Saturday, March 10, 2018

Sach Hue Sapne Tere – Kala Bazar

Movie: Kala Bazar
Year: 1960
Director: Vijay Anand
Music: S.D. Burman
Lyrics: Shailendra
Singers: Asha Bhosle

हो हो ओ ओ
सच हुए
सच हुए सपने तेरे झूम ले ओ मन मेरे
सच हुए सपने तेरे झूम ले ओ मन मेरे
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
सच हुए सपने तेरे

बेकल मन का धीरज लेकर मेरे साजन आये
बेकल मन का धीरज लेकर मेरे साजन आये
जैसे कोई सुबह का भूला सांझ को घर आ जाए
प्रीत ने रंग बिखेरे झूम ले ओ मन मेरे
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
सच हुए सपने तेरे

मन की पायल छम छम बोले हर एक सांस तराना
मन की पायल छम छम बोले हर एक सांस तराना
धीरे धीरे सीख लिया अखियों ने मुसकाना
हो गए दूर अँधेरे झूम ले ओ मन मेरे
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
सच हुए सपने तेरे

आ हा आ हा ला हा

जिस उलझन ने दिल उलझाके सारी रात जगाया
जिस उलझन ने दिल उलझाके सारी रात जगाया
बनी है वो आज प्रीत की माला मन का मीत मिलाया
जगमग सांझ सवेरे झूम ले ओ मन मेरे
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
चिकी चिकी चिक चा चा छई
चिकी चिकी चिक चा
सच हुए सपने तेरे

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