लखबीर सिंह लक्खा के भजन लिरिक्स : Bhajan lyrics Lakhbir Singh Lakkha
ले कांधे पे कावड़ चल तू सावन आया है लिरिक्स : Le Kandhe Pe Kawad Chal Tu Lyrics
ले कांधे पे कावड़ चल तू
सावन आया है।
दोहा – अरे छाई घटा घनघोर है
पवन मचाए शोर
मौसम है कावड़ का ‘लख्खा’
चल देवघर की ओर।
ले कांधे पे कावड़ चल तू
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है
शिव को मनाने चलो
दर्शन पाने चलो
बम बम गाते चलो
भोले के दीवाने चलो
अब के सावन खुशियों की
बहार लाया है
ले काँधे पे कावड़ चल तू
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है।।
चल द्वार शिव के
तेरी किस्मत सवर जाएगी
जीवन की नैया
पार भव से उतर जाएगी
जिनके हौसलों में दम है
सच उनके अरमान है
उन्हें भला किसका डर है
संग जिनके महाकाल है
चिंता ना कर तू भोले साथ है तेरे
तुमको उन्ही ने ही तो बुलाया है
बना ले मन को निर्मल तू
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है।।
बरखा की बूंदे आंख मूंदे
गुनगुनाती है
ठंडी हवाएं गीत जैसे
कोई गाती है
फिरी घटाए काली काली
झोंका पवन का आया है
चल तू ‘लख्खा’ शिव शंभू ने
दर पे तुम्हें बुलाया है
खोले खजाना भोलेनाथ बैठे हैं
गया जो भी खाली नहीं आया है
छटेंगे दुख के सब बादल
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है।।
अरे है मस्त मौसम
और मौका भी सुहाना है
सावन से रिश्ता
शिव भक्तों का पुराना है
मिट जाते है उनके हर गम
शिव की शरण जो जाते है
हर हर बम बम बम बम हर हर
जो भी ‘बेधड़क’ गाते है
भोलेनाथ शिव को जो मनाता है
‘लख्खा’ कभी भी वो दुख ना पाया है
बीत ना जाए कहीं ये पल
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है।।
ले काँधे पे कावड़ चल तू
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है
शिव को मनाने चलो
दर्शन पाने चलो
बम बम गाते चलो
भोले के दीवाने चलो
अब के सावन खुशियों की
बहार लाया है
ले काँधे पे कावड़ चल तू
सावन आया है
कलश में भर गंगा जल तू
सावन आया है।।
कांवड़ उठा के जयकारा लगाके लिरिक्स : Kanwar Utha Ke Jaikara Lagake By Lakkha Singh Lyrics
कांवड़ उठा के
जयकारा लगाके।
दोहा – सावन आया
करलो सब तैयारी
काँधे पर उठा के कांवड़
छोड़ दो चिंता सारी
हर हर बम बम कहते जाना
आने जाने वालों से
चली है भगतों की टोली
कह दो ये मतवालों से।
कांवड़ उठा के
जयकारा लगाके
बोल बम बम बम
शिव जी चलेंगे
तेरे साथ हरदम
मेरे भोले चलेंगे
तेरे साथ हरदम।।
रुकना नहीं है बस
चलते ही जाएँगे
भोले के दर्शन पाके
सब सुख पायेंगे
उनकी शरण में जाके
शीश झुकायेंगे
फिर उनसे मिलके अपना
हाले दिल सुनायेंगे
शिव पे चढ़ाके जल
होके मगन
बोल बम बम बम।
शिव जी चलेंगे
तेरे साथ हरदम
मेरे भोले चलेंगे
तेरे साथ हरदम।।
भोले की कृपा से देखो
ये दिन आया है
करुणा ये करके हमको
दर पे बुलाया है
सोया नसीब भोले
मेरा जगाया है
कैसे बताएं सबको
क्या सुख पाया है
फूल चढ़ाके माथे
तिलक लगाके
बोल बम बम बम।
शिव जी चलेंगे
तेरे साथ हरदम
मेरे भोले चलेंगे
तेरे साथ हरदम।।
कुछ भी नहीं है जग में
बस शिव की माया है
मुझमें और तुझमें केवल
शिव ही समाया है
राम और रावण ने भी
शिव को मनाया है
शिव की दया से ‘लक्खा’
महिमा ये गाया है
मन में रहे ये सदा तेरे चरण
बोल बम बम बम।
शिव जी चलेंगे
तेरे साथ हरदम
मेरे भोले चलेंगे
तेरे साथ हरदम।।
कांवड उठा के
जयकारा लगाके
बोल बम बम बम
शिव जी चलेंगे
तेरे साथ हरदम
मेरे भोले चलेंगे
तेरे साथ हरदम।।
Lyrics – Chandra Prakash
पहले श्याम को मना : Pahle Shyam Ko Mana Lyrics
तुम्हें सब कुछ मिलेगा
पहले श्याम को मना
श्याम भर देंगे झोली
तू मना के देख ले।।
मोहन को मनाना
मुश्किल नहीं है
प्रेम के भूखे नंदलाला
बिन श्याम की मर्ज़ी के तुमको
कुछ भी नहीं मिलने वाला
पहलें श्याम को मना
पहलें श्याम को मना।।
जिसके मन में खाटू वाले की
गर सच्ची प्रेम लगन होवे
उसे क्या नहीं मिलता दुनिया में
जिसपे मेरा श्याम प्रसन्न होवे
संसार के सब सुख देते है
मुँह माँगा वर उनसे पा ले
जिस चीज़ की इच्छा है तेरी
सब खाटू वाले देते है
पहलें श्याम को मना
पहलें श्याम को मना।।
जो भक्त है खाटू वाले के
क्यों हाथ किसी से फैलाए
उनके रहते सेवक उनके
कभी कष्ट जगत में न पाए
पहलें श्याम को मना
पहलें श्याम को मना।।
तुम्हें सब कुछ मिलेगा
पहलें श्याम को मना
श्याम भर देंगे झोली
तू मना के देख ले
जा के उनकी शरण में
बिनती सुना के देख ले
सुन लेंगे तेरी श्याम
तू सुना के देख ले।।
रूठे श्याम को मना ले
जो तू पार लगणा
चल खाटू के बिना ना
कहीं काम बनना
ध्यान मन से लगा के
बस श्री श्याम का
काम बन जाएगा
तू आजमा के देख ले।।
दरबार से खाटू वाले के
कोई भक्त ना खाली जाता है
दरबार से मुरली वाले के
कोई भक्त ना खाली जाता है
जिस चीज़ की इच्छा है
वो चीज श्याम से पाता है
पहलें श्याम को मना
पहलें श्याम को मना।।
लाख आए मुसीबत
नहीं द्वार तजना
प्रेम भक्ति से ‘शर्मा’
बस श्याम जपना
बन के आ जाते है
भक्तों के प्यार में
प्रेम भक्ति से ‘लक्खा’
तू बुला के देख ले
तुम्हें सब कुछ मिलेगा
पहलें श्याम को मना।।
मेरे श्याम के जैसा दुनिया में
कोई और नहीं दिल वाला
जिसने एक बात पे ही देखो
है शीश दान में दे डाला
पहलें श्याम को मना
पहलें श्याम को मना।।
टेर भक्तों की सुन के
दौड़े आते है श्याम
‘लख्खा’ श्याम जी का
तू बन जा गुलाम
तू गजराज के जैसे
मुरली वाले को बुला
श्याम काटेंगे बंधन
तू बुला के देख ले
तुम्हें सब कुछ मिलेगा
पहलें श्याम को मना।।
तुम्हें सब कुछ मिलेगा
पहले श्याम को मना
श्याम भर देंगे झोली
तू मना के देख ले।।
जय शंभू जय जय शंभू : Jai Shambhu Jai Jai Shambhu Lyrics
जय शंभू जय जय शंभू
दोहा – काशीवाले देवघर वाले
भोले डमरू धारी
काशीवाले देवघर वाले
भोले डमरू धारी
खेल तेरे है नाथ निराले
शिवशंकर त्रिपुरारी।
जयती जयती जय काशी वाले
काशी वाले देवघर वाले
खेल है तेरे नाथ निराले
जय शंभू जय जय शंभू
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
जो भी तेरा ध्यान धरे
उसका सुर नर मान करे
जनम मरण से वो उभरे
चरण तुम्हारे जो धरले
दया करो विष पीने वाले
भक्त जनों के तुम रखवाले
तुम बिन नैय्या कौन संभाले
जय शंभु जय जय शंभु
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
ऐसे हो औघड़ दानी
देते हो वर मनमानी
भसमासुर था अभिमानी
भसम करने की शैतानी
तो पार्वती बन विष्णु आए
दगाबाज को मजा चखाए
भांग धतूरा आप थे खाए
जय शंभु जय जय शंभु
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
अपनी विपदा किसे सुनाए
मन में इक आशा है लाए
श्री चरणों की धूल मिले जो
नैन हमारे दर्शन पाए
आस हमारी पूरी करदो
मेरी खाली झोली भरदो
एक नज़र मुझपे भी करदो
जय शंभु जय जय शंभु
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
जो भी आया तेरे द्वारे
जागे उसके भाग्य सितारे
मैं शरणागत शरण तिहारे
शरण तिहारे शरण तिहारे
टरु नही कोई लाखो टारे
‘शर्मा’ को मत भूलो स्वामी
हे कैलाशी अंतर्यामी
ओम नमः शिव नमो नमामी
जय शंभु जय जय शंभु
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
जयती जयती जय काशी वाले
काशी वाले देवघर वाले
खेल है तेरे नाथ निराले
जय शंभु जय जय शंभु
भोले जय शंभु जय जय शंभु।।
मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई लिरिक्स : Mangal Bhavan Amangal Hari Lyrics
मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
होइ है वही जो राम रच राखा
को करे तर्क बढ़ाए साखा।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
जाकी रही भावना जैसी
प्रभु मूरति देखी तिन तैसी
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम
राम सियाराम सियाराम
जय जय राम।।
रंगों की बहार आई लखदातार : Rango ki Bahar Aayi Lakhdatar
रंगों की बहार आई लखदातार
बैठे सूरत बना के क्यों भोली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली।।
फागण का मौसम आया
रंग भरी है खुशियां लाया
धरती ने ली अंगड़ाई
है प्रेम गगन पे छाया
आए भक्त तेरे रंगों से भर झोली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली।।
आ गए प्रेमी खाटू में
हर ओर है मचे धमाल
काले काले गालों को
तेरे कर जाएंगे लाल
तेरे भक्तों की बाबा आ गई टोली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली।।
होली में मगन हो मन
चरणों से लगे लगन
कहीं ढोल नगाड़ा बाजे
कहीं बाज रही है चंग
‘बेधड़क’ उड़ते रंग है अबीर रोली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली।।
रंगों की बहार आई लखदातार
बैठे सूरत बना के क्यों भोली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली
निकलो मंदिर से
खेलांगा श्याम होली।।
सात सुरों की देवी सरस्वती : Saat Suro Ki Devi Saraswati Lyrics
सात सुरों की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं
तेरा ही गुणगान
सात सुरो की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान।।
ना जानू सुर ताल छंद लय
ना जानू रस राग भाव विनय
चरण शरण में आन पड़ा हूं
शरण शरण में आन पड़ा हूं
मैं अज्ञानी मैं अनजान
सात सुरो की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान।।
तेरी दया जिस पे हो जाए
गा गा भी कोयल सा गाए
गूंगा वेद का अर्थ सुनावे
गूंगा वेद का अर्थ सुनावे
बगुला नाचे मोर समान
सात सुरो की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान।।
ज्ञान की देवी तेरी जय जय
तेरी ज्योत से जग ज्योतिर्मय
वीणा वादिनी तेरी कृपा से
वीणा वादिनी तेरी कृपा से
बढ़ता रहे ‘लख्खा’ का ज्ञान
सात सुरो की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान।।
सात सुरों की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं
तेरा ही गुणगान
सात सुरो की देवी सरस्वती
दे ऐसा वरदान।।
शेर की सवारी माँ तुम्हारी बेमिसाल है : Sher Ki Sawari Maa Tumhari Bemisal Hai Lyrics
हे महारानी जग कल्याणी
वाहन तेरा विशाल है
शेर की सवारी माँ
तुम्हारी बेमिसाल है।।
जब जब भीड़ पड़ी भक्तों पर
तुमने इसे सजाया
शेर सवारी करके मां
धरती का भार मिटाया
सबसे पहले तेरे शेर ने
सबसे पहले तेरे शेर ने
रण में ठोकी ताल है
शेर की सवारी मां
तुम्हारी बेमिसाल है।।
दुश्मन की गर्दन पर भारी
काल से कठिन शिकंजे
तीर और तलवार से तीखे
तेरे शेर के पंजे
स्वयं काल थर्राता जिससे
स्वयं काल थर्राता जिससे
भय खाता महाकाल है
शेर की सवारी मां
तुम्हारी बेमिसाल है।।
तुमने जग का भार उठाया
शेर माँ तुम्हें उठाए
जहां जरूरत पड़े आपकी
वहां वहां ले जाए
बैठके जिस पर सदा आपने
बैठके जिस पर सदा आपने
हमको किया निहाल है
शेर की सवारी मां
तुम्हारी बेमिसाल है।।
सिंहराज तुम महाशक्ति हो
तुमसा कोई ना दूजा
तभी तो माँ के साथ तुम्हारी
करता ये ‘लख्खा’ पूजा
करे ‘बेधड़क’ तेरी आरती
तू वाकई कमाल है
शेर की सवारी मां
तुम्हारी बेमिसाल है।।
हे महारानी जग कल्याणी
वाहन तेरा विशाल है
शेर की सवारी माँ
तुम्हारी बेमिसाल है।।
माँ कभी तो दरश दिखाएगी : Maa Kabhi To Daras Dikhayegi Lyrics
माँ कभी तो दरश दिखाएगी
माफ़ कर देगी माँ गुनाह मेरे
अपनी गोदी में माँ सुलाएगी
माँ कभी तो दरस दिखाएगी।।
फिर मैं चरणों में सर झुकाऊँगा
दिल के गम माँ को सब सुनाऊंगा
देखकर मेरी आँखों में आंसू
कुछ तरस तो जरूर खाएगी
माँ कभी तो दरस दिखाएगी।।
आंसू आँचल से पोंछ डालेगी
मुझको सीने से माँ लगा लेगी
भूल जाऊंगा गम मैं दुनिया के
अपने हाथों जो थपथपाएगी
माँ कभी तो दरस दिखाएगी।।
मेरी नजरें है माँ की राहों में
सोचे शिकवे है मेरी आहों में
‘लख्खा’ गाएगा महिमा जब माँ की
याद ‘कवले सरल’ की आएगी
Lyrics
माँ कभी तो दरस दिखाएगी।।
माँ कभी तो दरश दिखाएगी
माफ़ कर देगी माँ गुनाह मेरे
अपनी गोदी में माँ सुलाएगी
माँ कभी तो दरस दिखाएगी।।
गगरिया फोड़ दी मेरी : Gagariya Fod Di Meri Lyrics
अरी मैया कन्हैया की
शरारत क्या कहूँ नटखट की
गगरिया फोड़ दी मेरी
गगरिया फोड दी मेरी
की आकर पाछे से चुपके
तेरे इस छलिया ने कान्हा ने
मटकिया फोड दी मेरी
मटकिया तोड़ दी मेरी।।
अंधेरी रात में आकर
मेरा माखन चुराता है
मेरा माखन चुराता है
ये लड़ता है झगड़ता है
मुझे आँखें दिखाता है
मुझे आँखें दिखाता है
चुनरिया खिंच कर मेरी
वो मारा हाथ घूँघट पट पे
नथनियाँ तोड़ दी मेरी
गगरिया फोड दी मेरी
गगरिया तोड़ दी मेरी।।
फसाकर मुझको बातों में
सदा घर पे बुलाती है
सदा घर पे बुलाती है
अगर इंकार करूँ मैया
शिकायत लेकर आती है
उलाहना लेके आती है
ये झूठी है जमाने की
मिली थी कल मुझे पनघट पे
बाँसुरिया तोड़ दी मेरी
मुरलिया तोड़ दी मेरी।।
ये झगड़ा गोपी कान्हा का
निराला है अनोखा है
निराला है अनोखा है
बिहारी से हाँ मिलने का
सुनहरा ये ही मौका है
सुनहरा ये ही मौका है
मैं बलिहारी री मैं वारी
कन्हैया को बिठाकर घर में
लगनिया जोड़ दी मेरी
लगनिया जोड़ दी मेरी।।
अरी मैया कन्हैया की
शरारत क्या कहूँ नटखट की
गगरिया फोड़ दी मेरी
गगरिया फोड दी मेरी
की आकर पाछे से चुपके
तेरे इस छलिया ने कान्हा ने
मटकिया फोड़ दी मेरी
मटकिया तोड़ दी मेरी।।
Comments
Post a Comment