प्रकाश माली मारवाड़ी राजस्थानी भजन लिखित : Prakash Mali Bhajan Lyrics 4

जल केडी तम्बुडी पवन केडी झारी रे देसी भजन लिरिक्स

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जल केडी तम्बुडी
पवन केडी झारी रे
माता तो कवारी ज्योरा
पिता ब्रम्हचारी रे
माता तो कवारी ज्योरा
पिता ब्रम्हचारी रे
आँख बिना पाँख बिना
मुखडा बिना नारी रे
हेठे तो घडोलीयो ने
ऊपर पिनिहारी रे हा।।

एक है बावड़ी ने
पाँच पिनिहारी रे
एक तो है बावड़ी
पाँच पिनिहारी रे
पानी तो भरे रे संतो
न्यारी रे न्यारी रे
पानी तो भरे रे संतो
न्यारी रे न्यारी रे
आँख बिना पाँख बिना
मुखडा बिना नारी रे
हेठे तो घडोलीयो ने
ऊपर पिनिहारी रे हा।।

ढलगी बावड़ी ने
सुखन लागी बाडी रे
ढलगी बावड़ी
सुखन लागी बाडी रे
हाथीया मरोडती
जावे पिनिहारी रे
हाथीया मरोडती
जावे पिनिहारी रे
आँख बिना पाँख बिना
मुखडा बिना नारी रे
हेठे तो घडोलीयो ने
ऊपर पिनिहारी रे हा।।

बोलिया गोरख जती
उल्टोडी वाणी रे
बोलीया गोरख जती
उल्टोडी वाणी रे
छान लिजो दूध
छान लिजो पानी रे
छान लिजो दूध
छान लिजो पानी रे
आँख बिना पाँख बिना
मुखडा बिना नारी रे
हेठे तो घडोलीयो ने
ऊपर पिनिहारी रे हा।।

जल केडी तम्बुडी
पवन केडी झारी रे
माता तो कवारी ज्योरा
पिता ब्रम्हचारी रे
माता तो कवारी ज्योरा
पिता ब्रम्हचारी रे
आँख बिना पाँख बिना
मुखडा बिना नारी रे
हेठे तो घडोलीयो ने
ऊपर पिनिहारी रे हा।।



गुरू वासुदेव जी को बार बार वन्दना भजन लिरिक्स

गुरू वासुदेव जी को
बार बार वन्दना
बार बार वन्दना
हजार बार वन्दना
बार बार वन्दना
हजार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

भक्ति के सच्चे साधक आप कहावे
भक्ति के सच्चे साधक आप कहावे
दुखीयो को वासुदेवा राह दिखावे
दुखीयो को वासुदेवा राह दिखावे
ऐसे योगीराज को है
बार बार वन्दना
ऐसे योगीराज को है
बार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

नाथ निरंजन का ध्यान लगाया
नाथ निरंजन का ध्यान लगाया
अपने अंतर मे सच्चा ज्ञान जगाया
अपने अंतर मे सच्चा ज्ञान जगाया
ज्ञान के भण्डार को है
बार बार वन्दना
ज्ञान के भण्डार को है
बार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

जीवन में सुख को त्यागा बने वैरागी
जीवन में सुख को त्यागा बने वैरागी
मन की इच्छा है सारी पल में है त्यागी
मन की इच्छा है सारी पल में है त्यागी
त्याग प्रति मूर्ति को
बार बार वन्दना
त्याग प्रति मूर्ति को
बार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

चंडावल नगरी में है धाम तुम्हारा
चंडावल नगरी में है धाम तुम्हारा
दर्शन करने को आवे ये जग सारा
दर्शन करने को आवे ये जग सारा
ऐसे गुणवंत को है
बार बार वन्दना
ऐसे गुणवंत को है
बार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

दास सुरेश नित शिश नमावे
दास सुरेश नित शिश नमावे
गुरू के चरनो मे नित बलिहारी जावे
गुरू के चरनो मे नित बलिहारी जावे
भक्ति के आधार को है
बार बार वन्दना
भक्ति के आधार को है
बार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।

गुरू वासुदेव जी को
बार बार वन्दना
बार बार वन्दना
हजार बार वन्दना
बार बार वन्दना
हजार बार वन्दना
गुरू वासुदेंव जी को
बार बार वन्दना।।


ज्यारा परचा है भरपूर गुरूजी रा नाम बडा लिरिक्स

ज्यारा परचा है भरपूर
गुरूजी रा नाम बडा
ओ ज्यारी महिमा अपरंपार
भगत आवे खडा खडा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

महालक्ष्मी जी री कोख सुधारी
महालक्ष्मी जी री कोख सुधारी
कृष्ण मूर्ति जी री किरपा भारी
कृष्ण मूर्ति जी किरपा भारी
ओ ज्यारो नाम दियो वासुदेव
गुण गावे घणा रे घणा
ओ ज्यारो नाम दियो वासुदेव
गुण गावे घणा रे घणा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

एक फकिरी गुरूजी धार्यो
एक फकिरी गुरूजी धार्यो
आको जीवन सुखत मे वार्यो
आको जीवन सुखत मे वार्यो
ज्यारे पग पग गंगा धाम
पाप जावे बडा रे बडा
ओ ज्यारे पग पग गंगा धाम
पाप जावे बडा बडा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

गाँव पीपलीये धुणी रे रमायी
गाँव पीपलीये धुणी रे रमायी
शिव शंकर संग जाजम जमायी
शिव शंकर संग जाजम जमायी
ओ कोई घर घर में गुण गान
हरख गावे घणा रे घणा
ओ कोई घर घर में गुण गान
हरख गावे घणा रे घणा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

गुरू किरपा सु मेघ बरसीयो
गुरू किरपा सु मेघ बरसीयो
अंजनी पुत्र सेवा सु हरखीयो
अंजनी पुत्र सेवा सु हरखीयो
ओ कोई ऊगा हरीया धान
गुरूजी रा ज्ञान बडा
ओ कोई ऊगा हरीया धान
गुरूजी रा ज्ञान बडा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

राकेश मनावत चरन रो चेलो
राकेश मनावत चरन रो चेलो
पगल्या कर घर करजो पेरो
पगल्या कर घर करजो पेरो
ओ कोई सिर पर राखो हाथ
आज थारे चरन पडा
ओ कोई राखो सिर पर हाथ
आज थारे चरन पडा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।

ज्यारा परचा है भरपूर
गुरूजी रा नाम बडा
ओ ज्यारी महिमा अपरंपार
भगत आवे खडा खडा
ज्यारा परचा है भरपुर
गुरूजी रा नाम बडा।।


मैं तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ म्हारो मन लाग्यो भगती…

मैं तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ

दोहा – गौ गंगा और गायत्री से
ऊपर गुरू रो नाम
गुरू ही मार्ग सुझावीयो
जिन पूजे खुद राम।

मैं तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती में
तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती में
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती में
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती में।।

लक्ष्मी कृष्ण रा अंश है गुरूवर
शिवरात्रि गुरू जन्मीया जी
लक्ष्मी कृष्ण रा अंश है गुरूवर
शिवरात्रि गुरू जन्मीया जी
ऋग्वेद स्मारथ कुल मे
वासुदेव पलपीया जी
ऋग्वेद स्मारथ कुल मे
वासुदेव पलपीया जी
धन धन नाम कियो जरणी रो
भरपूर नाम कमायो जी
वेद पुराण रा गण जानता
आत्म तत्व सुख पायो जी
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती मे।।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शाखा
सु बुद्धि पल पानी जी
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शाखा
सु बुद्धि पल पानी जी
परम पूज्य गुरूवर जी रे मुख सु
राष्ट्रीय धर्म गती जानी जी
परम पूज्य गुरूवर जी रे मुख सु
राष्ट्रीय धर्म गती जानी जी
छोड़ असार संसार जगत ने
राग फकिरी गायी जी
राष्ट्रीय भक्ति और जीवन जुन हित
इतरी दिक्षा पायी जी
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती मे।।

गुरूवर साथे वैरी मिनखा
इतरी चाल चली भूंडी
गुरूवर साथे वैरी मिनखा
इतरी चाल चली भूंडी
पण गुरूवर मौन साधने
भरी रही धिरप ऊंडी
पण गुरूवर मौन साधने
भरी रही धिरप ऊंडी
दिया अमौज वरदान उनाने
रिता रही घर सुख भरीया
कहे मनावत गुरू किरपा सु
अधम मिनख भवसु तिरीया
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती मे
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती मे।।

मैं तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती में
तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ
म्हारो मन लाग्यो भगती में
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती में
मै तो गुरू चरने लग जाऊँ म्हारी माँ
म्हारो तन जाग्यो भगती में।।


भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत हंसो परखंडा चालीयो लिरिक्स

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भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो।

दोहा – हाड़ जले जैसे लकडी जल गई
केश जले जैसे घासा
सोने जैसी काया जल गई
कोई नी आया पासा।

भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो
भई रे मुओ घड़ी रो निज मान
कडावु बारे काडीयो।।

भई रे धोली चादर ली ओडाय
घेनो ने गाठो ले लियो
भई रे धोली चादर ली ओडाय
घेनो ने गाठो ले लियो
भई आयो ज्यु पाछो ही जाय
साथ किनो नही चालीयो
भई रे आयो ज्यु पाछो ही जाय
साथ किनो नही चालीयो
भई रे चार जणो रे खांदे चार
ढेरो मसाना देवीयो
भई रे चार जणो रे खांदे चार
ढेरो मसाना देवीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो।।

भई रे कांटो री झूर बिछाय
लकडो मे ऊंदो लेटीयो
भई रे कांटो री झूर बिछाय
लकडो मे ऊंदो लेटीयो
भई रे लोपो लगावे बेटा लाय
दुरा सु हेलो देवीयो
भई रे लोपो लगावे बेटा लाय
दुरा सु हेलो देवीयो
भई रे कितरी लाडकी थारी काया रे
भस्मी रो ढिगलो वेगीयो
भई रे कितरी लाडकी थारी काया रे
भस्मी रो ढिगलो वेगीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो।।

भई रे दोरा मे दो दिन किनो याद
बस्ती वाला बिसारीयो
भई रे दुखड़ा मे दो दिन किनो याद
बस्ती वाला बिसारीयो
अरे भोला मुओ कमायो थारो माल
दुजा ही कोई दाबीयो
अरे भोला मुओ कमायो थारो माल
दुजा ही कोई दाबीयो
भई रे पुण्य पापो री साथे पोट
खर्चो खावन ने गालीयो
भई रे पुण्य पापो री साथे पोट
खर्चो खावन ने गालीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो।।

रामजी पाछी नर देह किकर पाय
चौरासी चक्रों चालीयो
रामजी पाछी नर देह किकर पाय
चौरासी चक्रों चालीयो
रामजी झूठी माया रा झूठा जाल
गला मे फंदो गालीयो
रामजी झूठी माया रा झूठा जाल
गला मे फंदो गालीयो
रामजी दीनो नारायण हाथो दान
साथे वो थारे हालीयो
रामजी दीनो नारायण हाथो दान
साथे वो थारे हालीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो।।

भई रे छोड्यो पिन्जरीया रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
भई रे छोड्यो पिंजरीये रो हेत
हंसो परखंडा चालीयो
अरे भई रे मुओ घड़ी रो मेहमान
कडावु बारे काडीयो
भई रे मुओ घड़ी रो निज मान
कडावु बारे काडीयो।।


आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी भजन लिरिक्स

आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी
सात भाया रे बीच बेनड लाडली
ओ केशर बाई घणी खम्मा
बाई केशर घणी खम्मा
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी।।

आशा जी का घर में पधार
पालनीये झुल्या घणी खम्मा
हिण्डा पर हिण्ड्या घणी खम्मा
राठौड़ वंश अवतार मैया जी
राठौड़ वंश अवतार मैया जी।।

कुल तो किदो है ऊंचो नाम
जग जरणी अम्बा घणी खम्मा
करती भुज लम्बा घणी खम्मा
डूबती नैया ने लेवे थाम मैया जी
डूबती नैया ने लेवे थाम मैया जी।।

मीरा री धरा है मेवाड़ में
ओ परचा भारी घणी खम्मा
आवे नर नारी घणी खम्मा
ऊंचा ऊंचा विकट पहाड़ मैया जी
ऊंचा ऊंचा विकट पहाड़ मैया जी।।

पांगला पंगु बांधा आवीया ओ
चाले दौडे घणी खम्मा
चौडे धाडे घणी खम्मा
गूंगा माता रे आगे गाय मैया जी
गूंगा माता रे आगे गाय मैया जी।।

राकेश मनोज जगन्नाथ
माता के चरना माता घणी खम्मा
रेवे है शरना घणी खम्मा
नारायण जोडे दोनों हाथ मैया जी
नारायण जोडे दोनों हाथ मैया जी।।

आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी
सात भाया रे बीच बेनड लाडली
ओ केशर बाई घणी खम्मा
बाई केशर घणी खम्मा
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी।।


घणा कोड सु लायो मै तो लायो चुनडी भजन लिरिक्स

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घणा कोड सु लायो मै तो
लायो चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

गाँव नाडोल माई धाम है थारो
गाँव नाडोल माई धाम है थारो
लाल कसुमल माता
ओडो चुनडी
लाल कसुमल माता
ओडो चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

भगत माताजी थारी चुनडी रंगाई
भगत माताजी थारी चुनडी रंगाई
हीरा पन्ना सु चम चम
चमके चुनडी
हीरा पन्ना सु चम चम
चमके चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

सोना रूपा रा तार चुनडी रे माई
सोना रूपा रा तार चुनडी रे माई
सिर पर थारे माता
चमके चुनडी
सिर पर थारे माता
चमके चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

चुनडी री छाया मैया राखो भगता पर
चुनडी री छाया मैया राखो भगता पर
माली प्रकाश थारी
गायी चुनडी
माली प्रकाश थारी
गायी चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

घणा कोड सु लायो मै तो
लायो चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी
प्यारी लागे ओ
माताजी री चुनडी।।

चाल भाईडा चाला आपा नाडोल गढ़ रा मेला में

चाल भाईडा चाला आपा
नाडोल गढ़ रा मेला में
आशापुरी जी रा दर्शन करस्या
नाडोल गढ़ रा मेला में
आशापुरी जी रा दर्शन करस्या
नाडोल गढ़ रा मेला में।।

नाडोल माई बनीयो देवरो
आवे दुनिया सारी है
नाडोल माई बनीयो देवरो
आवे दुनिया सारी है
जटे बिराजे आशापुरी जी
मूरत लागे प्यारी है
जटे बिराजे आशापुरी जी
मूरत लागे प्यारी है।।

चैत्र आसोज मेलो भरीजे
दर्शन कर सुख पावे है
चैत्र आसोज मेलो भरीजे
दर्शन कर सुख पावे है
भादरवो सोवे अती प्यारो
माँ री महिमा भारी है
भादरवो सोवे अती प्यारो
माँ री महिमा भारी है।।

रंग गुलाल उडावा झीणा
आशापुरी जी रा मेला में
रंग गुलाल उडावा झीणा
आशापुरी जी रा मेला में
माताजी रा हरजश गावा
आशापुरी जी रा मेला में
माताजी रा हरजश गावा
आशापुरी जी रा मेला में।।

ढोल नगाडा बाजे वटे
आशापुरी जी रा मेला में
ढोल नगाडा बाजे वटे
आशापुरी जी रा मेला में
सांझ सवेरे होवे आरती
आशापुरी जी रा मेला में
सांझ सवेरे होवे आरती
आशापुरी जी रा मेला में।।

दास प्रकाश सदा सुख पावे
आशापुरी जी रा मेला में
दास प्रकाश सदा सुख पावे
आशापुरी जी रा मेला में
माताजी रा हरजश गावा
आशापुरी जी रा मेला में
माताजी रा हरजश गावा
आशापुरी जी रा मेला में।।

चाल भाईडा चाला आपा
नाडोल गढ़ रा मेला में
आशापुरी जी रा दर्शन करस्या
नाडोल गढ़ रा मेला में
आशापुरी जी रा दर्शन करस्या
नाडोल गढ़ रा मेला में।।


बीरा रे नाडोल नगरी चालो माताजी रा दर्शन करलो बेडो पार करेला

बीरा रे नाडोल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

बीरा रे दूर दूर सु आवे
बीरा रे दूर दूर सु आवे
मैया ने मैया ने शिश झुकावे
बेडो पार करेला
माताजी ने शिश झुकावे
बेडो पार करेला
बीरा रे नाडोंल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

बीरा रे मन्दिर बनीयो भारी
बीरा रे मन्दिर बनीयो भारी
मैया री मैया री महिमा न्यारी
बेडो पार करेला
मैया री महिमा न्यारी
बेडो पार करेला
बीरा रे नाडोंल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

बीरा रे साचे मन सु ध्यावे
बीरा रे साचे मन सु ध्यावे
वे मनवन वे मनवन चित फल पावे
बेडो पार करेला
वे मनवन चित फल पावे
बेडो पार करेला
बीरा रे नाडोंल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

बीरा रे माली प्रकाश जश गावे
बीरा रे माली प्रकाश जश गावे
माताजी माताजी पार लगावे
बेडो पार करेला
आशापुरी पार लगावे
बेडो पार करेला
बीरा रे नाडोंल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

बीरा रे नाडोल नगरी चालो
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला
माताजी रा दर्शन करलो
बेडो पार करेला।।

मैं तो देख आयो महाराज भगत आवे घणा रे घणा

मैं तो देख आयो महाराज
भगत आवे घणा रे घणा
मै तो देख आयो महाराज
भगत आवे घणा रे घणा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

अरे नाडोल माई आप बिराजो
नाडोल माई आप बिराजो
दीन दुखी रा कारज सारो
दीन दुखी रा कारज सारो
कोई गूंजे जय जयकार
भगत गावे खडा़ रे खडा़
गूंजे जय जयकार
भगत गावे खडा़ रे खडा़
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

लाल चुनडीया शिश सुहावे
लाल चुनडीया शिश सुहावे
खांडो हाथ में शोभा पावे
खांडो हाथ में शोभा पावे
नथडी झूले नाक
हीरा तो जड्या बडा रे बडा
नथडी झूले नाक
हीरा तो जड्या बडा रे बडा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

आशापुरी जी री महिमा भारी
आशापुरी जी री महिमा भारी
ध्यावे ज्याने दुनिया सारी
ध्यावे ज्याने दुनिया सारी
कोई घर घर में गुण गान
भगत गावे खडा़ रे खडा़
कोई घर घर में गुण गान
भगत गावे खडा़ रे खडा़
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

अरे भगता रा दुख दूर करावे
भगता रा दुख दूर करावे
माताजी सबरी आस पुरावे
आशापुरी जी सबरी आस पुरावे
बाजे ढोला रा ढमकार
नगाडा बाजे बडा रे बडा
बाजे ढोला रा ढमकार
नगाडा बाजे बडा रे बडा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

कलजुग मे परचा है भारी
कलजुग मे परचा है भारी
माताजी है जग उपकारी
आशापुरी जी है उपकारी
म्हाने दो भक्ति वरदान
माताजी थाने अरज करा
म्हाने दो भक्ति वरदान
माताजी थाने निवन करा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

दास प्रकाश जुगत सु गावे
दास प्रकाश जुगत सु गावे
अरे इन्द्र थाने अरज ऊजारे
इन्द्र शर्मा अरज ऊजारे
म्हाने दर्शन दीजो आय
माताजी थारे द्वार खडा़
म्हाने दर्शन दीजो आय
माताजी थारे द्वार खडा़
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।

मैं तो देख आयो महाराज
भगत आवे घणा रे घणा
मै तो देख आयो महाराज
भगत आवे घणा रे घणा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा
ज्यारो साचो है दरबार
नाडोल रा ठाट बड़ा।।


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