जया किशोरी भजन लिरिक्स लिखित : Jaya Kishori Bhajan Lyrics 3
जी लेंगे सरकार तेरी सरकारी में भजन लिरिक्स

जी लेंगे सरकार तेरी सरकारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में।।
तेरा रुतबा तेरा नजारा
दो जहाँ से न्यारा है
दिलबर मेरे तुमसा न कोई
लगता मुझको प्यारा है
आ गया मुझको मजा तेरी यारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में।।
हुक्म जो भी करदे बाबा
काम वैसा ही करूँ
तेरे लिए गर मरना पड़े तो
तेरे दर पर ही मरुँ
क्या रखा है ऐसी रिश्तेदारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में।।
तेरी लीला तेरे भजनों
को सदा गाता रहूं
ऐसी किरपा करदे बाबा
दर तेरे आता रहूं
क्या करूँ बन जाऊं तेरा प्यारा मैं
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में।।
जी लेंगे सरकार तेरी सरकारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में
हमें रख लेना श्री श्याम तेरी दरबारी में।।
दिखाऊं कोनी लाड़लो नजर लग जाए भजन लिरिक्स : Dikhau Koni Ladlo Nazar Lag Jaye

दिखाऊं कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
विषधर तेरे गले में लिपटे
अंग भभूत रमाए
तेरे रूप को देख के जोगी
लाल मेरा डर जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
सुन बाते मैया की भोले
मंद मंद मुस्काए
जिससे सारा जगत है डरता
उसको कौन डराए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
हो उदास शिव भोला शम्भु
अपने कदम बढ़ाए
शिव को जाते देख कन्हैया
रो रो कर चिल्लाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
नन्द लाल का रोना सुनकर
बोली मात यशोदा
नजर लगा दी मेरे लाल को
हाय हाय अब क्या होगा
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
इतना सुनकर मात यशोदा
मोहन को ले आई
दर्शन किये हरी के शिव ने
‘राजू’ ख़ुशी मनाई
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
दिखाऊं कोनी लाड़लो
नजर लग जाए
नजर लग जाए रे
जुलम होय जाए
दिखाऊँ कोनी लाड़लो
नजर लग जाए।।
भोला नही माने रे नहीं माने मचल गए नचबे को भजन लिरिक्स

भोला नही माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को
डम डम डमरू बाजे प्यारी
नाच रहे भोले भंडारी
कैसे लहर लहर लगे लहराने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
भांगड़ा डिस्को कछु ना जाने
तांडव के हो गए दीवाने
भांगड़ा डिस्को कछु ना जाने
तांडव के हो गए दीवाने
मैं कैसे मनाऊँ शिव ना माने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
कैसी भंगिया चढ़ी सन्ना के
स्वामी बैठे है तन्ना के
कैसी भंगिया चढ़ी सन्ना के
स्वामी बैठे है तन्ना के
गौरा शिव को लगी है समझाने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
मैं तोह मना मना के हारी
ना मने शिव त्रिपुरारी
मैं तोह मना मना के हारी
ना मने शिव त्रिपुरारी
कैसे कमर लगे है लचकाने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
भोला खाकर भंग का गोला
कैसे झूम रहा है चोला
भोला खाकर भंग का गोला
कैसे झूम रहा है चोला
नाचे बजा बजा के नई ताने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
भोला सदा रहे मन चंगा
देखो जाता से बह रही गंगा
भोला सदा रहे मन चंगा
देखो जाता से बह रही गंगा
राग शिव की लगी है गुण गाने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
भोला नही माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को
डम डम डमरू बाजे प्यारी
नाच रहे भोले भंडारी
कैसे लहर लहर लगे लहराने
मचल गए नचबे को
भोला नहीं माने रे नहीं माने
मचल गए नचबे को।।
तुमने लाखों की किस्मत सँवारी भजन लिरिक्स

तुमने लाखों की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी
तेरी चौखट पे जो भी झुका है
उसको दुनिया ने सर पे रखा है
तेरे रुतबे का क्या क्या सबब दे
इतनी ताकत नहीं है हमारी
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
आस तेरी भरोसा तुम्ही पर है श्याम
तू ही मोहन कन्हैया तू ही तो है राम
दर पे आए बैगाने दीवाने बड़े
भर दो झोली खड़े है भगत ये तेरे
जब तलक तू सवारे ना बिगड़ी
तेरे दर से ना जाए सवाली
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
हम सुधरना भी चाहे कहो क्या करे
तेरी मोह माया से बोल कितना लड़े
हम है नर तेरे जैसे नारायण नहीं
तुम अगर साथ दो होगी तेरी कहीं
रज़ा तेरी में हम तो है राज़ी
श्याम करना ना हमसे नाराजी
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
तू जो चाहे तो बहरा भी सुनने लगे
लूला लंगड़ा पहाड़ों पे चढ़ने लगे
ज़िन्दगी मौत सबकुछ तेरे हाथ है
तुम अगर साथ हो तो फिर क्या बात है
तेरे रहमो करम पे पड़े है
जाने कब होगी रहमत तुम्हारी
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
तुम हो दानी तो हम है भिखारी तेरे
तुम हो ठाकुर तो हम है पुजारी तेरे
‘जया’ भक्तो से क्यों इतना कतराते हो
ऐसा क्या माँगा देने में घबराते हो
खुदगर्जों ने अर्जी सुना दी
अब कृपा की है मर्जी तुम्हारी
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
तुमने लाखों की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी
तेरी चौखट पे जो भी झुका है
उसको दुनिया ने सर पे रखा है
तेरे रुतबे का क्या क्या सबब दे
इतनी ताकत नहीं है हमारी
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी
अब संवरने की बारी हमारी।।
श्याम नाम की मेहंदी रचाकर घूँघट में शर्माउंगी भजन लिरिक्स

श्याम नाम की मेहंदी रचाकर
घूँघट में शर्माउंगी
बनके दुल्हनिया श्याम पिया की
ब्रज नगरी अब जाउंगी
ब्रज नगरी अब जाउंगी।।
श्याम नाम की मांग भरी और
श्याम चुनरिया ओढ़ी रे
श्याम प्रीत रंग राची ऐसी
दुनिया से मुख मोड़ी रे
वो मेरा हो जायेगा और
मैं उसकी हो जाउंगी
बनके दुल्हनिया श्याम पिया की
ब्रज नगरी अब जाउंगी
ब्रज नगरी अब जाउंगी।।
गईया चराने वो जायेंगे
मैं उनके संग जाउंगी
श्याम बजायेंगे बंशी
और मैं नाचूंगी गाउंगी
थक जायेंगे श्याम पिया तो
थक जायेंगे श्याम पिया तो
उनके चरण दबाऊँगी
बनके दुल्हनिया श्याम पिया की
ब्रज नगरी अब जाउंगी
ब्रज नगरी अब जाउंगी।।
सूरज रंग चढ़ा मेहंदी का
मैं तो ऐसी लाल भई
श्याम पिया की बनके सुहागन
सातो जनम निहाल हुई
सदा सुहागन कहलाउंगी
सदा सुहागन कहलाउंगी
जीवन सफल बनाउंगी
बनके दुल्हनिया श्याम पिया की
ब्रज नगरी अब जाउंगी
ब्रज नगरी अब जाउंगी।।
श्याम नाम की मेहंदी रचाकर
घूँघट में शर्माउंगी
बनके दुल्हनिया श्याम पिया की
ब्रज नगरी अब जाउंगी
ब्रज नगरी अब जाउंगी।।
घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार भजन लिरिक्स

घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
नरसी बोल्यो म्हारे सागे के करसी
ओढ़न कपडा नाही बैठसि यां मरसि
बूढ़ा बैल टूटेड़ी गाडी पैदल जावे हार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
ज्ञान दासजी कहवे गाडुली तोड़ेगा
ज्ञान दासजी कहवे तुमड़ा फोड़ेगा
घणी भीड़ में टूट जावे म्हारे ईकतारा रो तार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
नानी बाई रो भात देखबा चालूगो
पूर्ण पावलो थाली में भी डालूँगो
दोए चार दिन चोखा चोखा जीमूँ जीमनवाल
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
जोड़े ऊपर बैठ हाकसूं में नारा
थे करज्यो आराम दाबसू पग थारा
घणी चार के तड़के थाने पहुचा देऊँ अंजार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
टूट्योड़ी गाडी भी आज विमान बनी
नरसी गावे भजन सुने खुद श्याम धणी
सूर्या सगळा पीठ थपे अरेरे जीवतो रे मोट्यार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार
गाड़ी में बिठाले रे बाबा
जाणो है नगर अंजार।।
कसमे वादे प्यार वफ़ा सब भजन लिरिक्स

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या?
कोई किसी का नहीं ये झूठे
नाते हैं नातों का क्या?
कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या।।
होगा मसीहा सामने तेरे
फिर भी न तू बच पायेगा
तेरा अपना खून ही आखिर
तुझको आग लगायेगा
आसमान में उड़ने वाले
मिट्टी में मिल जायेगा
कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या।।
सुख में तेरे साथ चलेंगे
दुःख में सब मुख मोड़ेंगे
दुनिया वाले तेरे बनकर
तेरा ही दिल तोड़ेंगे
देते हैं भगवान को धोखा
इन्सां को क्या छोड़ेंगे
कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या।।
कसमे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या?
कोई किसी का नहीं ये झूठे
नाते हैं नातों का क्या?
कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब
बाते हैं बातों का क्या।।
(काम अगर ये हिन्दू का है
मंदिर किसने लूटा है ?
मुस्लिम का है काम अगर ये
खुदा का घर क्यों टूटा है ?
जिस मज़हब में जायज़ है ये
वो मज़हब तो झूठा है।)
म्हारो बेड़ो पार लगा दीजो सालासर महाराज भजन लिरिक्स

म्हारो बेड़ो पार लगा दीजो सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
म्हारी नाव भवर में अटकी
म्हारी लाज रखो थे अबकी
अटकी ने, अटकी ने
अटकी ने पार लगा दिजो
सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
है एक आसरो थारो
नही और कोई है म्हारो
विपदा में, विपदा में
साथ निभा दीज्यो
सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
प्रभु इतना नही विचारो
गलती थे मेरी सुधारो
बीती ने, बीती ने
बीती बाता ने भुला दीज्यो
सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
घर घर में चर्चा भारी
है दिन दुखी हितकारी
इस बालक, इस बालक ने
इश्स बालक ने अपना लीजो
सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
म्हारो बेड़ो पार लगा दीजो सालासर महाराज
सालासर महाराज
म्हारा मेहंदीपुर महाराज
भटक्या ने, भटक्या ने
भटक्या ने राह दिखा दिजो
सालासर महाराज।।
तेरी राम जी से क्या पहचान हनुमान जी भजन लिरिक्स

तेरी राम जी से क्या पहचान
पहले नही देखा कैसे हो भरोसा
इतना बता हनूमान
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।
कौन सी घड़ी में
कौन सी जगह पे
हुई तेरी मुलाकात
किस कारण से मेरे प्रभु ने
रखा तुमको साथ
नर वानर का साथ हुआ कैसे
कौन सा किया तुमने काम
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।
गढ़ लंका में आया कैसे
राक्षस है बलवान
तुमको भेजा पास में मेरे
आये क्यों नहीं राम
हाथ कैसे आई इनकी निशानी
ये है असम्भव काम
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।
करके भरोसा देखा मैंने
और धोखा खाया
बात ना मानी लक्ष्मण जी की
ऐसा दिन है आया
भूल हुई मुझसे ‘बनवारी’ तबसे
बिछुड़ गए मेरे राम
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।
पहले नही देखा कैसे हो भरोसा
इतना बता हनूमान
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।
रूप सलोना देख श्याम का सुधबुध मेरी खोई भजन लिरिक्स

रूप सलोना देख श्याम का
सुधबुध मेरी खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई
कमली श्याम दी कमली
कमली श्याम दी कमली।।
सखी पनघट पर यमुना के तट पर
लेकर पहुंची मटकी
भूल गई सब एक बार जब
छवि देखि नटखट की
देखत ही मैं हुई बाँवरी
उसी रूप में खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।
रूप सलोना दैख श्याम का
सुधबुध मेरी खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।।
कदम के नीचे अखियाँ मीचे
खड़ा था नन्द का लाला
मुख पर हंसी हाथ में बंसी
मोर मुकुट गल माला
तान सुरीली मधुर नशीली
तन मन दियो भिगोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।
रूप सलोना दैख श्याम का
सुधबुध मेरी खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।।
सास ननन्द मोहे पल-पल कोसे
हर कोई देवे ताने
बीत रही क्या मुझ बिरहन पर
ये कोई नहीं जाने
पूछे सब निर्दोष बावरी
तट पर काहे गई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।
रूप सलोना दैख श्याम का
सुधबुध मेरी खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई।।
रूप सलोना देख श्याम का
सुधबुध मेरी खोई
नी मैं कमली होई
नी मैं कमली होई
कमली श्याम दी कमली
कमली श्याम दी कमली।।
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