प्रकाश माली मारवाड़ी राजस्थानी भजन लिखित : Prakash Mali Bhajan Lyrics 8
काया नगर रे ओले डोले ज्ञान पपैया बोले भजन लिरिक्स

काया नगर रे ओले डोले
ज्ञान पपैया बोले
अरे काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले
अरे प्रेम पपैया बोले रे
ए ज्ञान पपैया बोले रे
हा ज्ञान पपैया बोले रे।।
अरे गगन मंडल में नदियाँ बेवे
मेला कपडा धोवे रे
अरे गगन मंडल में नदियाँ बेवे
मेला कपडा धोवे रे
बिन साबुन थारो मेल उतरसी
बिन साबुन थारो मेल उतरसी
त्रिवेणी रो काई रेवे रे
हा काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले रे।।
अरे कागज़ री एक जहाज बनायी
समंदर बीच मे तिराई रे
अरे कागज री एक जहाज़ बनायी
समंदर माय तिराई रे
अरे धर्मी होतो तीर जावेे
धर्मी होतो तीर जावे
पापी जग जग बोय रे
हा काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले रे।।
अरे ज्ञान गाठडी पडी चौक में
आंधा मूर्ख डोले रे
अरे ज्ञान गाठडी पडी चौक में
आंधा मूर्ख डोले रे
अरे सतगुरु वेतो खोल बतावे
सतगुरु वेतो खोल बतावे
बिना गुरू कुण खोले रे
हा काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले रे।।
अरे सतगुरु म्हारा अंतरयामी
वारा दर्शन करले रे
अरे सतगुरु म्हारा अंतरयामी
वारा दर्शन करले रे
अरे मीरा कहे प्रभु गिरधर नागर
मीरा कहे प्रभु गिरधर नागर
अरे हरि कृपा सुख होवे रे
हा काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले रे।।
काया नगर रे ओले डोले
ज्ञान पपैया बोले
अरे काया नगर रे ओलें डोले
ज्ञान पपैया बोले
अरे प्रेम पपैया बोले रे
ए ज्ञान पपैया बोले रे
हा ज्ञान पपैया बोले रे।।
जसोलगढ़ में धाम आपरो थारी जय हो भटीयाणी माँ मै वारी जाऊ

जसोलगढ़ में धाम आपरो
जसोल गढ मे धाम थारो
थारी जय हो भटीयाणी माँ
मै वारी जाऊ माजीसा
थारी जय हो भटीयाणी माँ
मै वारी जाऊ माजीसा।।
भाटी कुल मे उपन्या माँ
भाटी कुल मे उपन्या माँ
थे जोगीदा घर माय
मै वारी जाऊ माजीसा
थे जोगीदा घर माय
मै वारी जाऊ माजीसा।।
रूप स्वरूप थारो नाम स्वरूपा
रूप स्वरुप थारो नाम स्वरूपा
माँ भटीयाणी कहलाय
मै वारी जाऊ माजीसा
माँ भटीयाणी कहलाय
मै वारी जाऊ माजीसा।।
जसोल गढ मे धाम थारो माँ
जसोल गढ मे धाम थारो माँ
ज्यारी शोभा अपरमपार
मै वारी जाऊ माजीसा
ज्यारी शोभा अपरमपार
मै वारी जाऊ माजीसा।।
चम चम चमके चुनडी माँ
चम चम चमके चुनडी माँ
थारे टिलडी सोहे भाल
मै वारी जाऊ माजीसा
थारे टिलडी सोहे भाल
मै वारी जाऊ माजीसा।।
दूर देशारा आवे जातरी माँ
दूर देशारा आवे जातरी माँ
थारा दर्शन कर सुख पाय
मै वारी जाऊ माजीसा
थारा दर्शन कर सुख पाय
मै वारी जाऊ माजीसा।।
मिन्दर बनीयो मोवनो माँ
मिन्दर बनीयो मोवनो माँ
थारी ध्वजा फरूके असमान
मै वारी जाऊ माजीसा
थारी ध्वजा फरूके असमान
मै वारी जाऊ माजीसा।।
जसोलगढ़ में धाम आपरो
जसोल गढ मे धाम थारो
थारी जय हो भटीयाणी माँ
मै वारी जाऊ माजीसा
थारी जय हो भटीयाणी माँ
मै वारी जाऊ माजीसा।।
चालो म्हारी रेल भवानी ओ संतो रे हालो देश लिरिक्स

चालो म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।
दोहा – संत मिल्या इतना टले
काल जाल जमजोट
शिश निवाया गिर पडे
लख पापो री ओट।
चालो म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश
संतो रे हालो देश
ओ भगतो रे चालो देश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
सतगुरु खोली बारी
आ हुई टिकट की तैयारी ओ
सतगुरु खोली बारी
आ हुई टिकट की तैयारी
बैठ चलो नर नारी ओ
सिवरो देव गणेश
बैठ चलो नर नारी ओ
सिवरो देव गणेश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
सतगुरु बन गया टी टी
आतो गार्ड बजाई सीटी ओ
सतगुरु बन गया टी टी
आतो गार्ड बजाई सीटी ओ
आ दुनिया हो गई पीटी रे
भूला फिरे रे नरेश
आ दुनिया हो गई पीटी रे
भूला फिरे रे नरेश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
हरियल झंडी हाली आतो
डाकडगमग चाली ओ
हरियल झंडी हाली आतो
डाकडगमग चाली ओ
दस बीस कोस मे हाली ओ
कट जावे कर्म क्लेश
दस बीस कोस मे हाली ओ
कट जावे कर्म क्लेश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
सुखीराम उदासी
गढ अमरापुर रो वासी ओ
सुखीराम उदासी
गढ अमरापुर रो वासी
थारो फेर जनम नही आसी
ओ साचा लिया उपदेश
थारो फेर जनम नही आसी
ओ साचा लिया उपदेश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश
संतो रे हालो देश
ओ भगतो रे चालो देश
चालों म्हारी रेल भवानी ओ
संतो रे हालो देश।।
भेरू भदेश्वर काला गोरा आसरो थारो है भेरू नखरालो है

भेरू भदेश्वर काला गोरा
करे सकल सिद्ध काज
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
अरे काला गोरा भेरू बाबा
लागो मतवाला बाबा
लागो मतवाला
भगता ने लागो बाबा दीनदयाला
दीनदयाला भेरूजी दीनदयाला
समुख है हनुमान बिराजे
मिन्दर मे हिंगलाज
समुख है हनुमान बिराजे
मिन्दर मे हिंगलाज
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
कालो कालो महाकालो
लागे विकरालो लागे विकरालो
भेरू लागे विकरालो
गोराजी को रूप निरालो
बजरकरालो भेरू बजरकरालो
गौ ब्राह्मण सरताज
गौ ब्राह्मण सरताज
सदा भगता की राखे लाज
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
ओ हर नवराता बाबा मेलो भरावे
मेलो भरावे बाबा मेलो भरावे
नर नारी खेले गरबा
खुशीयां मनावे खुशीयां मनावे
देखो खुशीयां मनावे
आवे जडुला जात
जगावे जागन सारी रात
आवे जडुला जात
जगावे जागन सारी रात
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
अरे नानु पंडित बाबा
शरनतिहारी शरनतिहारी
भेरूजी शरनतिहारी
गावे प्रकाश बाबा महिमा निराली
महिमा निराली बाबा महिमा निराली
मुकेश जोडे हाथ सदा
मुकेश जोडे हाथ सदा
सदा रहना भगतो के साथ
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
भेरू भदेश्वर काला गोरा
करे सकल सिद्ध काज
आसरो थारो है भेरू नखरालो है
आसरो थारो है भेरू नखरालो है।।
जय जय जालन्धर नाथ आपने बार बार बलिहारी

जय जय जालन्धर नाथ आपने
बार बार बलिहारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
कनकाचल पर्वत मन्दिर थारो
शोभा जग सु न्यारी
कनकाचल पर्वत मन्दिर थारो
शोभा जग सु न्यारी
दर्शन करवा ने दूर दूर सु
आवे नर और नारी
आवे नर और नारी
सारी विपदा मेटो पल में
आप बड़ा उपकारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
जालन्धर नगरी जन्म लियो
बंगाल तपस्या किनी
जालन्धर नगरी जन्म लियो
बंगाल तपस्या किनी
जालोर नगरी धरती पावन
जिन पर कृपा कर दीनी
जिन पर कृपा कर दीनी
त्यागी मोह माया दुनिया री
कहलाया थे ब्रम्हचारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
सिरे मिन्दर री भंवर गुफा मे
शिव रो ध्यान लगायो
सिरे मिन्दर री भंवर गुफा मे
शिव रो ध्यान लगायो
योगी कहलाया जालन्धर और
आप अमर पद पायो
आप अमर पद पायो
घर घर में गूंजे नाम आपरो
साचा थे तपधारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
योगी जालन्धर आपने
दास अशोक सुनावे
योगी जालन्धर आपने
दास अशोक सुनावे
भगता रा दुखडा दूर करो
चरना मे शिश निवावे
चरना मे शिश निवावे है
ओर नही आस जगत मे
आयो शरनतिहारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
जय जय जालन्धर नाथ आपने
बार बार बलिहारी
महिमा है जग में भारी
महिमा है जग में भारी।।
ढोला रा बाजे ढमकार सिरे मिन्दर चालो रे

ढोला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे
लागो गुरू रो दरबार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
भंवर गुफा री महिमा भारी
भंवर गुफा री महिमा भारी
जटे तपीया योगी तपधारी
जान है सब संसार
सिरे मिन्दर चालो रे
जाने है सब संसार
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
रत्नेश्वर महादेव है प्यारो
रत्नेश्वर महादेव है प्यारो
तीन लोक में सबसु न्यारो
तीन लोक में सबसु न्यारो
जटे बिराजे भोलेनाथ
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
चन्दन कुण्ड रो निर्मल पानी
चन्दन कुण्ड रो निर्मल पानी
जिनसु कटे सब रोग बिमारी
जिनसु कटे सब रोग बिमारी
महिमा है अपरम्पार
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
गुरू अखंड झूके हद भारी
गुरू अखंड झूके हद भारी
निवन करे नित नर और नारी
निवन करे नित नर और नारी
भगता रो होवे उद्धार
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
गुरू पूनम ने मेलो लागे
गुरू पूनम ने मेलो लागे
भीड़ घणी भगता री लागे
भीड़ घणी भगता री लागे
गूंजे है जय जयकार
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
दास अशोक जुगत सु गावे
दास अशोक जुगत सु गावे
सिरे मिन्दर री महिमा सुनावे
सिरे मिन्दर री महिमा सुनावे
हो जावा भवसु पार
सिरे मिन्दर चालो रे
ढोंला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
ढोला रा बाजे ढमकार
सिरे मिन्दर चालो रे
लागो गुरू रो दरबार
सिरे मिन्दर चालो रे।।
थे मोटा दातार रामदेव सारो जग बिख्यारी हैं रामदेवजी भजन
थे मोटा दातार रामदेवसारो जग बिख्यारी हैं
हाथ जोडकर धणीया थाने
चरना अरज ऊजारी है
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
अजमलजी रा कंवर लाडला
मैणादे माँ थारी है
रूनीचे रा रामदेवजी
विष्णु रा अवतारी है
अजमलजी रा कंवर लाडला
मैणादे माँ थारी है
रूनीचे रा रामदेवजी
विष्णु रा अवतारी है
अजमलजी ने वचन दिरायो
कुंकुम पगल्या आया है
मैणादे ने परचो दीनो
उपनीयो दूध ढबायो है
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
दरजी ने परचो दिखलायो
जाने दुनिया सारी है
घोड़ा ने आकाश उडायो
बाबो लीला धारी है
दरजी ने परचो दिखलायो
जाने दुनिया सारी है
घोड़ा ने आकाश उडायो
बाबो लीला धारी है
भेरूडा राक्षस ने बाबो
पाताला मे दबायो
दुष्टी ने पछाड बाबो
रूनीचो है बसायो
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
समंदरीया मे बोयता री
बाबो जहाज़ ऊबारी है
बिन्जारा री मिसरी ने बाबो
पल में करदी खारी है
समंदरीया मे बोयता री
बाबो जहाज़ ऊबारी है
बिन्जारा री मिसरी ने बाबो
पल में करदी खारी है
सुगना रा भानु ने बाबो
जीवन दान दिरायो है
पीरा ने परचो दिखला कर
हिन्दुवा पीर कहायो है
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
जात पात रो भेद मिटायो
निकलंक नेजाधारी है
भगता री रूनीचा वालो
मेटे कष्ट बिमारी है
जात पात रो भेद मिटायो
निकलंक नेजाधारी है
भगता री रूनीचा वालो
मेटे कष्ट बिमारी है
कैलाश दान पर किरपा करदे
एकर दर्शन दिखलादे
सब भगता री खाली झोली
अलख धणी तू भरवादे
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
थे मोटा दातार रामदेव
सारो जग बिख्यारी हैं
हाथ जोडकर धणीया थाने
चरना अरज ऊजारी है
जय हो बाबा जय हो बाबा
जय हो रामा धणी
म्हारी आस पूरा दे
बाबा म्हारी भी आस पूरा दे।।
पेड़ पकडने चढ म्हारा बीरा रे भजन लिरिक्स
पेड़ पकडने चढ म्हारा बीरा ओपेड पकडने चढ म्हारा बीरा ओ
जमको ने तू मती झेले ए
सत्य वचन री डोर पकड़ ले
सत्य वचन री डोर पकड़ ले
अदर सिंहासन मेले ओ
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए
ओ थाने मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए।।
कोयल वाणी बोल म्हारा बीरा रे
कोयल वाणी बोल म्हारा बीरा रे
कागा री बोली ने हेठी मेळे ए
कोयल जाय बागो रे माई बोले
कोयल जाय बागो रे माई बोले
कागो तो घर घर डोले ओ
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए
ओ थाने मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए।।
अरे हंसा री चाल चाल म्हारा बीरा रे
हंसा री चाल चाल म्हारा बीरा रे
बुगला री चाली हेठी मेळे
हंसो तो जाय चुगे निज मोती
हंसो तो जाय चुगे निज मोती
बुगलो तो माछली ने झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए
ओ थाने मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए।।
सिमरत म्हाने पूरा मिलीया
सिमरत म्हाने पूरा मिलीया
प्रेम प्यालो वो पिले
मंगलो तो सतगुरु जी रे शरणे
मंगलो तो सतगुरु जी रे शरणे
अमरापुर मे डोले ओ
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए
ओ थाने मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए।।
पेड़ पकडने चढ म्हारा बीरा ओ
पेड पकडने चढ म्हारा बीरा ओ
जमको ने तू मती झेले ए
सत्य वचन री डोर पकड़ ले
सत्य वचन री डोर पकड़ ले
अदर सिंहासन मेले ओ
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए
ओ थाने मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई मार्ग में कोई नहीं झेले रे
साधु भई चलीयो आवेनी गेले गेले ए।।
आन बान मर्यादा राखन जीवन बनगो जंग रे

आन बान मर्यादा राखन
जीवन बनगो जंग रे
आन बान मर्यादा राखन
जीवन बनगो जंग रे
सांगा के सौ घाव शरीरा
आभूषण ज्यु अंग रे
हाथ कट्यो कद पाव कट्यो कद
आँख काट दी संग रे
पाछा पाव धरीया नी सांगा
भिड्या बण भुजंग रे
धिन धिन है थाने धणीया
बिण बिण थे भाला अणीया
पृथ्वी पर राखीयो पिछान रे
जय महावीर मेवाड़ धरा महाराणा।।
दोहा – सांगा के संग समर में
लडीया वीर अपार
सूरज डूबीयो सुहाग को
भयो पन्ना जग अन्धीयार।
पन्ना सुन पागल जिया
पडी रे खाय पछाड
स्वामी स्वर्ग सिधावीया
मरीया हित मेवाड।
पंच तत्व रो पुतलों
आयो देश रे काम
चन्दन उदय हिये चिपके
पन्ना लियो रे कालजे थाम।
कदे बयाणा खानवा मे
झूंझे अट्ठाईस जंग
मर मिटीया मेवाड़ हित
थाने रंग रंग सांगा रंग।
सांगा स्वर्ग सिधावीया
राणा रतन रो राज
राजगदी री राड मे
होवन लाग्या अकाम।
रतन सिंह बूंदी गया
ने खेलन शूरा शिकार
हाडा सूरज रतन रे
छावे मना विकार।
मल्लयुद्ध के मायने
दोनो आवे काम
बूंदी ओर मेवाड़ मे
भई अन्धेरी शाम।
भूप विक्रमदत भयो
महामूर्ख महाराण
दुखी भया मेवाड़ जन
मिटीयो राज सम्मान।
बहादुरशाह फिर से कियो
गढ चितौड़ पे वार
अणचितिया युद्ध मायने
मचीयो हा हाकार।
हे रहतो निशदिन घात लगाय
बहादुरशाह बेरी बहादुरशाह बेरी
हे सांगा बिन सूनो मेवाड़
चितौड़ ने घेरी
ए लडे बहादुरशाह सू जंग
कर्मवती रानी हाडी महारानी
हे सज धज मर्दानो वेश बढे क्षत्राणी
सज धज मर्दानो वेश बढे क्षत्राणी।।
हे भिडिया एक एक वीर मेवाड़
कट्या तिल तिल कट्या तिल तिल रे
हे हाडी संग जौहार मे
कुदगी रानीया मिलने
हे मन में बहादुरशाह पछताया
जौहर देख जलतो जौहर देख जलतो
हुई जीत के भी आज हार
गयो हाथ मलतो
हुई जीत के भी आज हार
गयो हाथ मलतो।।
ए आयी तपते मझ दोपार पन्ना की माता

ए आयी तपते मझ दोपार
पन्ना की माता पन्ना की माता
करे गुजरी गढ के द्वार
अरज अन्नदाता
ए राणा उठीया जठ संग्राम
बाई ने बुलावो बाई ने बुलावो
जावो सैनिक आदर साथ
भवन में बुलावो
जावो सैनिक आदर साथ
भवन में बुलावो।।
ए आयी गुजरी महल रे माय
अरज करे दाता अरज करे दाता
आवे सेना ले सुल्तान
मार्ग में गुजरता
ए ज्यारा भेदीया ले रया भेद
सुणी मे बाता सुणी मे बाता
करसी सुतोडा पर वार
बहादुरशाह राता
करसी सुतोडा पर वार
बहादुरशाह राता।।
ए राणा किणो जठ ऐलान
फौज ने सजाई रे फौज ने सजाई
सांगा सज धज होया तैयार
मोर्चा पाई
ए दिनी तुर्क फौज ने काट
युद्ध रे माय युद्ध रे माय
ए भाग्यो बहादुरशाह ले प्राण
हार जंग माई
ए भाग्यो बहादुरशाह ले प्राण
हार जंग के माई।।
ए बाबर आयो बयाना पास
राणा रा नैन राता रे राणा रा नैन राता
ए सांगा चढीया दल बल साथ
जावण उतरादा
ए सांगा पन्ना ने बुलवाय
उदय देवे हाथा उदय देवे हाथा
ए पन्ना देश धरोहर जाण
निभा लिजो नाता
ए पन्ना देश धरोहर जाण
निभा लिजो नाता
ए पन्ना संग मे चन्दन पूत
उदय ओर आयो उदयसिंह आयो
पन्ना हिवडे ले लिपटाय
जाण निज जायो
ए सांगा लडत खानवा जंग
बाबर आगे दिलीपत आगे
ए बीते कई कई महिना साल
बढन दे नी आगे
ए बीते कई कई महिना साल
बढन दे नी आगे।।
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