Movie: Bombay
Year: 1995
Director: Mani Ratnam
Music: A.R. Rahman
Lyrics: Mehboob
Singers: Remo Fernandez
एक हो गए हम और तुम तो उड़ गयी नींदें रे
और खनकी पायल मस्ती में तो कंगन खनके रे
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
ये पहली बार मिले तुम पे दम ये निकले
तुम पे ये जवानी धीरे धीरे मद्धम मचले रे
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
खिली चांदनी जैसा ये बदन जनम मिला तुमको
मन में सोचा था जैसा रूप तेरा आया नज़र हमको
सितम खुली खुली ये सनम गोरी गोरी ये बाहें करती हैं यूं
हमें तुमने जब गले लगाया तो खो ही गए हम तो
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
एक हो गए हम और तुम तो उड़ गयी नींदें रे
और खनकी पायल मस्ती में तो कंगन खनके रे
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
ये पहली बार मिले तुम पे दम ये निकले
तुम पे ये जवानी धीरे धीरे मद्धम मचले रे
हम्मा
हे हे हम्मा
खुली ज़ुल्फ़ में तेरी आँखों में मदहोश हो गए
गोरे गाल पे भीगे होंठ पे यारा फ़िदा हो गए
सनम प्यार में भीगी रात में प्यास जगाते रहे
ख़तम ना हो सनम प्यार का मौसम चाहत बढती रहे
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
एक हो गए हम और तुम तो उड़ गयी नींदें रे
और खनकी पायल मस्ती में तो कंगन खनके रे
हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हे हम्मा
हे हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा हम्मा
हे हे हम्मा हम्मा
हम्मा
Bollywood Movie Lyrics in Hindi, Hindi Movie Song Lyrics in Hindi, Classic,Old,New Bollywood Songs Lyrics Hindi , Indian Movie Lyrics in Hindi Font हिंदी गाने - हिंदी गीत लिरिक्स हिंदी में
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो Yunhi Be-Sabab Na Fira Karo Koi Bashir Badr Ghazal
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक स...

-
बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला, पाँव में घुंगरू बांध के नाचे, जपे राम की माला, बजरंग बाला जय हो बजरंग बाला।। सिया राम ही राम पुकारे, हनुमत जाए ...
-
जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी॥ जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनी दुति गाता॥ देवी पूजि पद कमल तुम्हारे। सुर नर मुनि सब होह...
-
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं। अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं॥ आग-निगम-पुरान सबै इतिहास सदा जि...
No comments:
Post a Comment