Kabhi Kabhie Mere Dil Mein – Kabhi Kabhie
Movie: Kabhi Kabhie
Year: 1976
Director: Yash Chopra
Music: Khayyam
Lyrics: Sahir Ludhianvi
Singers: Lata Mangeshkar, Mukesh
Mukesh
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
Lata
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अबसे पेहले सितारों में बस रही थी कहीं
तू अबसे पेहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाओं हैं मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शेह्नाइयां सी राहों में
के जैसे बजती हैं शेह्नाइयां सी राहों में
Mukesh
सुहाग रात हैं घूंघट उठा रहा हूँ मैं
Lata
सुहाग रात हैं घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शर्मा के अपनी बाहों में
सिमट रही है तू शर्मा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूहीं
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूहीं
Mukeh
मैं जानता हूँ की तू गैर है मगर यूहीं
मैं जानता हूँ की तू गैर है मगर यूहीं
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
Lata
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
Year: 1976
Director: Yash Chopra
Music: Khayyam
Lyrics: Sahir Ludhianvi
Singers: Lata Mangeshkar, Mukesh
Mukesh
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
Lata
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अबसे पेहले सितारों में बस रही थी कहीं
तू अबसे पेहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाओं हैं मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शेह्नाइयां सी राहों में
के जैसे बजती हैं शेह्नाइयां सी राहों में
Mukesh
सुहाग रात हैं घूंघट उठा रहा हूँ मैं
Lata
सुहाग रात हैं घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शर्मा के अपनी बाहों में
सिमट रही है तू शर्मा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूहीं
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूहीं
Mukeh
मैं जानता हूँ की तू गैर है मगर यूहीं
मैं जानता हूँ की तू गैर है मगर यूहीं
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
Lata
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
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