प्रकाश माली मारवाड़ी राजस्थानी भजन लिखित : Prakash Mali Bhajan Lyrics 3
बन्ना सा थे तो कहिजो कुल रा मोटा देव ओम बन्ना भजन

बन्ना सा थे तो कहिजो
कुल रा मोटा देव
शरणे आया री लजीया
राखजो रे जियो।।
अरे भोमिया जन्मीया जन्मीया
पातावत कुुल माय
भोमिया जन्मीया जन्मीया
पातावत कुुल माय
माता स्वरूप कंवर रा लाडला रे जियो
अरे बीरूडा गूंजे गूंजे थारी जय जयकार
बीरूडा गूंजे चारो खुटा मे जयकार
मेलो लागे है हरदम देवरे रे जियो।।
अरे बीरूडा दूर दूर सु
आवे नर ने नार बीरूडा
दूर दूर सु आवे नर ने नार
निवन करे रे थारे धाम पे रे जियो
बन्नासा देवे देवे सबरा दुखडा टाल
बन्नासा देवे देवे सबरा दुखडा टाल
भरदेवे भण्डारा अन्न धन माल रा रे जियो।।
बन्नासा बांजनीया रो देवे गोद भराय
बन्नासा बांजनीया रो देवे गोद भराय
पांगलीया आवे है दौड्या देवरे रे जियो
अरे बन्नासा कोढिया रो देवे कोढ जडाय
बन्नासा कोढिया रो देवे कोढ जडाय
आंधलीया भगता ने देवे आँखीया रे जियो।।
अरे बीरूडा चोटिला मे
जागी जगमग ज्योत
बीरूडा चोटिला मे
जागी जगमग ज्योत
परचा पडे रे बन्ना रे नाम रा रे जियो
बीरूडा ओम बन्नासा दुखीया रा दातार
बीरूडा ओम बन्नासा दुखीया रा दातार
महिमा मोटी रे बन्ना रे नाम री रे जियो।।
अरे बन्नासा बाजे बाजे ढोला रा ढमकार
बन्नासा बाजे बाजे ढोला रा ढमकार
आरतीया री वेला वेगा आवजो रे जियो
अरे शूरमा थेतो कहिजो घर रा मोटा देव
शूरमा थेतो कहिजो घर रा मोटा देव
सिवरे जकारी करजो सहायता रे जियो।।
अरे बन्नासा परचा पुगा जुगडा रे माय
बन्नासा परचा पुगा जुगडा रे माय
जगह जगह मे मिन्दर सोवनो रे जियो
अरे भोमिया बोला बोला थारी जय जयकार
भोमिया बोले बोले थारी जय जयकार
सिवरीया भगता रे वेले आवजो रे जियो।।
अरे बन्नासा सिवरे सिवरे नगरी रा लोग
बन्नासा सिवरे सिवरे नगरी रा लोग
आता जाता ने यात्री आपने रे जियो
अरे बन्नासा थेतो कहिजो घर रा मोटा देव
बन्नासा थेतो कहिजो कुल रा मोटा देव
शरणे आया री लजीया राखजो रे जियो।।
बन्ना सा थे तो कहिजो
कुल रा मोटा देव
शरणे आया री लजीया
राखजो रे जियो।।
आसरो माताजी म्हाने थारो थे कष्ट निवारो भजन लिरिक्स

आसरो माताजी म्हाने थारो
थे कष्ट निवारो
के आवो म्हारे आंगने पधारो
थारी मै करा हां जय जयकार
थारी मै करा मनवार।।
ऊंचो थारो सजीयो दरबार
ऊंचो थारो सजीयो दरबार
थारी महिमा रो मै पायो कोनी पार
माताजी थारी महिमा रो पायो कोनी पार
थाने जो मनावे करो थे बेडा पार
थाने जो मनावे करो बेडा पार
आसरो माताजी म्हने थारो
थे कष्ट निवारो
के आवो म्हारे आंगने पधारो
थारी मै करा हां जय जयकार
थारी मै करा मनवार।।
सांचो है आशापुरी थारो दरबार
साचो है आशापुरी थारो दरबार
अरे आंगन आवे मैया लाखो नर नार
अरे आंगन आवे मैया लाखो नर नार
आज मै उडीका जोवा थारी बाट
आज मै उडीका जोवा थारी बाट
विपदा थे म्हारा तो मिटावो
थे कष्ट निवारो
के आवो म्हारे आंगने पधारो ओ
थारी मै करा जय जयकार
थारी मै करा मनवार।।
बिगड्या बनाया थे सगला रा काज
बिगड्या बनाया थे सगला रा काज
शरणे आयोडा री माता पूरो थेतो आस
शरणे आयोडा री माता लाखो थेतो लाज
थारा गुण गावा पुरावो म्हारी आस
थारा गुण गावा पुरावो म्हारी आस
दुखडो मेटो अबके म्हारो
थे कष्ट निवारो
के आवो म्हारे आंगने पधारो ओ
थारी मै करा जय जयकार
थारी मै करा मनवार।।
आसरो माताजी म्हाने थारो
थे कष्ट निवारो
के आवो म्हारे आंगने पधारो
थारी मै करा हां जय जयकार
थारी मै करा मनवार।।
ॐ जय श्री ओम बन्ना आरती लिरिक्स
ॐ जय श्री ओम बन्नाॐ जय श्री ओंम बन्ना
आरती री वेला पधारो
आरती री वेला पधारो
भक्त उडिके बाटा
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
पातावत राठौडी कुल में
आप लिया जामा
ओ बन्ना आप लिया जामा
होया भोमिया जुग मे
होया भोमिया जुग मे
धिन राठौडी राजा
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
बुलट सवारी सोवे
पूरे सब काजा
ओ बन्ना पूरे सब काजा
ओम बन्ना ने सिवरे
ओम बन्ना ने सिवरे
काटे दुख त्रासा
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
दर्श दिया दादी ने
मूरत थरपाया
ओ बन्ना मूरत थरपाया
जोधाणे पाली बीच
जोधाणे पाली बीच
परचा सरसाया
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
शंख नगाडा और शहनाई
झालर झनकाया
ओ बन्ना झालर झनकाया
धूप दीप री आरती
धूप दीप री आरती
जगमग चमकाया
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
पान सुपारी थाल सजाकर
हाथा मे लाया
ओ बन्ना हाथा मे लाया
मीठा भोग लगावा
मीठा भोग लगावा
दीजो सुख साता
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
जति सती सिद्ध सुरा
भैरव घमकाता
ओ बन्ना भैरव घमकाता
कोटि देवो संग आवो
कोटि देवो संग आवो
नागणेची माता
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
ज्योति जगे चोटिला
नित दर्शन पावा
ओ बन्ना नित दर्शन पावा
माली छंवर कहे आरती
माली छंवर कहे आरती
हिलमिल मै गावा
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
ॐ जय श्री ओम बन्ना
ॐ जय श्री ओंम बन्ना
आरती री वेला पधारो
आरती री वेला पधारो
भक्त उडिके बाटा
ॐ जय श्री ओंम बन्ना।।
अरजी म्हारी साम्भलो माजीसा अवतारी ओ

अरजी म्हारी साम्भलो
माजीसा अवतारी ओ
सायल म्हारी साम्भलो
मायड़ मोत्या वाली ओ
जसोल गढ़ में आप बिराजो
महिमा जग में भारी ओ
जसोल गढ़ में आप बिराजो
महिमा जग में भारी ओ जे ए हा।।
आप रो मै ध्यान लगायो
सुनजो सायल म्हारी ओ
आप रो मै ध्यान लगायो
सुनजो सायल म्हारी ओ
राती जोगो थारे नाम रो
आवो मोत्या वाली ओ
राती जोगो थारे नाम रो
आवो मोत्या वाली ओ जे ए हा।।
दुखडा घणा है म्हारे जीव ने
सुनजो माता रानी ओ
दुखडा घणा है म्हारे जीव ने
सुनजो माता रानी ओ
डगमग डोले नाव भंवर मे
लिजो आप ऊबारी ओ
डगमग डोले नाव भंवर मे
लिजो आप ऊबारी ओ जे ए हा।।
सब देवा ने छोड़ माजीसा
आयो शरणे थारी ओ
सब देवा ने छोड़ माजीसा
आयो शरणे थारी ओ
आप नी आया भक्ता रे वेले
हंसी उडासी म्हारी ओ
आप नी आया भक्ता रे
हंसी उडासी म्हारी ओ जे ए हा।।
सती स्वरूपा नाम आपरो
भाटी कुल मे जाई ओ
सती स्वरूपा नाम आपरो
भाटी कुल मे जाई ओ
आगे भगत अनेक तारीया
अबके म्हारी बारी ओ
आगे भगत अनेक तारीया
अबके म्हारी बारी ओ जे ए हा।।
घूमर रमता आवो माजीसा
बाटा जोवा थारी ओ
घूमर रमता आवो माजीसा
बाटा जोवा थारी ओ
आज री पावन वेला मे
जय जयकारा थारी ओ
आज री पावन वेला मे
जय जयकारा थारी ओ जे ए हा।।
अरजी म्हारी साम्भलो
माजीसा अवतारी ओ
सायल म्हारी साम्भलो
मायड़ मोत्या वाली ओ
जसोल गढ़ में आप बिराजो
महिमा जग में भारी ओ
जसोल गढ़ में आप बिराजो
महिमा जग में भारी ओ जे ए हा।।
शांतिनाथ जी सतगुरु थाने विनती बारम्बार भजन लिरिक्स

शांतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
आप राठौड़ कुल में हुआ तपधारी
हुआ तपधारी
बालपना सु भक्ति हिया माई धारी
हिया माई धारी
गुरू सु पायो ज्ञान
आपरा सतगुरु केसर नाथ
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
नाथा री गादी माथे आप बिराजो
आप बिराजो
दीन दुखी रा सारा कारज सारो
कारज सारो
महिमा है अपरम्पार
आपने पूजे नर ओर नार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
नाथ जलंधर जी रा मिन्दर बनाया
मिन्दर बनाया
कई गाँवा मे ज्यारा पगल्या थपाया
पगल्या थपाया
किया घणा उपकार
आपरी होवे जय जयकार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
दास अशोक सतगुरु अरजी सुनावे
अरजी सुनावे
चरना मे थारे दाता शिश नमावे
शिश नमावे
नाव पडी मजधार आपरे
हाथ म्हारी पथवार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
शांतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो
शाँतिनाथ जी सतगुरु थाने
विनती बारम्बार
हाथ सिर धर दीजो
पार भव कर दीजो।।
आयोडा अवसर मत न चूक जो रे दर्शन सतगुरु जी रा करलो रे हा

आयोडा अवसर मत न चूक जो रे
दर्शन सतगुरु जी रा करलो रे हा
ए दर्शन सतगुरु जी रा करलो रे हा
सतरी संगत भाया बैठ जो रे
झोली गुरू वचना सु भरलो रे हा
झोली गुरू वचना सु भरलो रे हा।।
सतगुरु है साचा शांतिनाथ जी रे
हंसा बुगला ने कर देवे रे हा
हंसा बुगला ने कर देवे रे हा
जो कोई आवे सतगुरु आसरे ओ
वारा दुखडा तो हर लेवे रे हा
वारा दुखडा तो हर लेवे रे हा।।
चेला कहावे केशर नाथ रा रे
सिरे मिन्दर आप बिराजो रे हा
सिरे मिन्दर आप बिराजो रे हा
घर घर गावे ज्यारी किरती रे
डंका चार खुट मेे बाजे रे हा
डंका चार खुट मेे बाजे रे हा।।
माया रो परदो नैना मायने जी
सतगुरु पल में दूर हटावे रे हा
सतगुरु पल में दूर हटावे रे हा
अरे नुगरा ने सुगरा करता देखीया जी
सतगुरु साचो ज्ञान बतायो रे हा
सतगुरु साचो ज्ञान बतायो रे हा।।
गादी पती जालंधर पीतरा जी भक्ति
बालपना सु किनी रे हा
भक्ति बालपना सु किनी रे हा
अरे मनडो हटायो जग रा मोह सु
सतगुरु माला हाथ में लिनी रे हा
सतगुरु माला हाथ लिनी रे हा।।
अरे वचना रो अमृत पावे प्रेम सु रे
महिमा दास अशोक सुनावे रे हा
महिमा दास अशोक सुनावे रे हा
दीजो सतगुरु जी म्हाने चाकरी जी
सतगुरु चरना मे बलि जावे रे हा
सतगुरु चरना बलि जावे रे हा।।
आयोडा अवसर मत न चूक जो रे
दर्शन सतगुरु जी रा करलो रे हा
ए दर्शन सतगुरु जी रा करलो रे हा
सतरी संगत भाया बैठ जो रे
झोली गुरू वचना सु भरलो रे हा
झोली गुरू वचना सु भरलो रे हा।।
योगी शांतिनाथ जी साँचा रे चालो गुरूजी रा चरना में

योगी शांतिनाथ जी साँचा रे
चालो गुरूजी रा चरना में
योगी शांतिनाथ जी साचा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
भाया भाग आपरा जागा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
भाया भाग आपरा जागा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
बाबा जालौर नगरी बिराजे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
बाबा जालौर नगरी बिराजे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
ज्यारे दर्शन सु दुखडा भागे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
ज्यारे दर्शन सु दुखडा भागे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
गुरू शांतिनाथ जी उपकारी रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
गुरू शांतिनाथ जी उपकारी रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
एतो संत बडा़ तपधारी रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
एतो संत बडा़ तपधारी रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
सिरे मिन्दर मे दर्शन पावा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
सिरे मिन्दर मे दर्शन पावा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
गुरू चरना री महिमा गावा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
गुरू चरना री महिमा गावा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
एतो भगता ने ज्ञान बतावे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
एतो भगता ने ज्ञान बतावे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
एतो मुक्ति रो पंथ दिखावे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
एतो मुक्ति रो पंथ दिखावे रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
योगी शांतिनाथ जी साँचा रे
चालो गुरूजी रा चरना में
योगी शांतिनाथ जी साचा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
भाया भाग आपरा जागा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे
भाया भाग आपरा जागा रे
चालो गुरूजी रा चरना मे।।
योगी शांतिनाथ जी ने बार बार वंदना भजन लिरिक्स

योगी शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना
बार बार वंदना
हजार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
गाँव भागली में जन्म है पायो
गाँव भागली मे जन्म है पायो
शिव री भक्ति मे गुरूवर मनडो रमायो
शिव री भक्ति मे गुरूवर मनडो रमायो
साचा शिव भक्त ने है
बार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
जालंधर नाथ बीच माई गुरू उपकारी
जालंधर नाथ बीच गुरू उपकारी
श्रद्धा सु पूजे ज्याने सब नर नारी
श्रद्धा सु पूजे ज्याने सब नर नारी
भगवा इन वेश नेे है
बार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
जो भी शरण में भक्ति भाव सु आवे
जो भी शरण में भक्ति भाव सु आवे
पल में गुरूजी उनरा दुखडा मिटावे
पल में गुरूजी उनरा दुखडा मिटावे
एडा दीना नाथ ने है
बार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
दास अशोक ज्यारी महिमा सुनावे
दास अशोक ज्यारी महिमा सुनावे
सतगुरु दयालु भव सु पार लगावे
सतगुरु दयालु भव सु पार लगावे
नैया केवट हार ने है
बार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
योगी शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना
बार बार वंदना
हजार बार वंदना
गुरू शांतिनाथ जी ने
बार बार वंदना
म्हारा गुरूदेव जी ने
बार बार वंदना।।
ऊंचे डूंगर देवरो जी कोई रतनेश्वर महादेव

ऊंचे डूंगर देवरो जी
कोई रतनेश्वर महादेव
जातरी आवे घणा
मैं तो वारी जाऊँ
परचा जग में बडा़
मै तो नाग निवन शिव थाने करा।।
राजा मानसिंह आपरो जी
ओ मिन्दर है बनवायो
भाव से पूजा करी
राजा मानसिंह आपरो जी
ओ मिन्दर है बनवायो
भाव से पूजा करी
मैं तो वारी जाऊँ
भक्ति थारी करी
शिव शंकर झोली ज्यारी भरी।।
सुन्दर बनीयो देवरो जी
ज्यारी शोभा है अपरम्पार
मोरीया टवका करे
सुन्दर बनीयो देवरो जी
ज्यारी शोभा है अपरम्पार
मोरीया टवका करे
मैं तो वारी जाऊँ
शंकर दुखडा हरे
भक्ता रे घर भण्डारा भरे।।
दर्शन करवा जातरी जी
थारे आवे दिन ओर रात
आस ले मन में घणी
दर्शन करवा जातरी जी
थारे आवे दिन ओर रात
आस ले मन में घणी
मैं तो वारी जाऊँ
साचा थे हो धणी
भगता री विपदा पल मे हरी।।
इन कलजुग रे मायने जी
थारो साचो है दरबार
भरोसो थारो बडो़
इन कलजुग रे मायने जी
थारो साचो है दरबार
भरोसो थारो बडो़
मैं तो वारी जाऊँ
सबरी करजो भली
रतनेश्वर मिन्दर थारो खरो।।
दास अशोक री विनती ओ
भोला सुनजो ध्यान लगाय
आरती थारी करा
दास अशोक री विनती ओ
भोला सुनजो ध्यान लगाय
आरती थारी करा
मैं तो वारी जाऊँ
सुमिरन थारो करा
हिवडा मे ध्यान मै तो थारो करा।।
ऊंचे डूंगर देवरो जी
कोई रतनेश्वर महादेव
जातरी आवे घणा
मैं तो वारी जाऊँ
परचा जग में बडा़
मै तो नाग निवन शिव थाने करा।।
डम डम डम नोपत बाजे सिरे मिन्दर माय भजन लिरिक्स

डम डम डम नोपत बाजे
सिरे मिन्दर माय
जटे बिराजे बापजी
जटे बिराजे बापजी
कोई सिद्ध जालंधर नाथ
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
ऊंचे डूंगर आप गुरूजी
शोभा अपरम्पार
ऊंचे डूंगर आप गुरूजी
शोभा अपरम्पार
योगी जालंधर नाथ ने
योगी जालंधर नाथ ने
सिवरे सब संसार
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
लख लख आवे जातरी जी
आवे दिन ओर रात
लख लख आवे जातरी जी
आवे दिन ओर रात
सिरे मिन्दर आ सिद्ध री तो
सिरे मिन्दर आ सिद्ध री तो
न्यारी सबसु बात
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
इन कलयुग रे मायने जी
परचा पडे रे अपार
इन कलयुग रे मायने जी
परचा पडे रे अपार
भक्ति भाव सु नाथजी ने
भक्ति भाव सु नाथजी ने
पूजे नर और नार
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
सिद्ध जालंधर नाथ जी तो
अन्न धन रा दातार
सिद्ध जालंधर नाथ जी तो
अन्न धन रा दातार
चार खुट मेे किरती जी
चार खुट मेे किरती जी
गूंजे जय जयकार
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
महिमा सिद्ध नाथजी री
दास अशोक सुनाय
महिमा सिद्ध नाथजी री
दास अशोक सुनाय
जो कोई आवे आसरे जी
जो कोई आवे आसरे जी
वो मन चाह यहाँ फल पाय
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
डम डम डम नोपत बाजे
सिरे मिन्दर माय
जटे बिराजे बापजी
जटे बिराजे बापजी
कोई सिद्ध जालंधर नाथ
जगत रे मायने जी
साचो है भगता रो ओतो आसरो ओ
जियो नाथजी जियो पिरजी जियो
जियो रे भई जियो।।
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