Saturday, March 10, 2018

Aankhon Ki Gustakhiyan – Hum Dil De Chuke Sanam

Movie: Hum Dil De Chuke Sanam
Year: 1999
Director: Sanjay Leela Bhansali
Music: Ismail Darbar
Lyrics: Mehboob
Singers: Kavita Krishnamurthy, Kumar Sanu

Kumar
आँखों की गुस्ताखियाँ माफ़ हों
ओ आँखों की गुस्ताखियाँ माफ़ हों
एक दुःख तुम्हें देखती हैं
जो बात केहना चाहे जुबां तुमसे वो ये कहती हैं

Kavita
आँखों की शर्मोहया माफ़ हो
तुम्हें देखके झुकती हैं
उठी आँखें जो बात न केह सकीं
झुकी आँखें वो केहती हैं
Kumar
आँखों की
Kavita
आँखों की
Kumar
गुस्ताखियाँ माफ़ हों

Kumar
काजल का एक तिल तुम्हारे लाभों पे लगा लूं
(Kavita ला ला ला)
हाँ चंदा और सूरज की नज़रों से तुमको बचा लूं
(Kavita ह्म्म्म)
ओह पलकों की चिलमन में आओ मैं तुमको छुपा लूं
(Kavita आ आ)
ख्यालों की ये शोखियाँ, माफ़ हों
हर दम तुम्हें सोचती हैं
जब होश में होता है जहाँ मदहोश ये करती हैं
Kavita
आँखों की शर्मोहया माफ़ हो

Kavita
ये ज़िन्दगी आपकी ही अमानत रहेगी
(Kumar ऐ हे)
दिल में सदा आपकी ही मोहब्बत रहेगी
(Kumar ऐ हे)
इन साँसों को आपकी ही ज़रुरत रहेगी
हो इस दिल की नादानियां माफ़ हों
ये मेरी कहाँ सुनती हैं
ये पल पल जो होते हैं बेपल सनम तो सपने नए बुनती हैं

Kumar
आँखों की
Kavita
आँखों की
Kumar
गुस्ताखियाँ माफ़ हों
Kavita
शर्मोहया माफ़ हो

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