जय हो
कोई भागे अगाड़ी, जय हो
कोई भागे पिछाड़ी, जय हो
खुल गयी किसी की, जय हो
धोती और साड़ी, जय हो
कोई कूदे खम्बम, जय हो
कोई बोले बम बम, जय हो
कोई कद का छोटा, जय हो
कोई एकदम मोटा, जय हो
कोई तन का लम्बा, जय हो
कोई ताड़ का खम्बा, जय हो
कोई है इक टंगा, जय हो
कोई बिलकुल नंगा, जय हो
कोई एकदम काला, जय हो
कोई दो सीर वाला, जय हो
‘शर्मा’ गुण गए, जय हो
मन में हर्षाए, जय हो
त्रिलोक के स्वामी, जय हो
क्या रूप बनाए, जय हो
भोले के साथी, जय हो
है अजब बराती, जय हो
भूतों की लेके टोली
चले है ससुराल
शिव भोले जी दिगंबर
हो बैल पे सवार
सज रहें भोले बाबा
निराले दूल्हे में।।
सज रहे भोले बाबा
निराले दूल्हे में
निराले दूल्हे में
मतवाले दूल्हे में
देखो भोले बाबा की
अजब है बात
चले हैं संग लेकर के
भूतों की बारात
सज रहें भोले बाबा
निराले दूल्हे में।।
वंदना गुरुदेव की करूं वन्दना गुरुदेव की : Vandana Gurudev Ki Karu Lyrics
वंदना गुरुदेव की
दोहा – गुरु गोविंद दोनों एक है
दोनों कृपानिधान
भेद करे जो मूढ़ है ‘लख्खा’
कहते संत सुजान।
वंदना गुरुदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
ब्रह्मा जी विष्णु जी शिव जी
ब्रह्मा जी विष्णु जी शिव जी
अर्चना त्रिदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की।।
दो दया का दान मुझको
ज्ञान चक्षु खोल दो
सत को लख पाऊं सदा
वरदान ये अनमोल दो
ज्ञान का दीपक जगा दो
ज्ञान का दीपक जगा दो
जय हो जय सत्यदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की।।
गुरु बिना सिद्धि मिले ना
दोष दुविधा ना हटे
गुरु बिना मुक्ति मिले ना
पाप का घट ना फूटे
आस एक गुरुदेव की
आस एक गुरुदेव की मोहे
जय हो जय जय देव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की।।
गुरु की महिमा गाऊं मैं
गुरु पे बलि बलि जाऊं मैं
गुरु चरण को ध्याऊं मैं
गुरु को ना बिराऊं मैं
शत नमन सतगुरु चरण में
शत नमन सतगुरु चरण में
जय हो जय गुरुदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की।।
वंदना गुरुदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
ब्रह्मा जी विष्णु जी शिव जी
ब्रह्मा जी विष्णु जी शिव जी
अर्चना त्रिदेव की
करूं वन्दना गुरुदेव की
मैं वन्दना गुरुदेव की।।
Lyrics – Ritesh Bhardawaj
चले गौरा बिहाने भंडारी देव बलिहारी है लिरिक्स : Chale Gaura Bihane Bhandari Lyrics
चले गौरा बिहाने भंडारी
दोहा – देखो भोले बने है दूल्हा
निकले जब सजधज के भाई वाह
भेष है उनका अजब अनोखा
देख के लख्खा लेत बलैया।
मंद मंद मुस्कान है मुख पे
तन पे भस्म रमाए है
और भांग जो पी के चले बाराती
गिरत पडत ये गाए है।
चले गौरा बिहाने भंडारी
देव बलिहारी है
करके नंदी सवारी देखो लागे
भोले की छवि न्यारी है
मेरे भोले की बारात में सब मिले
ब्रम्हा विष्णु सहित सुर असुर भी चले
नाचे ठुमक ठुमक गिरधारी
चढ़ी क्या खुमारी है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
जरा धीरे चलो मोरे बाराती भैया
थोड़ा सा नाचे सभी ताताथैया
धरती गगन सारी श्रष्टि है झूमे
होके मगन नाग किन्नर भी घूमे
जरा भोले के चेहरे को देखो
लालिमा छाई है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
द्वारे पे पहुंचे जो बारात लेके
सारे जनाती आँखे फाड़ के देखे
कइसन है दूल्हा मिला तुमको गौरा
तन पे ना कपडा कोई ढंग का पहना
वहाँ कैसे रहोगी महारानी
चिंता ये हमारी है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
सखियाँ कहे कैसे रस्मे निभाऊं
जूता ना पैरन में अब का चुराऊँ
सारी उम्मीदन पे पानी है फेरा
अब कैसे लुंगी मैं हक था जो मेरा
खुश रहो सदा मेरी प्यारी
दुआ ये हमारी है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
बाबुल की लेके चली है दुआएं
माता मैना रो रो लेती बलाएं
करके बिदाई चले भोले शंकर
खुशियां ही खुशियां है मन वो भरकर
तीनों लोको ने गाई बधाई
खिली फुलवारी है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
चले गौरा बिहाने भंडारी
देव बलिहारी है
करके नंदी सवारी देखो लागे
भोले की छवि न्यारी है
मेरे भोले की बारात में सब मिले
ब्रम्हा विष्णु सहित सुर असुर भी चले
नाचे ठुमक ठुमक गिरधारी
चढ़ी क्या खुमारी है
चले गोरा बिहाने भण्डारी
देव बलिहारी है।।
भोलेनाथ के सिवा भला तेरा कौन भला करेगा : Bholenath Ke Siva Bhala Tera Kaun Bhala Karega
भोलेनाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा
काम क्रोध मोह लोभ अहम ना
काम क्रोध मोह लोभ अहम ना
तुझको छला करेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
देवों के देव है महादेव
छवि है जिनकी बहुरंगी
दानी में दानी महादानी
औघड़दानी अड़भंगी
खाली पड़ा भंडार तेरा
खाली पड़ा भंडार तेरा
बस भोलेनाथ भरेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
योगी में योगी महायोगी
मेरे भोलेनाथ दिगंबर
रुद्रो में रुद्र वो महारुद्र
है बाबा भोले शंकर
चरणों की भसम भभूति से
चरणों की भसम भभूति से
तेरा संकट बला टरेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
भूतों के नाथ है भूतनाथ
शमशान मसान निवासी
कालों के काल वो महाकाल
शंकर शंभू अविनाशी
सर पे नाचता काल भी तेरा
सर पे नाचता काल भी तेरा
बाल ना बांका करेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
मैं भोले का भक्त मस्त रहूं
भोले की भक्ति में
भोले का नाम मैं सुबह शाम
रटता रहता मस्ती में
‘लक्खा’ और ‘रितेश’ का मन
‘लक्खा’ और ‘रितेश’ का मन
चरणों में लगा रहेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
भोलेनाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा
काम क्रोध मोह लोभ अहम ना
काम क्रोध मोह लोभ अहम ना
तुझको छला करेगा
भोले नाथ के सिवा
भला तेरा कौन भला करेगा।।
उसको माँ तुम निहाल करती हो : Usko Maa Tum Nihal Karti Ho Lyrics
उसको माँ तुम निहाल करती हो
जो भी दरबार तेरे आता है
उसका पल पल ख्याल करती हो
जो तुम्हें प्यार से मनाता है
उसको मां तुम निहाल करती हो
उसको मां तुम निहाल करती हो।।
यही सुन कर के मैं भी आया हूं
यही सुन कर के मैं भी आया हूं
मेरी किस्मत को भी संवारोगी
मैं हूं टुकड़ा माँ काच का टूटा
मैं हूं टुकड़ा माँ काच का टूटा
क्या मुझे हीरे सा निखारोगी
उसके सब साथ है माँ
जिस पे तेरा हाथ है माँ
उसके सब साथ है माँ
जिस पे तेरा हाथ है माँ
वो ना राहों में लड़खड़ाता है
उसको मां तुम निहाल करती हो
उसको मां तुम निहाल करती हो।।
झोलियां पड़ गई छोटी उनकी
झोलियां पड़ गई छोटी उनकी
बन सवाली जो दर पे आए है
पतझड़ो ने जिन्हे लूटा कल था
पतझड़ो ने जिन्हे लूटा कल था
फिर बहारों में मुस्कुराए है
महकी ममता की कली
माँ की जब ज्योत जली
महकी ममता की कली
माँ की जब ज्योत जली
आने वाला ना खाली जाता है
उसको मां तुम निहाल करती हो
उसको मां तुम निहाल करती हो।।
मैं यह वरदान मांगता हूं माँ
मैं यह वरदान मांगता हूं माँ
यूं ही बस साथ तू रहे हरदम
मैं जिधर देखू तू नजर आए
मैं जिधर देखू तू नजर आए
कर दे कर दे तू मुझ पे इतना करम
मैं बुराई से बचूं और तेरा नाम रटूं
मैं बुरा ई से बचू और तेरा नाम जपूं
नाम लक्खा को तेरा भाता है
उसको मां तुम निहाल करती हो
उसको मां तुम निहाल करती हो।।
उसको माँ तुम निहाल करती हो
जो भी दरबार तेरे आता है
उसका पल पल ख्याल करती हो
जो तुम्हें प्यार से मनाता है
उसको मां तुम निहाल करती हो
उसको मां तुम निहाल करती हो।।
गायक – लखबीर सिंह लक्खा जी।
आई शिवरात्रि आई सारे जग में खुशियां छाई : Aayi Shivratri Aayi Sare Jag Me Khushiyan Chhai
आई शिवरात्रि आई
सारे जग में खुशियां छाई।
दोहा – आई है शिवरात सुहानी
खुशिया बड़ी अपार
सज गए देखो सभी शिवाले
हो रही जय जयकार।
आई शिवरात्रि आई
सारे जग में खुशियां छाई
करते बम बम की जयकार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
ब्रह्म मुहूर्त में कर स्नाना
एक लोटा जल भर ले आना
बेल पत्र और फूल चढ़ाना
शिव शंकर को आज रिझाना
लो आया भोले का त्यौहार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
जग में ना महादेव है दूजा
घर घर होती शिव की पूजा
राम मनाए रावण पूजा
सुख दुख में शिव नाम ही सूझा
खड़े है हाथ जोड़ नर नार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
भोले का है भेष निराला
कानन कुंडल गल मुंड माला
माथे चंदा का उजियाला
कर डमरू और नाग है काला
है बहती शीष जटा गंगधार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
व्रत कर लो कैलाशपति का
हो दर्शन शिव पार्वती का
कर लो कैलाश पति का
छोड़ दे मोह माया का चक्कर
‘लख्खा’ होजा शुद्ध मती का
ये कहता राजपाल हर बार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
आयी शिवरात्रि आई
सारे जग में खुशियां छाई
करते बम बम की जयकार
चलो रे शिव शंकर के द्वार
चलो रे शिव शंकर के द्वार।।
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