Movie: Kala Bazar
Year: 1960
Director: Vijay Anand
Music: S.D. Burman
Lyrics: Shailendra
Singers: Mohammed Rafi
ओ हो हो हो, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद
मस्ती भरी हवा जो चली
मस्ती भरी हवा जो चली
खिल खिल गयी ये दिल की कलि
मन की गली में है खलबली
के उनको तो बुलाओ
ओ हो हो हो, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
तारे चलें, नज़ारे चलें
तारे चलें, नज़ारे चलें
संग संग मेरे वो सारे चले
चारों तरफ इशारे चले
किसी के तो हो जाओ
ओ हो हो हो, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ऐसी ही रात, भीगी सी रात
ऐसी ही रात, भीगी सी रात
हाथों में हाथ होते वो साथ
केह लेते उनसे दिल की ये बात
अब तो न सताओ
ओ हो हो हो, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
हम मिट चले जिनके लिए
हम मिट चले हैं जिनके लिए
बिन कुछ कहे वो चुप चुप रहे
कोई ज़रा ये उनसे कहे
न ऐसे आज़माओ
ओ हो हो हो, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुमको भी कैसे नींद आएगी
ओ ओ, खोया खोया चाँद, खुला आसमान
खोया खोया चाँद, खोया खोया चाँद
खोया खोया चाँद, खोया खोया चाँद
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