Saturday, March 10, 2018

Aaj Kal Paaon Zameen Par – Ghar

Movie: Ghar
Year: 1978
Director: Manik Chatterje
Music: R.D. Burman
Lyrics: Gulzar
Singers: Lata Mangeshkar

आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा हैं कभी तुमने मुझे उड़ाते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे

जब भी थामा हैं तेरा हाथ तो देखा हैं
जब भी थामा हैं तेरा हाथ तो देखा हैं
लोग कहते हैं के बस हाथ की रेखा हैं
हमने देखा हैं दो तकदीरों को जुड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा हैं कभी तुमने मुझे उड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे

नींद सी रहेती है, हलकासा नशा रहता हैं
रात दिन आखों में एक चेहरा बसा रहता हैं
पर लगी आखों को देखा हैं कभी उड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा हैं कभी तुमने मुझे उड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे

जाने क्या होता है हर बात पे कुछ होता हैं
दिन में कुछ होता है और रात में कुछ होता हैं
थाम लेना जो कभी देखो हमे उड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा हैं कभी तुमने मुझे उड़ते हुए
आज कल पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ते मेरे

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