Movie: Kabhi Alvida Naa Kehna
Year: 2006
Director: Karan Johar
Music: Shankar-Ehsaan-Loy
Lyrics: Javed Akhtar
Singers: Sonu Nigam, Alka Yagnik
Sonu
तुम को भी है खबर, मुझको भी है पता
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
दूर जाके भी मुझसे तुम मेरी यादों में रेहना
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
Alka
तुम को भी है खबर, मुझको भी है पता
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
दूर जाके भी मुझसे तुम मेरी यादों में रेहना
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
Alka आ आ आ
Alka
जितनी थी खुशियाँ सब खो चुकी है
बस एक ग़म है की जाता नहीं
Sonu
समझा के देखा बेहला के देखा
दिल है की चैन इसको आता नहीं
Alka
आसूं है की है अंगारे
आग है कब आँखों से बेहना
Sonu
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
Alka
कभी अलविदा ना केहना
Sonu आ आ आ आ आ आ आ आ
Alka आ आ आ
Sonu
रुत आ रही है, रुत जा रही है
दर्द का मौसम बदला नहीं
Alka
रंग ये ग़म इतना है गहरा
सदियों मैं होगा हल्का नहीं
हल्का नहीं
Sonu
कौन जाने क्या होना है
हम को है अब क्या क्या सेहना
Alka
कभी अलविदा
Sonu
कभी अलविदा ना केहना
Alka
कभी अलविदा ना केहना
Sonu
तुम को भी है खबर, मुझको भी है पता
Alka
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
Sonu
दूर जाके भी मुझसे तुम मेरी यादों में रेहना
Alka
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
Sonu
कभी अलविदा ना केहना
कभी अलविदा ना केहना
Alka
कभी अलविदा ना केहना
Bollywood Movie Lyrics in Hindi, Hindi Movie Song Lyrics in Hindi, Classic,Old,New Bollywood Songs Lyrics Hindi , Indian Movie Lyrics in Hindi Font हिंदी गाने - हिंदी गीत लिरिक्स हिंदी में
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो Yunhi Be-Sabab Na Fira Karo Koi Bashir Badr Ghazal
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक स...

-
बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला, पाँव में घुंगरू बांध के नाचे, जपे राम की माला, बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला।। सिया राम ही राम पुकारे, हनुमत जाए ...
-
जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी॥ जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनी दुति गाता॥ देवी पूजि पद कमल तुम्हारे। सुर नर मुनि सब होह...
-
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं। अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं॥ आग-निगम-पुरान सबै इतिहास सदा जि...
No comments:
Post a Comment