जया किशोरी भजन लिरिक्स लिखित : Jaya Kishori Bhajan Lyrics 2
मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ जल से स्नान कराऊँ भजन लिरिक्स

मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ
जल से स्नान कराऊँ
मैं तो चावल चंदन चढ़ाऊँ
मैं तो चावल चंदन चढ़ाऊँ
और आक धतूरा ल्याऊँ
मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊं
जल से स्नान कराऊँ।।
मैं तो जलधारा बरसाऊँ
मैं तो जलधारा बरसाऊँ
और अगड़बंब मुख गाऊँ
और अगड़बंब मुख गाऊँ
मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊं
जल से स्नान कराऊँ।।
तब प्रसन्न भए शिव राजा
तब प्रसन्न भए शिव राजा
वर माँगो सारू काजा
वर माँगो सारू काजा।।
मोको और कछु ना चाहिए
श्री राधा कृष्ण मिलइये
मोको और कछु ना चाहिए
श्री राधा कृष्ण मिलइये।।
धन नरसी बुद्धि तिहारी
धन नरसी बुद्धि तिहारी
ते तो वर मांग्यो अति भारी
ते तो वर मांग्यो अति भारी।।
अस बुद्धि और को पावे
अस बुद्धि और को पावे
हरि भक्तन को हरि भावे
मोको और कछु ना चाहिए
श्री राधा कृष्ण मिलइये
मोको और कछु ना चाहिए
श्री राधा कृष्ण मिलइये।।
मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ
जल से स्नान कराऊँ
मैं तो चावल चंदन चढाऊँ
और आक धतूरा ल्याऊँ
मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊं
जल से स्नान कराऊँ।।
म्हारी हुंडी स्वीकारो महाराज रे सांवरा गिरधारी भजन लिरिक्स

म्हारी हुंडी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी
म्हाने एक छे थारो आधार रे
सांवरा गिरधारी
म्हारी हुण्डी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी।।
राखि पत प्रहलाद की
धर नरसिंह अवतार
खम्भ फाड़ प्रकट भए
तारयो भूमि को सारो भार रे
सांवरा गिरधारी
म्हारी हुण्डी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी।।
पूंजी गोपी चंदन मेरो
तुलसी सोने रो हार
साँचा गहना सांवरा
म्हारी दौलत छे
झांझ कड़ताल रे
सांवरा गिरधारी
म्हारी हुण्डी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी।।
राणा जी ने विष दियो
छल मीरा रे साथ
प्याला विष अमृत भयो
राखि भक्ता की जाती लाज रे
सांवरा गिरधारी
म्हारी हुण्डी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी।।
म्हारी हुंडी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी
म्हाने एक छे थारो आधार रे
सांवरा गिरधारी
म्हारी हुण्डी स्वीकारो महाराज रे
सांवरा गिरधारी।।
सालासर में जिसका आना जाना हो गया भजन लिरिक्स

सालासर में जिसका
आना जाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया।।
जा के दरबार में
जो शीश झुकाते हैं
बालाजी दयालु उन्हें
गले से लगाते हैं
जिसका मेरे बाबा से
याराना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया।।
प्यार का खजाना
बालाजी का भरपूर है
प्रेम को लुटाने में
ये बड़े मशहूर है
जो भी इनसे जाना
पहचाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया।।
बाबा के दीवाने की तो
बात निराली है
बाबा की कृपा से
मोहन मुरली की दीवानी है
जिनका उनके चरणों में
ठिकाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया।।
सालासर में जिसका
आना जाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया
वो ही मेरी बाबा का
दीवाना हो गया।।
अपना हरी है हजार हाथ वाला भजन लिरिक्स

अपना हरी है हजार हाथ वाला
मैं कहता डंके की चोट पर
ध्यान से सुनियो लाला
अपना हरी हैं हजार हाथ वाला
ओ दीनदयाला
हरी है हजार हाथ वाला।।
कौन बटोरे कंकर पत्थर
जब हो हाथ में हीरा
कंचन सदा रहेगा कंचन
और कथीर कथीरा
सांच के आगे झूठ का निकला
हरदम यहाँ दिवाला
अपना हरी हैं हजार हाथ वाला
ओ दीनदयाला
हरी हैं हजार हाथ वाला।।
कोई छुपा नहीं सकता जग में
अपने प्रभु का झंडा
जो उसको छेड़ेगा उसके
सिर पे पड़ेगा डंडा
युगों युगों से इस धरती पर
इसी का है बोल बाला
अपना हरी हैं हजार हाथ वाला
ओ दीनदयाला
हरी हैं हजार हाथ वाला।।
अपना हरी है हजार हाथ वाला
मैं कहता डंके की चोट पर
ध्यान से सुनियो लाला
अपना हरी हैं हजार हाथ वाला
ओ दीनदयाला
हरी है हजार हाथ वाला।।
एकली ने घेरी वन में आज श्याम तने कैसी ठानी रे लिरिक्स

एकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
श्याम मोहे वृंदावन जानो
लौटकर बरसाने आनो
मेरी कर जोरो की मानो
जो कोय होय देर
लड़ेगी ननंद जेठानी रे
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
दान दही को दे जा मोय
ग्वालन तभी जान दऊं तोय
नहीं तकरार बहुत सी होय
जो करि दे इंकार कोय
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
दान हम कबहुं नही दियो
रोक मेरा मारग काहे लियो
बहुत सो उधम अब ही कियो
आज तलक या बृज में कोई
भयो ना दानी रे
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
ग्वालन तू बातें रही बनाय
ग्वाल बालन को लेऊँ बुलाय
तेरो दही माखन देउँ लुटवाय
इठलावे हर बार बार
नार तोय छाई जवानी रे
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
कंस राजा से करूँ पुकार
तोहे बँधवाय दिलाऊँ मार
ठाकरी देऊँ सभी निकाराय
जु्ल्म करे नहीं डरे
समझ ले नार वीरानी रे
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
कंस क्या बाप लगे तेरो
और वो काह करे मेरो
कोऊ दिन मार करूँ ढेरो
करूँ कंस निरवंश
मेट दऊँ नाम निशानी रे
ऐकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
एकली ने घेरी वन में आज
श्याम तने कैसी ठानी रे।।
हठ पकड़े नंदलाला मैया री मोहे चंदा ला दे भजन लिरिक्स

हठ पकड़े नंदलाला
मैया री मोहे चंदा ला दे
चँदा ला दे चँदा ला दे चँदा ला दे
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
मात यशोदा बोली लाला
ना रो मेरे होते
हाय कैसी लाल भई है
अँखियाँ रोते रोते
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
चँदा मामा दूर बसे है
कैसे लेकर आऊँ
फिर भी तू ना माने तो मैं
थाली में दिखलाऊँ
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
इतना कहकर मात यशोदा
थाली लेकर आई
पानी भरकर दिखलाई है
चँदा की परछाई
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
कृष्ण कन्हैया खुश होकर के
लगे बजाने ताली
मैया के बेहकावे में आ
फसे है मायाधारी
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
हठ पकड़े नंदलाला
मैया री मोहे चंदा ला दे
चँदा ला दे चँदा ला दे चँदा ला दे
हठ पकडे नँदलाला
मैया री मोहे चँदा ला दे।।
मायरा री बेला आई चुनरी बाई ने ओढ़ाई भजन लिरिक्स
मायरा री बेला आईचुनरी बाई ने ओढ़ाई
चंग मजीरा बाजे आँगणे
मन में हरियाली छाई
चुनरी बाई ने ओढ़ाई
चंग मजीरा बाजे आँगणे।।
सांवरिया लाल मायरो तो
भर दे रे
चुनड़ियाँ ओढ़ा दे सर पर
भर दे रे
सांवरिया लाल मायरो तो
भर दे रे।।
सांवरिया प्यारा
मतना तू देर लगा
म्हारी नानी बाई ने तू
प्यारी सी चुनड़ी ओढ़ा।।
कठे से आई सौंठ
कठे से आयो ज़ीरो
कठे सु तो आयो म्हारो
जामण जायो बीरो
दिल्ली से आई सुठ
जयपुर से आयो ज़ीरो
अरे द्वारका से आयो रे म्हारो
जामण जायो बीरो।।
मायरा री बेला आई
चुनरी बाई ने ओढ़ाई
चंग मजीरा बाजे आँगणे
मन में हरियाली छाई
चुनरी बाई ने ओढ़ाई
चंग मजीरा बाजे आँगणे।।
पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे भजन लिरिक्स

पकड़ लो हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा
तुम्हारी लाज जाएगी
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
धरी है पाप की गठरी
हमारे सर पे ये भारी
वजन पापो का है भारी
इसे कैसे उठाऐंगे
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
तुम्हारे ही भरोसे पर
जमाना छोड़ बैठे है
जमाने की तरफ देखो
इसे कैसे निभाएंगे
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
दर्दे दिल की कहे किससे
सहारा ना कोई देगा
सुनोगे आप ही मोहन
और किसको सुनाऐंगे
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
फसी है भवँर में नैया
प्रभु अब डूब जाएगी
खिवैया आप बन जाओ
तो बेड़ा पार हो जाये
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
पकड़ लो हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा
तुम्हारी लाज जाएगी
पकड़ लों हाथ बनवारी
नहीं तो डूब जाएंगे।।
सांवल सा गिरधारी भला हो रामा सांवल सा गिरधारी लिरिक्स

सांवल सा गिरधारी
भला हो रामा सांवल सा गिरधारी
भरोसो भारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
लटपट पाग केशरिया जामा
लटपग पाग जारी रा जामा
हिवड़े रो हार हज़ारी
भला हो रामा हिवड़े रो हार हज़ारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
मोर मुकुट सिर छत्र विराजे
मोर मुकुट हरी रे छत्र विराजे
कुंडल की छवि न्यारी
भला हो रामा कुंडल की छवि न्यारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
वृंदावन में धेनु चरावे
मधुबन में धेनु चरावे
बंसी बजावे गिरवर धारी
भला हो रामा मुरली बजावे छत्तरधारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
वृंदावन में रास रच्यो है
मधुबन में रास रच्यो है
शस्त्र गोद्या विच गिरधारी
भला हो रामा रास रचावे गिरवरधारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
वृंदावन की कुञ्ज गलिन में
मधुबन की कुञ्ज गलिन में
खेलत राधे प्यारी
भला हो रामा खेलत कृष्णमुरारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
इंद्र कोप किया ब्रज ऊपर
इंद्र कोप कियो ब्रज ऊपर
नख पर गिरवरधारी
भला हो रामा नख पर गिरवरधारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
औरन तो और भरोसो
औरन तो और भरोसो
हमको तो आस तिहारी
भला हो रामा हमको भरोसो भारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
बाई मीरा के प्रभु गिरधर नागर
बाई मीरा के प्रभु नटवर नागर
चरण कमल बलिहारी
भला हो रामा हरी के चरण बलिहारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
सांवल सा गिरधारी
भला हो रामा सांवल सा गिरधारी
भरोसो भारी
हरी बिना मोरी
गोपाल बिना मोरी
सांवल सेठ बिना मोरी
कुण खबर लेवे म्हारी
सांवल सा गिरधारी।।
उत्सव रच्यो है म्हारे आँगने थे आजो गौरी का लाल भजन लिरिक्स

उत्सव रच्यो है म्हारे आँगने
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो।।
फुलड़ा री माला ल्याया विनायक
फुलड़ा री माला ल्याया विनायक
अर्पण थे करो गणराज
कारज म्हारा सफल करो
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो।।
सोने री थाली में मोदक ल्याया
सोने री थाली में मोदक ल्याया
थे भोग लगावो गणराज
कारज म्हारा सफल करो
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो।।
रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो
रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो
अन्न धन से भरो भंडार
कारज म्हारा सफल करो
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो।।
उत्सव रच्यो है म्हारे आँगने
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो
थे आजो गौरी का लाल
कारज म्हारा सफल करो।।
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