Saturday, March 10, 2018

Masakali – Delhi 6

Movie: Delhi 6
Year: 2009
Director: Rakeysh Omprakash Mehra
Music: A.R. Rahman
Lyrics: Prasoon Joshi
Singers: Mohit Chauhan

ए मसकली मसकली, उड़ मटकली मटकली
ए मसकली मसकली, उड़ मटकली मटकली
ए मसकली मस मस मसकली, उड़ मटकली मटकली
मसकली मसकली, उड़ मटकली मटकली
ज़रा पंख झटक गयी, धुल अटक और लचक मचाक के दूर भटक
उड़ डगर डगर कसबे कुचे नुक्कड़ बस्ती में yeah yeah
इत्दी से मुद अदा से उड़, कर ले पूरी दिल की तमन्ना
हवा से जुड़ अदा से उड़, पुर्र्र्र भूर्र्र भुर्र्र फूर्र्र
तू है हीरा पन्ना रे
मसकली मसकली, उड़ मटकली मटकली
ए मसकली मसकली, उड़ मटकली मटकली

घर तेरा सलोनी, बदल की कॉलोनी
दिख्लादे ठेंगा इन सबको जो उड़ना ना जाने
उडियो न डरियो, कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुडियों कर नादानी
उडियो न डरियो, कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुडियों कर नादानी
अब ठान ले मुस्कान ले, केह सना नाना नाना हवा
बस ठान ले तू जान ले, केह सना नाना नाना हवा
ए मसकली मस मस मसकली, उड़ मटकली मटकली
मसकली मस मस मसकली, उड़ मटक

तुझे क्या गम तेरा रिश्ता, गगन की बासुरी से है
पवन की गुफ्तगू से है, सूरज की रोशनी से है
उडियो न डरियो, कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुडियों कर नादानी
उडियो न दारियो, कर मनमानी मनमानी मनमानी
बढियो ना मुडियों कर नादानी
अब ठान ले मुस्कान ले, केह सना नाना नाना हवा
बस ठान ले तू जान ले, केह सना नाना नाना हवा
मसकली मस मस मसकली, उड़ मटक मटक मटकली
मसकली मस मस मसकली, मटक मटक मटक

No comments:

Post a Comment

Featured post

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो Yunhi Be-Sabab Na Fira Karo Koi Bashir Badr Ghazal

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक स...