Yahan Ke Hum Sikandar – Jo Jeeta Wohi Sikandar
Movie: Jo Jeeta Wohi Sikandar
Year: 1992
Director: Mansoor Khan
Music: Jatin-Lalit
Lyrics: Majrooh Sultanpuri
Singers: Sadhana Sargam, Udit Narayan, Jatin Pandit, Lalit Pandit
वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है
हारी बाज़ी को जीतना जिसे आता है
निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
हे निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है
जो सब करते हैं यारों वो क्यूँ हम तुम करें
यूंही कसरत करते करते काहे को हम मरें
घरवालों से टीचर से भला हम क्यूँ दरें
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हमसे बचके रेहना मेरे यार
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
ये गलियां अपनी ये रस्ते अपने कौन आयेगा अपने आगे
हे राहों में हमसे टकराएगा जो हट जायेगा वो घबराके
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हमसे पंगा मत लेना मेरी जान
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
ये भोली भाली मतवाली परियां जो हैं अब दौलत पे कुर्बान
जब कीमत दिल की ये समझेंगी तो हमपे छिडकेंगी अपनी जान
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हम भी है शेहेजादे गुलबान
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
हे निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
Year: 1992
Director: Mansoor Khan
Music: Jatin-Lalit
Lyrics: Majrooh Sultanpuri
Singers: Sadhana Sargam, Udit Narayan, Jatin Pandit, Lalit Pandit
वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है
हारी बाज़ी को जीतना जिसे आता है
निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
हे निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
वो सिकंदर ही दोस्तों कहलाता है
जो सब करते हैं यारों वो क्यूँ हम तुम करें
यूंही कसरत करते करते काहे को हम मरें
घरवालों से टीचर से भला हम क्यूँ दरें
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हमसे बचके रेहना मेरे यार
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
ये गलियां अपनी ये रस्ते अपने कौन आयेगा अपने आगे
हे राहों में हमसे टकराएगा जो हट जायेगा वो घबराके
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हमसे पंगा मत लेना मेरी जान
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
ये भोली भाली मतवाली परियां जो हैं अब दौलत पे कुर्बान
जब कीमत दिल की ये समझेंगी तो हमपे छिडकेंगी अपनी जान
यहाँ के हम सिकंदर
चाहें तो रख लें सब को अपनी जेब के अन्दर
अरे हम भी है शेहेजादे गुलबान
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
हारी बाज़ी को जीतना हमें आता है
निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
हे निकलेंगे मैदान में जिस दिन हम झूमके
धरती डोलेगी ये कदम चूमके
नहीं समझे है वो हमें तो क्या जाता है
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