Saturday, March 10, 2018

Na Main Dhan Chahun – Kala Bazar

Movie: Kala Bazar
Year: 1960
Director: Vijay Anand
Music: S.D. Burman
Lyrics: Shailendra
Singers: Geeta Dutt, Sudha Malhotra


ना मैं धन चाहूँ, ना रतन चाहूँ
ना मैं धन चाहूँ, ना रतन चाहूँ
तेरे चरणों की धूल मिल जाए
तेरे चरणों की धूल मिल जाए
तो मैं तर जाऊं, श्याम तर जाऊं
हे राम तर जाऊं

मोह मन मोहे, लोभ ललचाये
मोह मन मोहे, लोभ ललचाये
कैसे कैसे ये नाग लहराए
कैसे कैसे ये नाग लहराए
इससे पहले की दिल उधर जाए
मैं तो मर जाऊं, यूँ मैं मर जाऊं
ना मैं धन चाहूँ, ना रतन चाहूँ

आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ

लाये क्या थे जो लेके जाना है
लाये क्या थे जो लेके जाना है
नेक दिल ही तेरा खज़ाना है
नेक दिल ही तेरा खज़ाना है
शाम होते ही पंछी आ जाए
अब तो घर जाऊं अपने घर जाऊं
तेरे चरणों की धूल मिल जाए
तो मैं तर जाऊं, श्याम तर जाऊं
हे राम तर जाऊं

आ आ आ आ आ आ आ आ

थम गया पानी, जम गयी कायी
थम गया पानी, जम गयी कायी
बहेती नदिया ही साफ़ केहेलायी
बहेती नदिया ही साफ़ केहेलायी
मेरे दिल ने ही जाल फैलाए
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं
अब किधर जाऊं, मैं किधर जाऊं

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