संजय मित्तल भजन लिरिक्स लिखित : Sanjay Mittal Bhajan Lyrics 3
दर्श तेरे जो पाए तो कुछ हिम्मत हुई है : Darsh Tere Jo Paye To Kuch Himmat Hui Hai

दर्श तेरे जो पाए
तो कुछ हिम्मत हुई है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
सुना कलिकाल में तो
बनोगे तुम सहारा
करोगे रक्षा उसकी
तुम्हे जिसने पुकारा
सदा अब दे तो कैसे
समझ आती नही है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
समझ पाओ तो समझो
दुखी दर्दी की बातें
हुआ है चाक सीना
लगी घातों पे घाते
दिखाए तुमको कैसे
नजर आती नही है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
मेरी नादानियो को
कन्हैया माफ करना
मैं नैया तू खिवैया
सोच इंसाफ करना
सताए हमको ऐसे
लाज आती नही है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
टपकते आसुंओं से
सुनो मेरी कहानी
उबारो श्याम मेरे
कौन तुमसा है दानी
‘नंदू’ पीड़ा ह्रदय से
सही जाती नही है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
दर्श तेरे जो पाए
तो कुछ हिम्मत हुई है
बताए कैसे तुझको
जुबां खुलती नही है।।
तुम्हारी कृपा जो मिली सांवरे : Tumhari Kripa Jo Mili Sanware

तुम्हारी कृपा जो मिली सांवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं
काबिल नहीं थे तेरे दर के हम
तुम जो मिले मंजिलें मिल गई
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
सोचा नहीं था मिला वो भी ऐसे
देता हो बेटे को बाबुल के जैसे
किस्मत से ज्यादा भरोसा तेरा
मांगे बिना हर खुशी मिल रही
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
जीवन के पथ पे अकेला नहीं हूँ
टूटा हूँ बिखरा हूँ हारा नहीं हूँ
साथी हमारा है बस एक तू ही
नैया को मेरी जमीं मिल गई
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
हस्ती हमारी तो कुछ भी नहीं थी
हमें देख दुनिया नजर फेरती थी
वही आज सबसे है ये कह रहे
तेरे प्रेमियों में जगह मिल गई
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
अगर मिलते हो तुम जो हारे हुओं को
दीनों को दुखियों को सताए हुओं को
रहने दो हारा ‘मनीष’ को भी तुम
इस हार में जीत ही मिल गई
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
तुम्हारी कृपा जो मिली सांवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं
काबिल नहीं थे तेरे दर के हम
तुम जो मिले मंजिलें मिल गई
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
काई जाल बिछायो श्याम जो देख्यो फंसतो जावे है : Kai Jaal Bichayo Shyam

काई जाल बिछायो श्याम
जो देख्यो फंसतो जावे है
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
तू उतनो कसतो जावे है।।
चौखट पे आवे
आँसू बहावे
कोई थाने पुकारे
आँधा ने आंख्या
मिल जावे जइयाँ
इक टक वो थाने निहारे
बैठ्यो-बैठ्यो दातार
बैठ्यो-बैठ्यो दातार
तू सिर पे हाथ फिरावे है
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
तू उतनो कसतो जावे है।।
मांग्या बिना ही
मिल जावे नफ़रत
ऐसी दुनिया सारी
प्यार लुटाने
की श्याम आदत
थारी है बस थारी
दिल से दिल को रिश्तो
दिल से दिल को रिश्तो
तू ही दिलदार निभावे है
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
तू उतनो कसतो जावे है।।
दिल का कदम मैं
श्याम मुरारी
थारी ओर बढ़ाऊँ
“श्याम बहादुर”
“शिव” है पुजारी
दिल में थारे समाऊँ
थारे दिल को बाबा श्याम
थारे दिल को बाबा श्याम
‘कपिल’ इब रस्तो चाहवे है
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
तू उतनो कसतो जावे है।।
काई जाल बिछायो श्याम
जो देख्यो फंसतो जावे है
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
मैं जितनो छुड़ायो हाथ
तू उतनो कसतो जावे है।।
अपनाया है कितनो को मुझको अपनाना : Apnaya Hai Kitno Ko Lyrics

अपनाया है कितनो को
मुझको अपनाना
कहलाऊं मैं भी प्रभु
तेरा दीवाना।।
जन्मों जनम का बाबा
नाता हो तेरा मेरा
बेगानों के शहर में
है मेरा पर बसेरा
कैसे निभेगी अपनी
कोई जोग तू बिठाना
अपनाया हैं कितनों को
मुझको अपनाना।।
मैं जानता हूँ मेरी
ख्वाहिश बहुत बड़ी है
छूटेगी कैसे संग जो
पापों की भी लड़ी है
संभव तभी अगर हो
तेरा इसे भूलाना
अपनाया हैं कितनों को
मुझको अपनाना।।
अपनाया है कितनो को
मुझको अपनाना
कहलाऊं मैं भी प्रभु
तेरा दीवाना।।
म्हारे घर के द्वारे पे लिख्यो थारो नाम है : Mhare Ghar Ke Dware Pe Likhyo Tharo Naam Hai

म्हारे घर के द्वारे पे
लिख्यो थारो नाम है
हारे को सहारो तू ही
म्हारी पहचाण है।।
गाँव गलीडा माई
सबने ख़बर है
थारी दया की रोटी
खावे म्हारो घर है
म्हारे घर का टाबरिया भी
लेवे थारो नाम है
हारे को सहारो तू ही
म्हारी पहचाण है।।
खुशियाँ का आँगणा में
म्हाने तू खिलायो है
लायक़ नहीं चरणा के
सिर पे बिठायो है
थारे नाम की किरपा से
बणे सारा काम है
हारे को सहारो तू ही
म्हारी पहचाण है।।
माता पिता भी बाबा
थारा गुण गावे है
थारी झलक दिखजावे
जद मुस्कावे है
‘कपिल’ को यो जीवन बाबा
थारो एहसान है
हारे को सहारो तू ही
म्हारी पहचाण है।।
म्हारे घर के द्वारे पे
लिख्यो थारो नाम है
हारे को सहारो तू ही
म्हारी पहचाण है।।
छोड़ा जो तूने बाबा मेरे पास क्या बचेगा : Chhoda Jo Tune Baba Mere Paas Kya Bachega

छोड़ा जो तूने बाबा
मेरे पास क्या बचेगा
मेरे पास क्या बचेगा।।
तेरे भरोसे सारे
ठुकरा दिए सहारे
फिर भी ये पूछते हो
तुम कौन हो हमारे
जो बात अब ये बिगड़ी
जो बात अब ये बिगड़ी
सारा जहां हंसेगा
सारा जहाँ हंसेगा
छोडा जो तुने बाबा
मेरे पास क्या बचेगा
मेरे पास क्या बचेगा।।
मुझको ना रास आए
दुनिया का ये झमेला
आएंगे सब सताने
मुझे जानकर अकेला
कैसे जीयूंगा सर से
कैसे जीयूंगा सर से
तेरा हाथ जो हटेगा
तेरा हाथ जो हटेगा
छोडा जो तुने बाबा
मेरे पास क्या बचेगा
मेरे पास क्या बचेगा।।
माना ‘सचिन’ की धन से
न जेब ये भरी है
तेरे नाम की ही दौलत
मेरे पास में खरी है
जो छिन गई गुजारा
जो छिन गई गुजारा
कैसे मेरा चलेगा
कैसे मेरा चलेगा
छोडा जो तुने बाबा
मेरे पास क्या बचेगा
मेरे पास क्या बचेगा।।
छोड़ा जो तूने बाबा
मेरे पास क्या बचेगा
मेरे पास क्या बचेगा।।
हम भीड़ नहीं है बाबा हम दीवाने है तुम्हारे : Hum Bhid Nahi Hai Baba

हम भीड़ नहीं है बाबा
हम दीवाने है तुम्हारे
तुम खाटू से भी ज़्यादा
दिल में रहते हो हमारे।।
हमने नहीं देखे बाबा
अपने कैसे होते थे
कैसी होती थी खुशियाँ
सपने कैसे होते थे
खुशियाँ सपने और अपने
दूजे है नाम तुम्हारे
तुम खाटू से भी ज़्यादा
दिल में रहते हो हमारे।।
महफूज हुए हम बाबा
जीवन में तुमको पाकर
थामा है तुमने हमको
दुखड़ो से भी पहले आकर
जब जब भी हम रोए है
छलके है आँसू तुम्हारे
तुम खाटू से भी ज़्यादा
दिल में रहते हो हमारे।।
जैसे मछली बिन पानी
तड़पे है श्याम मुरारी
वैसे ही ‘कपिल’ को बाबा
चाहत है एक तुम्हारी
दिल ही खाटू है हमारा
और तुम धड़कन हो प्यारे
तुम खाटू से भी ज़्यादा
दिल में रहते हो हमारे।।
हम भीड़ नहीं है बाबा
हम दीवाने है तुम्हारे
तुम खाटू से भी ज़्यादा
दिल में रहते हो हमारे।।
जब जब मेरे दरवाजे पर दस्तक दी है दुखों ने : Jab Jab Mere Darwaje Par Dastak Di Hai Dukho Ne

जब जब मेरे दरवाजे पर
दस्तक दी है दुखों ने
श्याम ने देखा एक नजर और
श्याम ने देखा एक नजर और
बिखर गए वो टुकड़ो में।।
दुःख बोला अंदर आऊंगा
आया समय अब मेरा है
श्याम ने बोला लौट जा वापस
अंदर बच्चा मेरा है
भीतर जा पाएगा तू ये
भीतर जा पाएगा तू ये
सोचना भी ना सपनों में
जब जब मेरें दरवाजे पे
दस्तक दी है दुखों ने।।
श्याम भजन है सांसे मेरी
श्याम नाम ही ढाल मेरा
मैं खुद की क्यों परवाह करू जब
रखता है ये खयाल मेरा
श्याम भरोसे ‘कमल’ जो जीते
श्याम भरोसे ‘कमल’ जो जीते
रहती हंसी उन मुखड़ों पे
जब जब मेरें दरवाजे पे
दस्तक दी है दुखों ने।।
जब जब मेरे दरवाजे पर
दस्तक दी है दुखों ने
श्याम ने देखा एक नजर और
श्याम ने देखा एक नजर और
बिखर गए वो टुकड़ो में।।
जब बाबा बैठा है क्या चिंता है प्यारे : Jab Baba Baitha Hai Kya Chinta Hai Pyare

जब बाबा बैठा है
क्या चिंता है प्यारे
हारा है तू लेकिन
मेरे श्याम नहीं हारे।।
माना तेरे सर पर तो
दुखो का समंदर है
घनघोर अंधेरा है
पग पग पे बवंडर है
ये मोरछड़ी लेकर
हर संकट को टारे
जब बाबा बैठा हैं
क्या चिंता है प्यारे।।
रिश्ता तू बना इनसे
रिश्ता ना ये तोड़ेंगे
सारी दुनिया भले छोड़े
तुझे श्याम ना छोडेंगे
अपने प्रेमी को श्याम
कभी ठोकर ना मारे
जब बाबा बैठा हैं
क्या चिंता है प्यारे।।
तुझसे भी हारे का
बने श्याम सहारा है
तू तो अभी डूबा नही
डूबे को भी तारा है
क्या चिंता है “गोपाल”
करते वारे न्यारे
जब बाबा बैठा हैं
क्या चिंता है प्यारे।।
जब बाबा बैठा है
क्या चिंता है प्यारे
हारा है तू लेकिन
मेरे श्याम नहीं हारे।।
हाथों का ताज सिर पे सजा दो कन्हैया : Haathon Ka Taj Sir Pe Saja Do Kanhaiya

हाथों का ताज सिर पे
सजा दो कन्हैया
नज़र अपनी मुझको
नज़र अपनी मुझको
लगा दो कन्हैया
हाथो का ताज सर पे
सजा दो कन्हैया।।
कांच जो टूटे तो
जुड़ नहीं पाता
सुनता हूँ फूटी किस्मत
तू ही बनाता
किस्मत मेरी भी
बना दो कन्हैया
हाथो का ताज सर पे
सजा दो कन्हैया।।
मेरा अब ये जीवन
है तेरे भरोसे
छोड़ ना देना मुझको
जग के भरोसे
भरोसा ‘कपिल’ का
बढ़ा दो कन्हैया
हाथो का ताज सर पे
सजा दो कन्हैया।।
हाथों का ताज सिर पे
सजा दो कन्हैया
नज़र अपनी मुझको
नज़र अपनी मुझको
लगा दो कन्हैया
हाथो का ताज सर पे
सजा दो कन्हैया।।
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