प्रकाश माली मारवाड़ी राजस्थानी भजन लिखित : Prakash Mali Bhajan Lyrics 5

ढोल बाजे रे माता आशापुरी जी रे धाम भजन लिरिक्स

ढोल बाजे रे माता आशापुरी जी रे धाम
आशापुरी जी रे धाम
ओ तो गाँव नाडोल रे माय
आशापुरी जी रे धाम
ओ तो गाँव नाडोल रे माय
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।

इन कलजुग में आशापुरी जी मोटो थारो नाम
इन कलजुग मे आशापुरी जी मोटो थारो नाम
अरे नाडोल नगरी माय बिराज्या
भगता रा सारो काज
नाडोल नगरी माय बिराज्या
भगता रा सारे काज
शरणे आया लाज राखजो
शरणे आया री लाज राखजो
बोले जय जयकार
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।

चौहानों री कुलदेवी माँ सबरा कष्ट मिटावे
चौहानों री कुलदेवी माँ सबरा कष्ट मिटावे
साचे मन सु जो कोई ध्यावे
मनचाहा यहाँ फल पावे
साचे मन सु जो कोई ध्यावे
मनचाहा यहाँ फल पावे
नाडोल री आशापुरी माता
नाडोल री आशापुरी माता
भर देवे भण्डार
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।

नाडोल री आशापुरी पूजा पूजा बारम्बार
नाडोल री आशापुरी पूजा पूजा बारम्बार
दिन दुनो चौगुनो
चालेला कारोबार
दिन दुनो चौगुनो
चालेला कारोबार
घिरत चूरमा रो भोग लगावा
घिरत चूरमा रो भोग लगावा
गेरी करूँ मनवार
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।

दास प्रकाश सुनावे माता चरनो मे चित लाव
दास प्रकाश सुनावे माता चरनो मे चित लाव
चरनो माई राखो माता
चरनो मे सुख पाव
चरनो माई राखो माता
चरनो मे सुख पाव
भजन सुनावे थाने मनावे
भजन सु थाने मनावे
नाडोल गढ रे माय
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।

ढोल बाजे रे माता आशापुरी जी रे धाम
आशापुरी जी रे धाम
ओ तो गाँव नाडोल रे माय
आशापुरी जी रे धाम
ओ तो गाँव नाडोल रे माय
ढोल बाजें रे माता आशापुरी जी रे धाम।।


आशापुरी आयो थारे द्वार थारी महिमा अपरम्पार लिरिक्स

थारी महिमा अपरम्पार
आशापुरी आयो थारे द्वार
थारे भगता रे बुलाया वेगा आवो माँ
ओ नवदुर्गा माँ
थारे भगता रे बुलाया वेगा आवो माँ
ओ नवदुर्गा माँ।।

घट घट री जाणो म्हारी मैया
थारा सु नही छानी
घट घट री जाणो म्हारी माता
थारा सु नही छानी
शिव शंकर ने नाच नचायो
तू बन गई भीलरानी
शिव शंकर ने नाच नचायो
तू बन गई भीलरानी
थे तो नटवर नाच नचायो
म्हारी अम्बे माँ ओ नवदुर्गा माँ।।

लंकापति की बुद्धि हरी वो
सीता रूप बनायो
लंकापति की बुद्धि हरी वो
सीता रूप बनायो
रामचंद्र के हाथो मैया
तूने युद्ध करायो
रामचंद्र के हाथों मैया
तूने युद्ध करायो
तू ने रावण वद करायो
म्हारी अम्बे माँ ओ नवदुर्गा माँ।।

कौरवो ने करी अनीति
द्रोपदी रूप बनायो
कौरवों ने करी अनीति
द्रोपदी रूप बनायो
कृष्ण चंद्र संग पाँचों पांडव
एसो चक्र चलायो
कृष्णचंद्र संग पाँचो पांडव
एसो चक्र चलायो
थेतो महाभारत करवायो
म्हारी अम्बे माँ ओ नवदुर्गा माँ।।

ब्रम्हा विष्णु महेश मैया
सब देवों ने मानी
ब्रम्हा विष्णु महेश मैया
सब देवों ने मानी
सारे जग की जननी माता
सुनले मेरी वाणी
सारे जग की जननी माता
सुनले मेरी वाणी
शरणे अर्जुन ने अब राख
म्हारी अम्बे माँ ओ नवदुर्गा माँ।।

थारी महिमा अपरम्पार
आशापुरी आयो थारे द्वार
थारे भगता रे बुलाया वेगा आवो माँ
ओ नवदुर्गा माँ
थारे भगता रे बुलाया वेगा आवो माँ
ओ नवदुर्गा माँ।।


शूरवीर भोमियाजी राजस्थानी भजन लिरिक्स

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शूरवीर भोमियाजी भजन

हे बीरा रे सिवरू देवी शारदा
मै तो निव निव लागू पाव
भोमियाजी शरणे थारी आवियो
म्हारा पूर्ण किजो काम भोमियाजी
संकट सगला ही मेट जो रे।।

हे बीरा रे ऊंचो मन्दिर देवरों है कोई
जगमग जागी ज्योत भोमियाजी रो
परचो चारों ही खूट मे थारो
नवखंड चावो है नाम भोमियाजी
दर्शन म्हाने देवजो रे।।

हे बीरा रे परचा जग में मोकला
ज्यारो काई काई करा मै बखान
भोमियाजी आंधा ने दे आँखीया
एतो लूला ने देवे पाँव शूरमा
याद करो उन वार मे रे।।

हे शूरमा गाया लाया घेरने थेतो
दिया मेणा ने मार भोम
गद गद हो गई गुजरी ज्यारो
दीनो कारज सवार भोमियाजी
गुण गावा सब आपरा रे।।

ओ भोमिया बांजन सिवरे आपने
ज्याने देवो नैना बाल शूरमा
घर बंधावो पालनो लेवो
अबला ने सम्भाल शूरमा
साचा जग रा देवता रे।।

हे बीरा रे इन कलजुग रे मायने
एतो प्रगट पूर्ण है देव भोमियाजी
निर्धन सिवरे आपने ज्याने
पल में करदे निहाल भोमियाजी
सिवरू साचा ही देव ने रे।।

ओ भोमियाजी घोडे चढेने आवजो
थे तो हाथा रे तलवार शूरमा
दुष्ट दलन थे आवजो पछे
भगता ने लिजो ऊबार भोमियाजी
मै तो सिवरू आपने रे।।

हे शूरमा मेलो भरीजे आपरो कोई
रूणगढ़ रे माय भोमियाजी
दूरा देशारा जातरी कोई
चरने शिश नवाय भोमियाजी
दुखडा सबरा मेट जो रे।।

हे भोमियाजी नोपत बाजे आपरे
कोई झालर रो झनकार देवरा मे
ढोल नगाडा बाजता रे
थारे भोपा घूमे दरबार भोमियाजी
छत्तर छाया थे राखजो।।

हे शूरमा धड़ पूजीजे गोवा गाँव में
थारो माथो रूणगढ़ माय भोमियाजी
परचा जग में मोकला थारो
घर घर गूंजे जयकार भोमियाजी
शरणे आयो री लजीया राखजो रे।।

ओ भोमियाजी ताव बिमारी दूर करो
थेतो दूर करो हर रोग भभूति
जो कोई लगावे चाव सु
जावे भूत डाकनीया दूर शूरमा
जग में परचो आपरो रे।।

ओ शूरमा दोय कर जोड्या आपने
मै तो अरज करूँ अरदास
भोमियाजी अर्जुन शरणे आवियो
मापर किजो किरपा आप
भोमियाजी गुण गावा मै आपरा रे।।


ब्रम्ह सरोवर घाट घाट पर तुलसी जोवे बाट खेतेश्वर आवोनी

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ब्रम्ह सरोवर घाट घाट पर
तुलसी जोवे बाट
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।

वैकुण्ठ धाम दाता पाट पुरावु
पाट पुरावु
मखमल रा गादी तकीया घनेरा लगावु
घनेरा लगावु
हरी हरी है घास
घास पर महल पुरायो पाट
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।

मोर पंख सु चंवर ढुलावु
चंवर ढुलावु
चरणों री सेवा स्वामी मै तो करावु
मै तो करावु
फूल बिछाया छांट
छांट मै पुरीयो भक्ति रो पाट
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।

खीर खांड रा दाता भोजन बनावु
भोजन बनावु
प्रेम भाव सु भोग लगावु
भोग लगावु
माखन मिश्री भात
भात रा ठंडा जल री माट
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।

तुलसारामजी राह निहारे
राह निहारें
ओ दास जोरावर थारे द्वार है आवे
द्वारे है आवे
मै तो जोवा बाट
बाट है महिमा अपरंपार
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।

ब्रम्ह सरोवर घाट घाट पर
तुलसी जोवे बाट
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी
खेतेश्वर आवोनी बापजी आवोनी।।


चौरासी की नींद में म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया लिरिक्स

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चौरासी की नींद में
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।

मोती था एक सीप मे
सीप समंद मे डाल दिया
मोती था एक सीप मे
सीप समंद मे डाल दिया
धिन जौहारी गुरू देवजी
ओ धिन जौहारी गुरू देवजी
मुझे धन के पल्ले दबा रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।

पता नहीं मै कौन था
आया कहाँ से क्या पता
ओ पता नहीं मै कौन था
आया कहाँ से क्या पता
अरे मेहर भयी गुरू देव की
ओ मेहर भयी गुरू देव की
मुझे काग से हंसा बना रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।

अंत समय की भूल थी
भूल मे वस्तु अनमोल थी
ओ अंंत समय की भूल थी
भूल मे वस्तु अनमोल थी
कर किरपा गुरू देव ने
ओ कर किरपा गुरू देव ने
मुझे अमृत जाम पिला रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।

नानक नाम प्रताप है
ओ पंचम चरणों का दास है
नानक नाम प्रताप है
ओ पंचम चरणों का दास है
ओ चरन कमल की ओट
ओ चरन कमल की ओट से
मुझे मस्त हीरा बना रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।

चौरासी की नींद में
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे
म्हारा सतगुरु आके जगा रे दिया
चौरासी की नींद मे।।


रूणिचा जावणा बाबा रा गुण गावना केसर तिलक लगावना जी

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रूणिचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी
कलजुग में अवतार बापजी
हिलमिल गीत सुनावना जी
कलजुग मे अवतार बापजी
हिलमिल गीत सुनावना जी।।

अरे धोरां धरती गाँव रूनीचे
आप बडा अवतारी जी
धोरां धरती गाँव रूनीचे
आप बडा अवतारी जी
अजमलजी रा लाल कहाया
जाणे दुनिया सारी जी
अजमलजी रा लाल कहाया
जाणे दुनिया सारी जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

ए मैणादे ने रामदेव जी
परचो आप दिखायो जी
ए मैणादे ने रामदेव जी
परचो आप दिखायो जी
दूध उपनतो पल में बाबा
झालो देय ढबायो जी
दूध उपनतो पल में बाबा
झालो देय ढबायो जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

अरे बिन्जारा ने परचो दीनो
मिसरी लून बनायो जी
बिन्जारा ने परचो दीनो
मिसरी लून बनायो जी
अरे बिन्जारो पाछे पछतायो
चरना शिश नमायो जी
बिन्जारो पाछे पछतायो
चरना मे शिश नमायो जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

जग में हिन्दवा पीर कहाया
निकलंक नेजाधारी जी
जग में हिन्दवा पीर कहाया
निकलंक नेजाधारी जी
केसरियो बाबो हद सोवे
लीले री असवारी जी
केसरियो बाबो हद सोवे
लीले री असवारी जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

मास भादवे मेलो लागे
भीड़ पडे भगता री जी
मास भादवे मेलो जी लागे
भीड़ पडे भगता री जी
दीन दुखी रा दुखडा मेटे
रामदेव अवतारी जी
दीन दुखी रा दुखडा मेटे
रामदेव अवतारी जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

दास अशोक सुनावे बाबा
सुनलो विनती म्हारी जी
दास अशोक सुनावे बाबा
विनती सुनलो म्हारी जी
भवसागर सु पार लगावो
एक आस है म्हारी जी
भवसागर सु पार लगावो
एक आस है म्हारी जी
रूनीचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी।।

रूणिचा जावणा बाबा रा गुण गावना
केसर तिलक लगावना जी
कलजुग में अवतार बापजी
हिलमिल गीत सुनावना जी
कलजुग मे अवतार बापजी
हिलमिल गीत सुनावना जी।।

पूनम की है रात दाता आज थाने आणो है भजन लिरिक्स

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पूनम की है रात
दाता आज थाने आणो है
ओ कोल निभानो है
पूनम की हैं रात।।

आसोतरा रे माय
दरबार थारो है
खेतेश्वर बापजी
आपरे शरणे
सब भक्त आवे है
करे है आरती
ओ ब्रह्म सरोवर पाल
ओ ब्रह्म सरोवर पाल
बनीयो धाम थारो प्यारो है
म्हाने दर्श दिखानो है
पूनम की हैं रात।।

भक्त है ध्यावे
गुण थारा ही गावे
खेतेश्वर बापजी
नाम सु थारे
सब कष्ट मिट जावे
आ लीला आपरी
ओ मुकुंद रा असवार
ओ मुकुंद रा असवार
दाता धाम थारो प्यारो है
ओ कोल निभानो है
पूनम की हैं रात।।

मास फागन रो
शिवरात्रि आयी
मेलो लागे बापजी
जातरू आवे
ले आस मनडा मे
शरण में आपरी
जातरू आवे
ले आस मनडा मे
शरण में आपरी
ओ भगत रो हर काम
भगत रो हर काम
दाता पार लगानो है
ओ कोल निभानो है
पूनम की हैं रात।।

कष्ट हर लिजो
अरदास सुन लिजो
करां मै विनती
आसरो दीजो
सेवा मे रख लिजो
गावा मै किरती
ओ चरना मे थारे
चरना मे थारे
म्हाने आज बिछ जाणो है
म्हाने दर्श दिखानो है
पूनम की है रात।।

पूनम की है रात
दाता आज थाने आणो है
ओ कोल निभानो है
पूनम की हैं रात।।


खेत सिंह खेतेश्वर बन गया सत री राह बतावे

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खेत सिंह खेतेश्वर बन गया

दोहा – खेतेश्वर री महिमा गावु
चित मे ध्यान लगाय
ब्रह्म रो अवतार लियो
दाता गाँव खेड़ा रे माय।

खेत सिंह खेतेश्वर बन गया
ओ खेत सिह खेतेश्वर बन गया
सत री राह बतावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

मारवाड जालोर जिला मे
खेड़ा गाँव हद सोवे
कोयल मोर पपैया बोले
मधुरा गीत सुनावे
शेर सिंहजी रे आंगनीये मे
सिनघारी हुलरावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

अरे खेड़ा सु अब चाल्या शेर जी
गाँव सराणा आवे
खेत सिंह ओर भोम सिंहजी
खेत में काम करावे
बालपना मे हरि धुन लागी
हरि भजनो मे जावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

अरे बेल छोड़ खेतो मे दाता
हरि भजनो मे जावे
साईं बाबा री वेरी माते
झूम झूम ने गावे
अरे गाँव गोलीये करी सगाई
बहन दीनी बनाय जी
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

गुरू गणेशा नंदजी मिलीया
भक्ति री राह बतावे
कुटम कबीलों छोड्या दाता
भाव मगन हो जावे
हरि नाम री रटना लागी
हरख निरख गुण गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

अरे जन जन ने अब पाठ पढावे
गाँव गाँव में जावे
अरे पर उपकार री देह भावना
साची राह बतावे
पुरोहित समाज में एको किनो
जाजम एक बिठावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

अरे ब्रम्हाजी रे मन्दिर री
दाता रे मन में आवे
अरे ब्रह्म समाज सु चंदो लेवन
नगर नगर मे जावे
अरे ब्रम्हाजी रो मन्दिर बनीयो
दाता खुशी मनावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

अरे तुलसारामजी ने पाट बैठाया
चिलम हाथ सु पावे
ब्रम्हाजी रे प्रतिष्ठा रो
सारो काम बतावे
अरे ब्रम्हाजी री करी प्रतिष्ठा
आप स्वर्ग में जावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

स्वर्ग लोक में भयो उजालो
केसर मेघ बरसावे
अरे दुदेलो प्रकाश बापजी
आशीर्वाद दिरावे
अरे दीपो चरना मे सुख पावे
प्रकाश माली सुनावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।

खेत सिह खेतेश्वर बन गया
ओ खेत सिह खेतेश्वर बन गया
सत री राह बतावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे
गावे जी गावे संतो री महिमा गावे।।


रूप नाथजी भक्ति कमाई ओ मारवाड के माय लिरिक्स

रूप नाथजी भक्ति कमाई
ओ मारवाड के माय।

दोहा – रूप नाथजी री साची महिमा
मै सबने सुनाऊँ आज
जुना जुगा तपीयोडी धरती
आतो करमावास के माय।

रूप नाथजी भक्ति कमाई
ओ मारवाड के माय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय
मारवाड के माय नाथजी
करमावास के माय
मारवाड के माय नाथजी
करमावास के माय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

राठौड़ कुल मे जामो पायो
झरनोजी महाराज
राठौड़ कुल मे जामो पायो
झरनोजी महाराज
धर्म धुरी ने धार पाप को
कियो है विनाश
धर्म धुरी ने धार पाप को
कियो है विनाश
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

गोरख नाथजी रो नाथ संप्रदाय
गुरू शरण मे आय
गोरख नाथजी रो नाथ संप्रदाय
गुरू शरण में आय
रूप नाथ घर आदेश दीनो
धर्म को काम कराय
रूप नाथ घर आदेश दीनो
धर्म को काम कराय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

गाया ओर ग्वाला रे बापजी
हाज़िर ऊबा आप
गाया ओर ग्वाला रे बापजी
हाज़िर ऊबा आप
जद जद संकट पडियो भगत पर
जद जद संकट पडियो भगत पर
परचा दीना आप
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

करमावास पट्टा मे आया
धूनो दीया धुकाय
करमावास पट्टा मे आया
धूनो दीया धुकाय
अरे जूना जुगा रो तपीयो धूनो
जूना जुगा रो तपीयो धूनो
ओतो आडावल रे माय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

रूप नाथजी सेवा मंडल
जागन दीनी जगाय
रूप नाथजी सेवा मंडल
जागन दीनी जगाय
प्रकाश माली भजन सुनावे
प्रकाश माली भजन सुनावे
राखो सिर पर हाथ
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

रूप नाथजी भक्ति कमाई
ओ मारवाड के माय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय
मारवाड के माय नाथजी
करमावास के माय
मारवाड के माय नाथजी
करमावास के माय
रूप नाथजी भक्ति कमाईं
ओ मारवाड के माय।।

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जिस भजन में राम का नाम ना हो jis bhajan me ram ka naam na ho us bhajan ko gana na chahiye